(Download) संघ लोक सेवा आयोग सिविल सेवा - मुख्य परीक्षा कृषि Paper-1 - 2018

UPSC CIVIL SEVA AYOG

संघ लोक सेवा आयोग सिविल सेवा - मुख्य परीक्षा (Download) UPSC IAS Mains Exam 2018 कृषि (Paper-1)

खण्ड ‘A’

1. ’ निम्नलिखित प्रत्येक का लगभग 150 शब्दों में वर्णन कीजिए : 

(a) भूमण्डलीय तापन (ग्लोबल वार्मिंग) एवं इसका फसल उत्पादकता पर प्रभाव

(b) शुष्क एवं बारानी कृषि हेतु आसंग योजना

(c) खाद्य सुरक्षा के राष्ट्रीय लक्ष्य के परिपूर्णन हेतु संकर व उच्च उत्पादित प्रजातियों की भूमिका

(d) जल उपयोग दक्षता बढ़ाने हेतु सही जल संचय सिंचाई पद्धतियां

(e) भारत में कृषि विपणन के सुधार के लिए पहल

2.(a) विभिन्न परिस्थितिकी तंत्र के अन्तर्गत जल संचयन के प्रकार एवं महत्व पर चर्चा कीजिए।

(b) मृदा जैव पदार्थ मात्रा को प्रभावित करने वाले कारकों के बारे में समझायें । मृदा जैव पदार्थ बढ़ाने हेतु तकनीकों का वर्णन कीजिए।

(c) कृषि विकास हेतु तकनीकी विस्तार में गैर सरकारी संगठनों एवं स्वयं सहायता समूहों की भूमिका क्या है ?

3.(a) धान की सीधी एरोबिक बुवाई एवं एस. आर. आई. पद्धति की प्रथाओं का तुलनात्मक वर्णन कीजिए।

(b) कृषि विज्ञान केन्द्रों की जिम्मेदारियां क्या हैं ? कृषि विज्ञान केन्द्र कृषि तकनीकों के विस्तार एवं किसानों के सामाजिक-आर्थिक उत्थान में किस तरह से सहायक है ?

(c) भारतीय कृषि के परिपेक्ष्य में सुदूर संवेदन (रिमोट सेन्सिंग) की उपयोगिता के बारे में चर्चा कीजिये। 

4.(a) धान की लोष्ठवती मृदा में क्या बदलाव आते हैं ? इन मृदाओं में नत्रजन की स्थिति व नत्रजन उपयोग दक्षता बढ़ाने के बारे में वर्णन करें।

(b) गैर परंपरागत वानिकी पद्धति के प्रकार व लाभ के बारे में वर्णन करें । गैर परंपरागत वानिकी हेतु उपयुक्त वृक्ष प्रजातियों की विशेषताओं के बारे में बताएं।

(c) खरपतवार में शाकनाशी प्रतिरोधी परिघटनाएं क्या हैं ? शाकनाशी प्रतिरोधी विकास हेतु जिम्मेदार कारकों के बारे में चर्चा कीजिए।


खण्ड 'B'

5. निम्नलिखित प्रत्येक का लगभग 150 शब्दों में वर्णन कीजिए :

(a) जैविक खरपतवार प्रबन्धन में नवोन्मेष

(b) मृदा कार्बन अधिग्रहण में वानिकी की भूमिका

(c) लवणीय एवं सोडिक मृदा की समस्यायें व सुधार

(d) कृषि प्रसार में सूचना एवं संचार तकनीकी का उपयोग

(e) टिकाऊ व लाभकारी कृषि हेतु जैविक कृषि की भूमिका

6.(a) मृदा एवं जल प्रदूषण के विभिन्न स्रोत क्या हैं ? मृदा एवं जल पदूषण का फसल उत्पादकता एवं पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभावों का वर्णन कीजिए।

(b) जैव उर्वरकों के प्रकार एवं इनके प्रयोग के तरीकों की चर्चा करें । भारतीय किसानों के द्वारा इनके सीमित प्रयोग के कारणों का विवरण दें।

(c) फसल बीमा एवं इसके आशय की चर्चा को । फसल बीमा पर सरकार द्वारा उठाये गये पहलुओं का विवरण 

7.(a) संरक्षण कृषि के सिद्धान्तों की व्याख्या करें । भारतीय परिप्रेक्ष्य में संरक्षण कृषि की प्रथाओं एवं प्रभावों का व्याख्या कीजिए।

(b) सिंचाई नियोजन के तरीकों को सूचीबद्ध कीजिये।

(c) मूंगफली की फसल में 25, 50 एवं 75% उपलब्ध मृदा नमी के अवक्षय पर सिंचाई नियोजन के सापेक्ष दक्षता का परीक्षण प्रस्तावित है। इस क्षेत में 60 से.मी. प्रभावित जड़ क्षेत्र की नमी धारण क्षमता व स्थायी म्लानि विन्दु क्रमश: 16% एवं 6% है । उपर्युक्त तीनों सिंचाई नियोजनों में किस मृदा नमी पर सिंचाई करें ?

(d) किसानों की आय को 2022 तक दोगुना करने की रणनीतियों को विस्तारपूर्वक लिखिए ।

8.(a) भारत में तिलहन उत्पादन की स्थिति एवं उत्पादन में क्या प्रतिबंधता है? तिलहन उत्पादन में आत्मनिर्भरता प्राप्त हेतु रणनीतियों का वर्णन कीजिए।

(b) उत्तम फार्म योजना की क्या विशेषताएं हैं ? फार्म प्रबन्धन समस्याओं के समाधान हेतु आप किन तकनीकों को अपनायेंगें ? अग्निम पंक्ति प्रदर्शन (एफ एल डी) क्या है ? यह किस तरह से फसल उत्पादन एवं उत्पादकता बढ़ाने में सहायक है? 

(c) रासायनिक खरपतवार नियंत्रण में क्या उन्नति हुई है ? 

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