(Download) संघ लोक सेवा आयोग सिविल सेवा - मुख्य परीक्षा कृषि Paper-2 - 2011

UPSC CIVIL SEVA AYOG

संघ लोक सेवा आयोग सिविल सेवा - मुख्य परीक्षा (Download) UPSC IAS Mains Exam 2011 कृषि (Paper-2)

खण्ड ‘A’

1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए, जो प्रत्येक लगभग 150 शब्दों में हो : 

(क) पारजीनी क्या होते हैं ? आनुवंशिकत: आपरिवर्तित सस्यों के संबंध में प्रमुख जैवसुरक्षा चिंताओं पर चर्चा कीजिए।

(ख) कोशिकाद्रव्यी उत्परिवर्तन क्या होते हैं ? सस्य सुधार में उनकी भूमिका पर चर्चा कीजिए।

(ग) अपावांछन (रोगिंग) का क्या अर्थ है ? उत्कृष्ट बीज उत्पादन में उसके महत्व पर चर्चा कीजिए।

(घ) प्रकाश-हीन ग्राह्यता क्या होती है ? सस्य उत्पादन में उसके . महत्व पर चर्चा कीजिए। 

2. निम्नलिखित के उत्तर दीजिए, जो प्रत्येक लगभग 150 शब्दों में हो : 

(क) पादप कोशिका की अतिसूक्ष्म संरचना का संक्षेप में वर्णन कीजिए। जीवन की संरचनात्मक और प्रकार्यात्मक इकाई के रूप में ‘कोशिका' को समझाइए।

(ख) अगुणित क्या होते हैं ? वे किस प्रकार उत्पन्न होते हैं ? सस्य सुधार में उनके अनुप्रयोगों पर चर्चा कीजिए।

(ग) भारत में बीज उद्योग की मजबूतियों और कमजोरियों पर समालोचनात्मक रूप से चर्चा कीजिए।

(घ) पादप वाष्पोत्सर्जक-रोधी (ऐंटी-ट्रांसपिरैट) क्या होते हैं ? उनके अनुप्रयोगों पर, उपयुक्त उदाहरण पेश करते हुए, चर्चा कीजिए।

3. निम्नलिखित के उत्तर दीजिए, जो प्रत्येक लगभग 150 शब्दों में हो: 

(क) वंशागम्यता क्या होती है ? वंशागम्यता के प्रकारों और " सस्य सुधार में उनके महत्व को स्पष्ट कीजिए।

(ख) संकरण से क्या तात्पर्य है ? संकरण में तकनीकों पर संक्षेप में चर्चा कीजिए।

(ग) भारत में बीज विधान का एक संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत कीजिए।

(घ) प्रकाश संश्लेषण के C, और C, यांत्रिकत्वों के बीच विभेदन कीजिए और C, चक्र के जैविक महत्व पर चर्चा कीजिए। 

4. निम्नलिखित पर संक्षिप्त टिप्पणियां लिखिए, जो प्रत्येक लगभग 150 शब्दों में होनी चाहिए :-

(क) काय-क्लोनीय विभिन्नता और सस्य सुधार में उसका उपयोग ।

(ख) आण्विक चिह्नक और पादप सुधार में उनके अनुप्रयोग ।

(ग) बीज पंजीकरण।

(घ) पादप ऐंजाइम और, पादपों के अत्यावश्यक कार्यकलापों में उनकी भूमिका।

खण्ड-"ख"

5. निम्नलिखित के उत्तर दीजिए, जो प्रत्येक लगभग 150 शब्दों में हो : 

(क) बहुभ्रूणता की परिभाषा कीजिए। 'आम' और 'सिट्रस' के विशेष हवाले के साथ, बागबानी में उसके महत्व पर चर्चा कीजिए।

(ख) आलू के त' कंद रोग के निदानक लक्षणों, उसके संचरण एवं प्रबंधन की विधि के बारे में लिखिए।

(ग) सूक्ष्म प्रवर्धन क्या होता है ? उसके क्या-क्या लाभ हैं ? बागबानी विषयक फसलों में उसके उपयोग के उपयुक्त उदाहरण प्रस्तुत कीजिए।

(घ) फीरोमोन पाश क्या होता है ? पीड़क प्रबंधन में उसके उपयोग पर चर्चा कीजिए। ।

6. निम्नलिखित के उत्तर दीजिए, जो प्रत्येक लगभग 150 शब्दों में होने चाहिए : 

(क) कैंडीकृत फलों, पालिश चढ़े फलों और चाशनी चढ़े फलों का वर्णन कीजिए और उनके परिरक्षण में शामिल सिद्धांत बताइए।

(ख) सिट्रस के प्रमुख कीट पीड़कों की सूची बनाइए। 'सिट्रस सिल्ला' के संबंध में और उसके प्रबंधन के संबंध में विस्तार से लिखिए।

(ग) पादप संगरोध का क्या मतलब है ? पादपों और बीज सामग्री के आयात-निर्यात का यह किस प्रकार विनियमन करता है ? 

(घ) “खाद्य सुरक्षा' से क्या तात्पर्य है ? खाद्य अन्न उत्पादन एवं खाद्य सुरक्षा पर एक टिप्पणी लिखिए।

7. निम्नलिखित के उत्तर लिखिए, जो प्रत्येक लगभग 150 शब्दों में हो : 

(क) 'सर्पगंधा' (राउलफिया सर्पेन्टाइना) के औषधीय उपयोगों को विस्तार के साथ स्पष्ट कीजिए। सर्पगंधा के लिए व्यवहार्य उत्पादन प्रौद्योगिकी की सिफारिश कीजिए।

(ख) ग्रीनहाउस दशाओं के अधीन कार्नेशन के लिए उत्पादन प्रौद्योगिकी का वर्णन कीजिए।

(ग) केले के गुच्छित शिखर के निदानक लक्षणों, उसके संचरण की विधा और समस्या से लड़ने की प्रबंधन रीतियों पर संक्षेप में लिखिए।

(घ) भारत में काजू उद्योग के उत्पादन, उत्पादकता, खपत और निर्यात का उल्लेख करते हुए, उसकी वर्तमान स्थिति पर चर्चा कीजिए। उसके और आगे के सुधार के लिए रणनीतियां सुझाइए। 

8. निम्नलिखित पर संक्षिप्त टिप्पणियां लिखिए, जो प्रत्येक लगभग 150 शब्दों में होनी चाहिए :-

(क) इकेबाना।

(ख) 'नेटो' और 'नेपो' वाइरस ।

(ग) पपाया में लैंगिक अभिव्यक्ति ।

(घ) फलों और सब्जियों में पीड़कनाशी अवशेष आविषालुता।

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