(Download) संघ लोक सेवा आयोग सिविल सेवा - मुख्य परीक्षा पशुपालन एवं पशुचिकित्सा विज्ञान Paper-2 - 2020

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संघ लोक सेवा आयोग सिविल सेवा - मुख्य परीक्षा (Download) UPSC IAS Mains Exam 2020 पशुपालन एवं पशुचिकित्सा विज्ञान (Paper-2)

खण्ड ‘A’

1.(a) बैल के परानासा-साइनस (पैरानेसल साइनस) पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखें । 

1. (b)ऑटाकायडों को परिभाषित एवं उनका वर्गीकरण करें । प्रतिहिस्टामिन दवाओं के नैदानिक उपयोग का वर्णन करें। 

1. (c) शुकरी प्रसव (फरोइंग) पेन तथा बछड़ा पेन के लिये आवश्यक प्रमुख सुविधाएं । 

1. (d) आक्षेप की परिभाषा लिखें एवं उन सभी दशाओं का वर्णन करें जिनमें डेयरी गायों में आक्षेप दिखाई देते हैं।

1. (e) पशुओं में अभिश्वसन संज्ञाहरण के लाभ एवं हानियां लिखें। 

2.(a) पृष्ठ शरीररचना के संबंध में गाय के मादा जननांग का वर्णन करें।

2. (b) भैंसों में प्रसवोत्तर हीमोग्लोबिनमेह के हेतु-विकृतिजनन (इटियो-पेथोजनेसिस) नैदानिक संकेत एवं प्रबंधन का वर्णन करें।

2. (c) परजीवी संक्रमण को नियंत्रित करने में आइवरमेक्टिन औषधि के कार्य की क्रिया-विधि तथा नैदानिक उपयोग का वर्णन करें। 

3.(a) पशुधन में नाइट्रेट विषाक्तता का रोग कारण, जोखिम कारक, विकृति जनन, नैदानिक लक्षणों एवं प्रबंधन के बारे में लिखें।

3. (b) औद्योगिक पशु उत्पादन से जुड़े प्रमुख पशु कल्याण के मुद्दों का विस्तार से वर्णन करें। 

3. (c)  गोजातीयों में कारनुअल तंत्रिका संरोध (ब्लाक) के संकेत एवं प्रक्रिया का वर्णन करें। 

4.(a) प्रतिरक्षा के प्रकारों पर एक विस्तृत टिप्पणी लिखें । तनूकारी (एटेनुऐटड) तथा निष्क्रियत टीकों के बीच भेद करें।

4. (b) गोजातीयों (बोवाइन) की कपाल तंत्रिकाओं के नाम, प्रकृति (संवेदी, मोटर एवं मिश्रित) और वितरण को सूचीबद्ध करें।

4. (c) विभिन्न पशुधन जातियों के प्रदर्शन पर दीप्तकाल के प्रभाव का विस्तृत वर्णन करें ।

'खण्ड -B' 

5.(a) व्यावसायिक पशुजन्य रोगों एवं उनके रोगकारकों को सूचीबद्ध करें, जो कि पशुओं से मनुष्यों में संचरित होते हैं। 

5.(b) दुग्ध के विभिन्न प्रकारों के लिये FSSAI मानकों का विस्तृत वर्णन करें ।

5. (c) विभिन्न प्रकार के विषों को सूचीबद्ध करें जो आमतौर पर पशुओं में संदिग्ध होते हैं । इसके महत्व के क्रम में एकत्रित की जाने वाली सामग्री और उसकी मात्रा का उल्लेख करें। 

5.(d) मांस के संसाधन पर विस्तार से चर्चा करें ।

5.(e) पी.एस.ई. एवं डी.एफ.डी. मांस के बीच भेद करें । मांस की धोखाधड़ी (कपटपूर्ण प्रतिस्थापन) बाले तरीकों पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखें । 

6.(a) समांगी दुग्ध को परिभाषित करें और इसके लाभ एवं हानियों का उल्लेख करें । समांगी दुग्ध के निर्माण हेतु विधियों का वर्णन करें।

6. (b) संचरण-महामारी एवं एक बिन्दु (पॉइन्ट)-महामारी की जाँच में शामिल चरणों को प्रवाह आरेख के माध्यम से वर्णित करें।

6. (c) मांस परिरक्षण के सिद्धान्त एवं विभिन्न विधियों की सविस्तार विवेचना करें । 

7.(a) पनीर को परिभाषित करें । उपयुक्त प्रवाह आरेख के द्वारा चेडार पनीर के निर्माण की व्याख्या करें । 

7. (b) संक्रामक रोगों के नियंत्रण एवं उन्मूलन के लिये प्रयुक्त रणनीतियों का विस्तारपूर्वक विवरण लिखें ।

7. (c) वध के दौरान ग्रंथिल उपोत्पादों के संग्रह, परिरक्षण एवं प्रसंस्करण की विधियों की व्याख्या करें । 

8.(a) दुग्ध उत्पादों के निर्माण की अवधि में उत्पादित विभिन्न उपोत्पादों को सूचीबद्ध करें, एवं उनके उपयोग के बारे में विस्तृत विवरण लिखें । 

8. (b) खरगोश की ऊन की श्रेणियों को वर्गीकृत करें ।

8. (c) रोग उपस्थिति को मापने की विधियों का वर्णन करें ।

8.(d) मांस निरीक्षण के उद्देश्य क्या हैं ? मरणोत्तर शव परीक्षा की प्रक्रिया का विस्तृत वर्णन करें। 

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