(Download) संघ लोक सेवा आयोग सिविल सेवा - मुख्य परीक्षा मनोविज्ञान Paper-2 - 2018

UPSC CIVIL SEVA AYOG

संघ लोक सेवा आयोग सिविल सेवा - मुख्य परीक्षा (Download) UPSC IAS Mains Exam 2018 मनोविज्ञान (Paper-2)

खण्ड ‘A’

1. निम्नलिखित प्रत्येक प्रश्न का उत्तर लगभग 150 शब्दों में दीजिए : 

(a) बुद्धि, अभिक्षमता, तथा उपलब्धि परीक्षणों के बीच समानताओं तथा अन्तरों को स्पष्ट कीजिए।

(b) प्रतिबल (दबाव) शारीरिक रोग का कारण बनने में किस प्रकार योगदान देता है ? प्रतिबल के प्रभाव को कम करने वाले कारक के रूप में, आशावाद की भूमिका का विवेचन कीजिए।

(c) सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन के परिप्रेक्ष्य में प्रथम-क्रम तथा द्वितीय-क्रम परिवर्तन के बीच विभेदन कीजिए | क्या कारण है कि द्वितीय-क्रम परिवर्तन ही अकसर सामुदायिक मनोविज्ञान का केंद्रबिंदु होता है?

(d) संभव स्मृति एवं संज्ञानात्मक पतन सहित वरिष्ठ नागरिकों के पुनर्वासन में सांस्कृतिक कारकों की क्या भूमिका होती है ? भारत में, इस प्रकार के पुनर्वासन में, परिवार तथा सामाजिक आलंब के महत्व पर टिप्पणी कीजिए। 

(e) समाज द्वारा हाशिए पर कर दिए गए समुदायों के सशक्तिकरण के लिये, मनोविज्ञानी किन-किन विशिष्ट तरीकों से कार्य कर सकते हैं ? 

2.(a) सेवार्थी (रोगी) की दुर्भीति प्रतिक्रियाओं को कम करने में, क्रमबद्ध असंवेदीकरण की प्रभावोत्पादकता का विवेचन कीजिए । उपयुक्त उदाहरण के साथ अपना उत्तर स्पष्ट कीजिए।

2.(b) उन्मादी अवसाद विकार की हेतुकी का वर्णन कीजिए । उन्मादी अवसाद विकार के उपचार हेतु चिकित्सीय विधियों की उपयुक्तता का मूल्यांकन कीजिए ।

2.(c) मनोवैज्ञानिक परीक्षणों के निर्माण तथा मानकीकरण में विभिन्न चरणों का विवेचन कीजिए । उपयुक्त उदाहरण के साथ अपने उत्तर को सुस्पष्ट कीजिए।

3.(a) प्रतिभाशालिता को किस प्रकार पहचाना जाता है तथा 'भारतीय संदर्भ में ऐसी पहचान में क्या-क्या मुद्दे हैं ? प्रतिभाशालिता किस प्रकार बुद्धि-लब्धि (आई क्यू) तथा सर्जनात्मकता से संबंधित है ? 

3.(b) आधुनिक मनोगतिक चिकित्सा के विशिष्ट पक्षों का विवेचन कीजिए । विकारों के विविध प्रकारों के उपचार में, यह किस प्रकार सहायक हो सकती है? 

3.(c) क्या प्रभावी अध्यापन-अधिगम को ज्ञान के सहयोगात्मक निर्माण के एक प्रक्रम के रूप में देखा जा सकता है ? भारतीय दशाओं में, ऐसे किसी दृष्टिकोण के कक्षा संरचना एवं प्रबन्धन पर क्या निहितार्थ 

4.(a) संवेदनशीलता प्रशिक्षण के स्वरूप की व्याख्या कीजिए । संगठनात्मक विकास तकनीक के एक रूप में, इस की उपयोगिता पर टिप्पणी कीजिए। 

4.(b) मानसिक रूप से विकलांग के पुनर्वासन में, सामाजिक तथा पर्यावरणीय मध्यक्षेप की भूमिका का विवेचन कीजिए । भारतीय परिस्थितियों में, ऐसे मध्यक्षेप किस कारण निर्णायक है ?

4.(c) कार्य अभिप्रेरण की हर्जबर्ग की थियोरी को स्पष्ट कीजिए । भारतीय परिप्रेक्ष्य में, इस की प्रासंगिकता पर समालोचनात्मक टिप्पणी कीजिए। 

खण्ड -'B'

5. निम्नलिखित प्रत्येक प्रश्न का उत्तर लगभग 150 शब्दों में दीजिए :

(a) मनोवैज्ञानिक संरचना (ढाँचे) का उपयोग करते हुए, भारत में कार्य-जीवन पर सूचना प्रौद्योगिकी तथा संचार माध्यमों के प्रभाव को स्पष्ट कीजिए।

(b) महिलाओं की उद्यमिता के संदर्भ में, कौन से मनोवैज्ञानिक कारक बाधक के रूप में कार्य करते हैं ? उन पर कैसे काबू पाया जा सकता है?

(c) खिलाड़ियों को अपने प्रदर्शन में सुधार लाने हेत, मनोविज्ञानियों के द्वारा सर्वाधिक सामान्य रूप से सिखाई जाने वाली तकनीकों या कौशलों पर चर्चा कीजिए ।

(d) लघु परिवार मानकों से अनभिप्रेरित करने वाले मनोसामाजिक कारकों को स्पष्ट कीजिए।

(e) कुछ उदाहरणों के साथ दर्शाइए कि स्वदेशी ज्ञान तंत्र का उपयोग, जैव-विविधता तथा सांस्कृतिक विविधता के प्रबंधन में किस प्रकार किया जा सकता है? 

6.(a) बंचित होना किस प्रकार से पद-सोपान और भेदभाव की सामाजिक संरचना से संबंधित है ? इस का क्षमता, वंचन तथा निर्धनता के साथ क्या संबंध है ?

(b) भारत में जाति पूर्वाग्रह के परिप्रेक्ष्य में, कुण्ठा-आक्रामकता परिकल्पना की प्रासंगिकता का विवेचन कीजिए। 

(c) भारत में जनजाति समुदायों में शैक्षिक विफलता के कुछ प्रमुख कारकों का विवेचन कीजिए । बंचितों की शिक्षा में किस कारण आत्म-प्रभावकारिता तथा अंतस्थ अभिप्रेरण पर बल दिया जाना आवश्यक होता है? 

7.(a) स्पष्ट कीजिए कि आक्रामक एवं हिंसक व्यवहार के अर्जन तथा अधिगम में जन संचार माध्यम किस प्रकार से योगदान करते हैं । कामोत्तेजक साहित्य के प्रदर्शन और आक्रामकता के बीच के संबंध का परीक्षण कीजिए। 

(b) भीड़-भाड़ वृद्धि तथा उच्च जनसंख्या घनत्व के मनोवैज्ञानिक-सामाजिक परिणामों को स्पष्ट कीजिए। भारतीय परिप्रेक्ष्य में इस से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिये उपयुक्त नीतियों का सुझाव दीजिए। 

7.(c) भारत में सामाजिक एकीकरण को सुगम बनाने/बाधित करने में सांस्कृतिक स्वांगीकरण की भूमिका का समालोचनात्मक वर्णन कीजिए । उपयुक्त उदाहरण से अपना उत्तर स्पष्ट कीजिए। 

8.(a) भारतीय समाज में स्त्री-पुरुष भूमिका को रूदिबद्ध बनाने, स्वयं-पूरक भविष्यवाणी (सेल्फ फुलफिलिंग प्रोफेसी) करने तथा काँच-छत प्रभाव (ग्लास सीलिंग इफेक्ट) के मध्य संबंध का विवेचन कीजिए। 

(b) लम्बे समय तक बंचित रहने तथा प्रतिबलपूर्ण दशाओं में कार्य करने के संदर्भ में, सुरक्षा कर्मियों की मनोवैज्ञानिक तंदुरुस्ती की प्रोन्नति में मनोविज्ञानी क्या भूमिका अदा कर सकते है ?

(c) उपलब्धि अभिप्रेरणा, उद्यमी व्यवहार तथा आर्थिक विकास के मध्य परस्पर संबंध की व्याख्या कीजिए | समालोचनात्मक रूप से विवेचना कीजिए कि क्या उपलब्धि अभिप्रेरण को प्रशिक्षण के माध्यम से बढ़ाया जा सकता है। प्रासंगिक भारतीय अध्ययनों को उद्धृत कीजिए। 

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