(Download) संघ लोक सेवा आयोग सिविल सेवा - मुख्य परीक्षा कृषि Paper-2 - 2019

UPSC CIVIL SEVA AYOG

संघ लोक सेवा आयोग सिविल सेवा - मुख्य परीक्षा (Download) UPSC IAS Mains Exam 2019 कृषि (Paper-2)

खण्ड ‘A’

Q1. निम्नलिखित प्रश्नों में से प्रत्येक का उत्तर लगभग 150 शब्दों में दीजिए : 

(a) उत्परिवर्तन (म्यूटेशन) को परिभाषित कीजिए । इसके वर्गीकरण तथा फ़सल सुधार में इसकी भूमिका का वर्णन कीजिए ।

(b) प्रसुप्त (डॉरमेन्ट) व कठोर (हार्ड) बीजों को परिभाषित कीजिए । बीजों में प्रसुप्ति (डॉरमेन्सी) के दैहिक-क्रियात्मक आधार का वर्णन इस समस्या के निदान के तरीकों के साथ कीजिए।

(c) पौधों की वृद्धि व विकास में किसी पोषक तत्त्व को कब आवश्यक माना जाता है ? विद्यमान 16 आवश्यक पोषक तत्त्वों की सूची में नवीनतम किस तत्त्व का संकलन किया गया है ? इस तत्त्व की कमी के लक्षणों व इसके कार्यों का उल्लेख कीजिए।

(d) पेटेंट प्रणाली पादप किस्म संरक्षण प्रणाली से किस तरह भिन्न है ? 

(c) दलहनों के भण्डारण नाशीजीवों को उनके नुकसान करने की प्रकृति के आधार पर सूचीबद्ध कीजिए । उनके प्रबन्धन के तरीकों को लिखिए।

Q2. (a) कोशिका संरचना के प्रमुख घटक क्या हैं ? उनके कार्यों का वर्णन कीजिए । 

(b) वंशावली (पेडिग्री) विधि को परिभाषित कीजिए तथा फ़सल सुधार में इसके महत्त्व का उपयुक्त उदाहरणों सहित वर्णन कीजिए।

(c) बीज परीक्षण के महत्त्वपूर्ण उद्देश्यों का बीजों की जीवनक्षमता, बीज ओज एवं किसी किस्म की आनुवंशिक शुद्धता की परीक्षण विधियों के साथ वर्णन कीजिए।

Q3. (a) पौधों की विभिन्न विकास अवस्थाओं में पादप वृद्धि सहायक पदार्थों की भूमिका की व्याख्या बागवानी फसलों के विशेष सन्दर्भ में कीजिए।

(b) खाद्यान्न बेशी (सरप्लस) के कारणों पर चर्चा कीजिए । भारत में खाद्यान उत्पादन व उसकी उपभोग प्रवृत्तियों का वर्णन कीजिए।

(c) फ़सली पौधों में बंध्यता प्रणालियों को स्पष्ट कीजिए । नर बंध्यता की सब्जी फसलों के संकर बीज उत्पादन में भूमिका का उपयुक्त उदाहरणों सहित वर्णन कीजिए।

Q4. (a) पादप प्रजनन की विभिन्न विधियों को बताइए तथा प्रतीप संकरण (बैक क्रॉस) विधि का फसलों की किस्मों के विकास में महत्त्व के साथ वर्णन कीजिए । 

(b) बीज उत्पादन एवं प्रमाणीकरण कार्यक्रमों में अपनाए जाने वाले विभिन्न प्रकार के खेत (फील्ड) एवं बीज मानकों का वर्णन कीजिए। 

(c) प्रमुख फल फ़सलों के साथ उनको व्यापारिक स्तर पर उगाने वाले राज्यों के नाम लिखिए । भारत में पपीते की खेती हेतु उत्पादन पद्धतियों का वर्णन कीजिए। 

खण्ड 'B' 

Q5. निम्नलिखित प्रश्नों में से प्रत्येक का उत्तर लगभग 150 शब्दों में दीजिए : 

(a) विटामिनों को कैसे वर्गीकृत किया जाता है ? रक्त थक्काकरण (क्लॉटिंग) करने वाले विटामिन का नाम बताइए । इस विटामिन के विभिन्न कार्यों व उपलब्धता स्रोतों को बताइए। 

(b) बहुगुणितता क्या है ? फ़सल सुधार में इसके अनुप्रयोग एवं सीमाओं का वर्णन कीजिए । 

(c) फ़सलों के सुधार में पादप आनुवंशिक संसाधनों के संरक्षण की भूमिका का विवरण दीजिए। Describe the role of plant genetic resources conservation in crop 

(d) आनुवंशिकत: रूपान्तरित (जीन परिवर्तित) फ़सलों के गुण एवं सीमाओं का वर्णन कीजिए । भारत में आनुवंशिकत: रूपान्तरित प्रौद्योगिकी के अनुप्रयोग पर संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत कीजिए ।

(e) “वाष्पोत्सर्जन दर पौधों की वृद्धि को संचालित करती है ।” इस वाक्य को तर्कों के आधार पर उचित सिद्ध कीजिए तथा बताइए कैसे वातावरण वाष्पोत्सर्जन को प्रभावित करता है ।

Q6.(a) संरक्षित खेती को परिभाषित कीजिए तथा इसके साथ भारत में इसे अपनाने हेतु महत्त्वपूर्ण लाभों एवं चुनौतियों का विवरण दीजिए । सब्ज़ी फ़सलों की बेमौसमी खेती हेतु प्लास्टिक लो-टनल तकनीक का वर्णन कीजिए । 

(b) आनुवंशिकता के विभिन्न नियमों का वर्णन कीजिए । स्वतन्त्र अपव्यूहन के नियम की उपयुक्त उदाहरणों के साथ व्याख्या कीजिए ।

(c) फ़सली पौधों में जीवाणु जनित व्याधियों एवं उनकी उचित प्रबन्धन विधियों का विस्तृत वर्णन कीजिए। 

Q7. (a) भारत में सब्जी की खेती की वर्तमान स्थिति बताइए एवं भारत में रबी व खरीफ प्याज की खेती हेतु उत्पादन पद्धतियों का वर्णन कीजिए ।

(b) कीटनाशी प्रतिरोधिता किसे कहते हैं ? नाशी कीटों में साधारण एवं बहुगुण प्रतिरोधिता के अन्तर को उदाहरणों सहित समझाइए । कीटनाशी प्रतिरोधिता समस्याओं के निवारण हेतु उपायों को निर्धारित कीजिए।

(c) जीन पिरामिडिंग एवं जीन इन्ट्रोग्रेशन का इनकी रोग प्रतिरोधी किस्मों के विकास करने हेतु महत्त्व के साथ वर्णन कीजिए । 

Q8. (a) भारत में व्यापारिक स्तर पर उगाई जाने वाली पुष्पीय फसलों के नाम लिखिए । भारत में गुलदाउदी की वर्षभर खेती हेतु उत्पादन पद्धतियों का वर्णन कीजिए।

(b) भारतीय कृषि के विकास में बीज उद्योग की भूमिका का विस्तृत विवरण दीजिए ।

(c) फ़सलों में पौध रोगाणुओं के जैविक नियंत्रण के सिद्धान्तों को लिखिए । फ़सल रोग प्रबन्धन के क्षेत्र में जैव-नियंत्रण की आधुनिक रणनीतियों का विवरण दीजिए। 

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