(Getting Started) सिविल सेवा परीक्षा हेतु भारतीय इतिहास की तैयारी कैसे करें ?


सिविल सेवा परीक्षा हेतु भारतीय इतिहास की तैयारी कैसे करें ?


सिविल सेवा की प्रारंभिक परीक्षा इस वर्ष 24 अगस्त को होगी ।  इस परीक्षा में सफलता हेतु पाठ्यक्रम के  हर एक भाग  के लिए संतुलित तैयारी होनी चाहिए । इस आलेख में आईएस एग्जाम पोर्टल का  यह बताने का  प्रयास  है कि भारतीय इतिहास हेतु अध्ययन की  रणनीति  क्या हो ? भारतीय इतिहास  की अच्छी तैयारी से प्रारंभिक परीक्षा और मुख्य परीक्षा दोनों में  लाभ मिलता है। युपीएससी पोर्टल आगे के आलेख में सामान्य अध्ययन के अन्य टॉपिक को विश्लेषित करेगा । आशा है तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को को हमारे प्रयास द्वारा मदद मिल सकेगी ।

सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा में भारतीय इतिहास से  हर वर्ष लगभग 20-22 प्रश्न पूछे जाते हैं । प्रश्नों की संख्या को देखते हुए यह लगभग एक चौथाई है । अभ्यर्थी को इस टॉपिक में बेहतर प्रदर्शन करना चाहिए । 2013 के प्रारंभिक परीक्षा में भारतीय इतिहास से 15 प्रश्न पूछे गए जिसमें भारतीय संस्कृति से 8 प्रश्न ,आधुनिक भारत से 5 प्रश्न जबकि प्राचीन तथा मध्यकालीन भारत से 2 प्रश्न पूछे गए ।
 

तैयारी कैसे करें ?

  • अभ्यर्थी को सबसे पहले इतिहास की  6 ठी से 12 वीं तक की एनसीइआरटी की किताबों का अध्ययन करना चाहिए । इसके द्वारा आधारभूत समझ , विषयवस्तु  की समझ और अवधारणा निर्माण में सहायता मिलती है ।  एनसीइआरटी की किताबो के अध्ययन के बाद झा और श्रीमाली द्वारा लिखित प्राचीन भारत का इतिहास और विपिन चंद्रा  द्वारा लिखित आधुनिक भारत का इतिहास आदि किताबों अध्ययन परीक्षा की दृष्टिकोण से लाभदायक होगा ।

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  • इतिहास का अध्ययन करते समय देश की कला और संस्कृति को बेहतर तरीके से समझना चाहिए । क्योंकि सिविल सेवा परीक्षा में कला और संस्कृति को विशेष महत्व दिया गया है । साथ ही सिविल सेवक से अपेक्षा की  जाती है कि उसे देश की  कला और संस्कृति की बेहतर समझ हो।
     

  • प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा में दोनों में प्रचीन भारत और आधुनिक भारत से सामान्यतः प्रश्नोँ की संख्या ज्यादा होती है । इसलिए तैयारी के दौरान अभ्यर्थी  को इन दोनों टॉपिक का अच्छें से अध्ययन करना चाहिए ताकि परीक्षा मे ज्यादा से ज्यादा अंक हासिल किया जा सके ।
     

  • वर्तमान में ऑनलाइन कोचिंग अध्ययन के लिये एक  बेहतर विकल्प है ।  ग्रामीण और दूरदराज के छात्रों के लिए  तो यह और भी  उपयोगी है । ऑनलाइन कोचिंग पर उपलब्ध अध्ययन सामाग्री  छात्रों के लिए लाभदायक है ।
     

  • अभ्यर्थी को ज्यादा से ज्यादा पिछले वर्ष के प्रश्न पत्रो को हल करना चाहिए । प्रश्नों के अभ्यास हेतु अभ्यर्थी को प्रश्न पत्र पुस्तिका की सहायता लेनी चाहिए । छात्रों को इससे एक तो प्रश्नो की प्रकृति को समझने में मदद  मिलती है साथ ही अवधारणा में स्पष्टता आती है ।

वर्ष 2012 के प्रारंभिक परीक्षा में भारतीय इतिहास से पूछे गए प्रश्नों  का उदाहरण-

प्रश्न- प्राचीन भारत में देश की अर्थव्यवस्था मे अत्यन्त महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली 'श्रेणी ' संगठन के सन्दर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं ?

  1. प्रत्येक 'श्रेणी' राज्य की एक केन्द्रीय प्राधिकरण के साथ पंजीकृत होती थी और प्रशासनिक स्तर पर राजा उनका प्रमुख होत था ।

  2. 'श्रेणी' ही वेतन ,काम करने के नियमोँ ,मानकों और कीमतों को सुनिश्चित करती थी । 

  3. 'श्रेणी' का अपने सदस्यों पर न्यायिक अधिकार होता था ।

प्रश्न- भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का लाहौर अधिवेशन (1929) इतिहास में इसलिए बहुत प्रसिद्द है क्योंकि -

  1. कांग्रेस ने पूर्ण स्वराज्य की मांग का एक संकल्प पारित किया ।

  2. इस अधिवेशन में उग्रवादियों और उदारवादियों के बीच झगड़े को सुलझा लिया गया ।

  3. इस अधिवेशन में दो राष्ट्र की मांग के सिद्धांत को अस्वीकार करते हुए एक संकल्प पारित किया गया ।

 

मुख्य परीक्षा में भारतीय इतिहास का मह्त्व

वर्ष 2013 के मुख्य परीक्षा में भारतीय इतिहास टॉपिक से सामान्य अध्ययन के प्रथम प्रश्न पत्र में लगभग 150 अंक के प्रश्न पूछे गए । अभ्यर्थी को भारतीय इतिहास की बेहतर तैयारी करनी चाहिए ताकि अच्छे अंक हासिल किया जा सके । इसके लिए बेहतर विश्लेषण क्षमता के साथ अच्छी लेखन शैली की आवश्यकता होती है ।  नियमित अभ्यास से  बेहतर विश्लेषण क्षमता के साथ अच्छी लेखन शैली का निर्माण किया जा सकता है ।

 

एक्सप्रेस पॉइंट

  • तैयारी  के दौरान हमेशा उचित अध्ययन सामग्री का अध्ययन करना चाहिए । क्योंकि ऐसे अध्ययन सामग्री को पढ़ना जिनकी परीक्षा के लिए कोई उपयोगिता नहीं है , उससे समय और ऊर्जा दोनों नष्ट होंगे ।  

  • सिविल सेवा परीक्षा के लिय विषय का चयन करते समय किसी भी प्रकार के अफवाह पर ध्यान नहीं देना चाहिए । बेहतर यही होगा कि संघ लोक सेवा आयोग के वेबसाइट से यह पता लगाया  जाए कि  उक्त  विषय से चयन का क्या अनुपात है ।

  • तथ्यों को रटने के बजाय विषयवस्तु को समझने में ध्यान देना चाहिय । इस रणनीति से छात्र अपनी अवधारणात्मक  समझ को बढ़ा सकते हैं और सिविल सेवा परीक्षा में सफलता की तरफ कदम बढ़ा सकते हैं ।

आप किसी भी सहायता व मार्गदर्शन के लिए हमे संपर्क कर सकते हैं।

IASEXAMPORTAL की ओर  से सभी अभ्यर्थियो को शुभकामनाओं सहित !

आईएस एग्जाम पोर्टल हिन्दी टीम

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Disclaimer: IASEXAMPORTAL.COM संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के साथ संबद्ध नहीं है, संघ लोक सेवा आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाने के लिए www.upsc.gov.in पर क्लिक करें ।

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