प्रारंभिक परीक्षा 2014 (रणनीति - 1)

प्रारंभिक परीक्षा 2014 (रणनीति - 1)

संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा इस वर्ष 24 अगस्त को होनी है । हालांकि मैराथन दौड़ रूपी इस परीक्षा में अभी पर्याप्त समय है लेकिन प्रतिस्पर्धा को देखते हुए अभ्यर्थियों को अभी से ही परीक्षा की प्रभावी रणनीति बना कर उस पर अमल करना शुरू कर देना चाहिए । वर्ष 2011 से सिविल सेवा (प्रारंम्भिक) परीक्षा के पाठ्यक्रम में बदलाव किया गया । बदले हुए पाठ्यक्रम में वैकल्पिक विषयों को हटाकर सामान्य अध्ययन द्वितीय प्रश्न पत्र लाया गया है ।

वर्तमान में प्रारंम्भिक परीक्षा मे सामान्य अध्ययन प्रथम प्रश्न पत्र और सामान्य अध्ययन द्वितीय प्रश्न पत्र होता है । सामान्य अध्ययन प्रथम प्रश्न पत्र में पहले की तरह ही भारतीय इतिहास, भारतीय राजनीतिक व्यवस्था, भारतीय अर्थव्यवस्था, सामान्य विज्ञान आदि से सम्बन्धित 100 प्रश्न होते है और जिसके लिए 200 अंक निर्धारित होता है । जबकि सामान्य अध्ययन द्वितीय प्रश्न पत्र में बोध गम्यता, निर्णय लेना एवं समस्या समाधान, अंतरवैयक्तिक कौशल आदि टाॅपिक से 80 प्रश्न पुछे जाते है और इसके लिए भी 200 अंक निर्धारित है ।

छात्रों को सबसे ज्यादा सावधानी परीक्षा में प्रश्नों के उत्तर देते हुए करना चाहिए क्योकि गलत उत्तर देने पर नकारात्मक अंक का प्रावधान है । यानि एक गलत उत्तर देने पर .33 अंक की कटौती । इस परीक्षा में जहाँ एक-एक अंक का महत्व है ऐसे में छोटी सी भूल भी आपकों इस मैराथन रूपी परीक्षा से बाहर कर सकती है ।

अंक के हिसाब से सामानय अध्ययन द्वितीय प्रश्न पत्र का भरांश अधिक प्रतीत होता है लेकिन यह पूर्णतः सही नहीं है। क्योकिं सामान्य अध्ययन द्वितीय प्रश्न पत्र में बोधगम्यता के प्रश्न में सामान्य अध्ययन पेपर-I के ही टाॅपिक का विश्लेषण करना होता है । साथ ही इन प्रश्नों में सम-समायिक घटनाओं से संबंधित प्रश्न भी होते है । इस प्रकार परीक्षा की प्रकृति को देखते हुए अब ज्ञान के संश्लेषण के बजाय विश्लेषण और अभ्यास पर बल देना चाहिए । विश्लेषणात्मक क्षमता को बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय समाचार पत्र एवं योजना, कुरूक्षेत्र जैसे पत्रिकाओं का निरंतर अध्ययन लाभदायक होगा ।

 

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