(Download) संघ लोक सेवा आयोग सिविल सेवा - मुख्य परीक्षा लोक प्रशासन Paper-1- 2016

UPSC CIVIL SEVA AYOG

(Download) UPSC IAS Mains Exam संघ लोक सेवा आयोग सिविल सेवा - मुख्य परीक्षा 2016

(PUBLIC ADMINISTRATION ) लोक प्रशासन(Paper-1)

Exam Name: UPSC IAS Mains PUBLIC ADMINISTRATION (लोक प्रशासन) (Paper-I)

Marks: 250

Time Allowed: 3 Hours.

खण्ड "A"

1. निम्नलिखित में से प्रत्येक प्रश्न का उत्तर लगभग 150 शब्दों में दीजिए : 

(a) “टेलरवाद अपनी लोकप्रियता के बावजूद, बहुत विवादास्पद माना जाता है।" (स्टीफन पी० वारिंग) टिप्पणी कीजिए। 

"(b) “लोक प्रशासन, राजनीति का वास्तविकता में ऐसा अनुवाद है, जिसको नागरिक प्रतिदिन देखते हैं।" (डोनाल्ड एफ० केट्ल एवं जेम्स डब्ल्यू० फेस्लर) व्याख्या कीजिए। 

(c) “मनोबल संगठन को आगे ले जा सकता है या कर्मचारियों के असंतोष, घटिया कार्य-निष्पादन और अनुपस्थितता को पैदा कर सकता है।" परीक्षण कीजिए। 

(d) “सार्वजनिक निगमों की स्वायत्तता ने उनकी आन्तरिक कार्यशैली और मंत्रियों एवं संसद के साथ उनके बाह्य सम्बन्ध के बारे में एक बड़ी बहस खड़ी कर दी है।" विवेचन कीजिए। 

(e) “कतिपय फायदों के बावजूद, सामाजिक लेखापरीक्षा व्यवस्थाएँ अधिकांशतः अप्रभावी रही हैं, क्योंकि दण्डात्मक कार्रवाई के लिए कोई वैधानिक व्यवस्था नहीं है।" टिप्पणी कीजिए। 

2. (a) “डग्लस मैक्ग्रेगर की थियोरी X और थियोरी Y संगठन में प्रबन्धकों के द्वारा अनुप्रयुक्त कार्यबल अभिप्रेरण के दो विषम मॉडलों का वर्णन करती हैं।” परीक्षण कीजिए। 

(b) “नव लोक प्रशासन ने इस शास्त्र की परम्परागत संकल्पनाओं तथा दृष्टिकोण को गम्भीरतापूर्वक झझकोर दिया है, तथा इसे समाज से निकटतम रूप में जोड़ते हुए अपेक्षाकृत विस्तृत परिप्रेक्ष्य प्रदान करने के द्वारा विषय को समृद्ध बनाया है।" (फेलिक्स ए० नीग्रो एवं लॉय्ड जी० नीग्रो) सुस्पष्ट कीजिए। 

(c) “प्रशासनिक विधि का केन्द्रीय सरोकार प्रशासनिक विवेक की वैधानिक परिसीमा रहा है।" कारण प्रस्तुत कीजिए। 

3. (a) “यदि विनियामक आयोग .... पूर्णतया स्वतंत्र हों, तो वे अति महत्त्वपूर्ण नीति-निर्धारण करने में तथा प्रशासनिक कार्य करने में पूर्णतया गैरजिाणेदार होते हैं .... इसके दूसरी तरफ, आयोगों की स्वतंत्रता को छीन लेना, उनके न्यायिक कार्य के निष्पक्ष निष्पादन में गंभीर संकट पैदा कर देना है।” (कशमैन) परीक्षण कीजिए। 

(b) “सुशासन का अर्थ मानवाधिकारों के प्रति सम्मान और विधिसम्मत शासन, लोकतंत्र का सुदृढ़ीकरण, पारदर्शिता की प्रोन्नति और लोक प्रशासन में क्षमता को सुनिश्चित करना है।" (कोफी अन्नान) इस कथन के प्रकाश में संयुक्त राष्ट्र और नयेफ अल-रोधान के द्वारा प्रदत्त सुशासन के मापदण्डों का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए। 

(c) “प्रशासन पर विधायी नियंत्रण उतना प्रभावी नहीं है जितना कि उसे होना चाहिए।" टिप्पणी कीजिए। 

4. (a) “ब्लेक एवं माउटन ने नेतृत्व शैलियों को दो आयामों लोगों के लिए सरोकार तथा उत्पादन के लिए सरोकार के आधार पर परिभाषित किया था।" इस कथन के प्रकाश में प्रबन्धकीय ढाँचा (ग्रिड) मॉडल का विवेचन कीजिए। तर्क सहित समझाइए कि कौन-सी शैली सर्वश्रेष्ठ है। 

(b) “ब्यूरो-आकृतिदायी मॉडल का विकास बजट-अधिकतमीकरण मॉडल की प्रतिक्रिया के रूप में किया गया है।" टिप्पणी कीजिए। 

(c) “सिविल समाज, राज्य और बाज़ार के विरुद्ध लोगों को सुरक्षा प्रदान करने तथा राज्य को प्रभावित करने की लोकतांत्रिक इच्छा को बलवती करने में मुख्य भूमिका अदा करता है।" उपयुक्त उदाहरणों सहित इस कथन का विश्लेषण कीजिए। 

खण्ड "B"

5. निम्नलिखित में से प्रत्येक प्रश्न का उत्तर लगभग 150 शब्दों में दीजिए : 

(a) “प्रशिक्षण को वेतन सहित अवकाश माना जाता है।" टिप्पणी कीजिए। 

(b) “सार्वजनिक ऋणादान अर्थव्यवस्था पर विभिन्न प्रभावों को पैदा करता है।" व्याख्या कीजिए। 

(c) “स्वयं-सहायता समूहों को महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण हेतु सहभागी उपागम अपनाने का एक सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण उपकरण माना जाता है।" टिप्पणी कीजिए। 

(d) “रिग्ज़ ने टिप्पणी की थी कि लोक प्रशासन के तुलनात्मक अध्ययन में तीन 'प्रवृत्तियाँ देखी जा सकती हैं।" विवेचन कीजिए। 

(e) “लोक नीति-निर्माण में ‘तर्कसंगतवाद', 'क्रमिकवृद्धिवाद' के विपरीत होता है।" परीक्षण कीजिए। 

6. (a) “फ्रेड रिग्ज़ ने परिशुद्ध मॉडल का सृजन करने के क्रम में अपने सिद्धान्त को अनवरत रूप से परिवर्तित किया था।" टिप्पणी कीजिए। 

(b) “विकास का विचार बौद्धिक परिदृश्य में एक खंडहर की तरह खड़ा है” तथा “समय आ गया है कि इस मानसिक संरचना को विध्वंस किया जाए"। (वॉल्फगैंग सैक्स) इस कथन के प्रकाश में विकास-विरोधी अवधारणा का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए। 

(c) “सूचना प्रौद्योगिकी, लोक प्रशासन में दक्षता और पारदर्शिता लाती है।" उपयुक्त उदाहरणों सहित इस कथन का परीक्षण कीजिए। 

7. (a) “राजकोषीय नीति तथा मौद्रिक नीति दो ऐसे उपकरण हैं, जिनका राज्य समष्टि अर्थशास्त्रीय उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए इस्तेमाल करता है।" इस कथन का परीक्षण कीजिए तथा दोनों उपकरणों के बीच अन्तर को उजागर कीजिए। 

(b) “निष्पादन मूल्यांकन के उपयोग का केंद्रीय कारण कर्मचारियों के निष्पादन का उन्नयन करना है।" इस कथन के प्रकाश में, संगठन में निष्पादन मूल्यांकन की आवश्यकताओं का विश्लेषण कीजिए। 

(c) “समस्या एक प्रतियोगी बाज़ार अर्थव्यवस्था और एक प्रभावी राज्य के बीच सही संतुलन प्राप्त करने की है : बाज़ार जहाँ कहीं संभव हो; राज्य जहाँ आवश्यक हो।" अपने उत्तर का औचित्य सिद्ध कीजिए। 

8. (a) “निष्पादन-आधारित बजटन की समझ की कुंजी परिणाम' शब्द के तले निहित है।" इस कथन के प्रकाश में निष्पादन-आधारित बजटन के तत्त्वों का परीक्षण कीजिए। 

(b) “अनुशासनात्मक कार्रवाई अनौपचारिक और औपचारिक हो सकती है।" व्याख्या कीजिए तथा अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की शक्ति के दुरुपयोग को नियन्त्रित करने हेतु संविधान अथवा विधान में बनाए गए प्रावधानों को चित्रित कीजिए। 

(e) " 'कार्य अध्ययन' शब्द का इस्तेमाल अपेक्षाकृत अधिक संकुचित और अपेक्षाकृत अधिक बृहद् अभिप्रायों में किया जा सकता है।' सुस्पष्ट कीजिए।

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