(Download) संघ लोक सेवा आयोग सिविल सेवा - मुख्य परीक्षा (यांत्रिक - इंजीनियरी) Paper-1- 2017


संघ लोक सेवा आयोग सिविल सेवा - मुख्य परीक्षा
(Download) UPSC IAS Mains Exam Paper - 2017 : यांत्रिक - इंजीनियरी (Paper - 1)


यांत्रिक - इंजीनियरी
(प्रश्न पत्र - I)

निर्धारित समय : तीन घंटे

अधिकतम अंक : 250

प्रश्न-पत्र सम्बन्धी विशेष अनुदेश

कृपया प्रश्नों के उत्तर देने से पूर्व निम्नलिखित प्रत्येक अनुदेश को ध्यानपूर्वक पढ़े :

इसमें आठ (8) प्रश्न हैं जो दो खण्डों में विभाजित हैं तथा हिन्दी और अंग्रेज़ी दोनों में छपे हैं ।

परीक्षार्थी को कुल पाँच प्रश्नों के उत्तर देने हैं।

प्रश्न संख्या 1 और 5 अनिवार्य हैं तथा बाकी में प्रत्येक खण्ड से कम-से-कम एक प्रश्न चुनकर किन्हीं तीन प्रश्नों के उत्तर दीजिए । प्रत्येक प्रश्न/भाग के अंक उसके सामने दिए गए हैं ।

प्रश्नों के उत्तर उसी प्राधिकृत माध्यम में लिखे जाने चाहिए जिसका उल्लेख आपके प्रवेश-पत्र में किया गया है, और इस माध्यम का स्पष्ट उल्लेख प्रश्न-सह-उत्तर (क्यू.सी.ए.) पुस्तिका के मुख-पृष्ठ पर निर्दिष्ट स्थान पर किया जाना चाहिए । प्राधिकृत माध्यम के अतिरिक्त अन्य किसी माध्यम में लिखे गए उत्तर पर कोई अंक नहीं मिलेंगे।

प्रश्नों में शब्द सीमा, जहाँ विनिर्दिष्ट है, का अनुसरण किया जाना चाहिए ।

जहाँ आवश्यक हो, आरेख / चित्र उत्तर के लिए दिए गए स्थान में ही दर्शाइए ।

प्रश्नों के उत्तरों की गणना क्रमानुसार की जाएगी । यदि काटा नहीं हो, तो प्रश्न के उत्तर की गणना की जाएगी चाहे वह उत्तर अंशतः दिया गया हो । प्रश्न-सह-उत्तर पुस्तिका में खाली छोड़ा हुआ पृष्ठ या उसके अंश को स्पष्ट रूप से काटा जाना चाहिए ।

खण्ड - A

Q1. (a) एक धरन AB, जिसकी लम्बाई 2 m है, 4 बिन्दु पर कब्जे के द्वारा लगी है तथा B बिन्दु पर एक डोरी के द्वारा, जो घर्षणरहित दो घिनियों (P, Q) के ऊपर से होकर गुजरता हैं, आलम्बित हैं, एवं 50 :N का भार उठाए हुए है, जैसा कि नीचे चित्र 1(a) में दर्शाया गया है। दूरी की गणना कीजिए, जबकि 100 kN का भार धरने पर लगाया गया है तथा धरन साम्यावस्था में क्षैतिज स्थिति में रही है। साथ ही क वाले सिरे पर प्रतिक्रिया ज्ञात कीजिए।

(b) नीचे चित्र 1(b) में एक तल पर प्रतिबल की अवस्था दर्शायी गयी हैं।
निम्नति का निर्धारण कीजिए :
(i) मुख्य प्रतिबल
(ii) मुख्य तल
(iii) अधिकतम अपरूपण प्रतिबल

(c) एक पतले गोलीय पात्र का व्यास 1000 ml तथा मोटाई 2 rifm है, जिसके अन्दर 4 MPa को आन्तरिक दबाव है। यंग प्रत्यास्थता गुणांक एवं पाँवसन अनुपात के मान क्रमशः 200 GPa एवं 0:3 है। निम्नलिखित को ज्ञात कीजिए :

(i) हूप प्रतिबल
(ii) पान के आयतन में परिवर्तन

(d) एक वाष्प-चालित इंजन 9.5 rad/s पर 300 kW की शक्ति उत्पन्न करता है। ऊर्जा का अस्थिरता गुणांक -1 | हैं एवं गति की अस्थिरता को औसत गति के +0.5% तक रखा जाता है। आवश्यक गतिपालक चक्र का द्रव्यमान ज्ञात कीजिए यदि परिभ्रमण त्रिज्या
(e) एक मशीन, जिसका इव्यमान 5 kg है, स्प्रिंगों के ऊपर रखी हैं। स्प्रिंगों की संयुक्त दृढ़ता 5.4/Nmm है। इस प्रणाली के साथ एक डैशपॉट लगा दिया गया है, जो 40 N का बल लगाता हैं, जबकि द्रव्यमान का वेग 1 m/s हैं। निम्नलिखित की गणना कीजिए :

(i) क्रांतिक अवमंदन गुणांक
(ii) अवमंदन गुणक
(iii) लघुगणकीय पक्षस
(iv) दो लगातार आयामों का अनुपात

Q2. (a) आयताकार काट की एक शुद्धालम्बित धरन की चौड़ाई 200 mm था गहराई 300 mm है। इसके ऊपर 4 m की प्रभावी विस्तृति पर 6 K/Nm का सामवंतरत भार लगा हुआ है, जैसा कि चित्र 2(a) में दर्शाया गया है। मुख्य प्रतिज्वल के ममिाण एवं दिशा की गणना उस बिन्दु पर जो आलम्ब से 0.50mm तथा उदासीन अक्ष से 50 mm ऊपर स्थेत है।

(b) इस्पात के वृत्ताकार शैफ्ट के अनुज्ञेय व्यास की तुलना निम्नलिखित भंगता के सिद्धान्तों के आधार पर कीजिए, जनके उस पर मरोड़ लग रहा है। माना कि पॉयसन अनुपा। 23 है:

(i) अधिकतम प्रतिंबल सिद्धान्त
(ii) अधिकतम अपरूपण प्रतिबल सिद्धान्त
(iii) अधकतम विकृति सिद्धान्त

(c) निम्न चिन्न 2(c) में दर्शाए गए तीन सपाट बंड एक-दूसरे के ऊपर 30' झुकी हुई सतह पर रखे हैं। एक बल है, झुकी हुई सतह के समांतर, बीच वाले स्तंड पर लगाया जाता है। एक तर स्थिर दीवार के साथ सबसे ऊपर नाले झं में बाँधी जाती है, जिससे ऊपरी खंड की चाल को रोका जा सके। तीनों युनर्मिलन पृष्ठों (सतहों में से प्रत्येक को स्थैतिक घर्षण गुणांकः चित्र में दर्शाया गया है। बल !' के अधिकतम मान की गणना कोए, इससे पहले कि कोई मिसलन हो।

Q3. (a) एक ऐलुमिनियम के ठोस शैफ्ट को, जिसकी लम्बाई 1 7 तथा व्यास 50 miTI हैं, समान लम्बाई और समान बाहरी व्यास 50 mm के इस्पात के नलिककार शैफ्ट में बदल दिया जाता है। इस अवस्था में दोनों शैफ्टों की पूरी लम्बाई में ऐंठन कोण प्रति इकाई मरोड़ीय अधूर्ण समान हो सकते हैं। इस्पात के नलिकाकार शैफ्ट का आन्तरिक व्याप्त क्या होगा? इस्पात का दृढ़ता गुणांक, ऐलुमिनियम के दृढ़ता गुणांक का तीन गुना है।
(b) एक संयुक्त एपिसाइक्विक गियर नीचे चित्र 3(b) में दर्शाया गया है। गियर 1, 2 और E स्वतंत्रतापूर्वक ' अक्ष पर घूम सकते हैं। संयुक्त गियर B और C साथ-साथ 2 अक्ष, जो कि आर्म F के सिरे पर है, पर घूम सकते हैं। सभी गियरों का पिच समान है। गियर A, B और C के बाहिक दाँतों की संख्या क्रमशः 18, 45 और 21 हैं। बिर 12 एवं E गुलर गियर हैं। गियर | 100 r.p.rr. की गति से घड़ी की विपरीत दिशा में घूमता है तथा गियर 2.45 की गति से घड़ी की दिशा में घूमता है। आर्म F तथा गियर E की गति एवं दिशा ज्ञात कीजिए।

(c) यूटेक्टॉइड स्टील (इस्पात) के लिए कन्टिन्यूअस कूलिंग ट्रांसफॉर्मेशन (सी० सी० टी०) चित्र बनाइए तथा नामांकित कीजिए। प्रावस्था रूपांतरण (फैज़ ट्रांसफॉर्मेशन) के संदर्भ में, सी० सी० टी० चित्र में उपयुक्त कूलिग वर्गों का उपयोग करके ऊर्जा उपचार के सामान्यीकरण (नॉर्मलाइगि) एवं कठोरीकरण (हार्डनिंग) को समझाइए।

Q4. (a) चार द्रव्यमान A, B, और 2 एक शैक्ट के साथ जुड़े हुए हैं तथा एक ही तल में घूमते हैं। ये द्रव्यमान क्रमशः 13 kg. 10 kg, 18 kg और 15 kg के हैं, और इनके घूमने की निंज्या क्रमशः 40 mm, 50 mm, 60 mm और 30 mm हैं। इन्यमान के सापेक्ष द्रव्यमान B, C एवं 2 की कोणीय स्थिति 60, 135 एवं 270" हैं। संतुलन के लिए आवश्यक द्रव्यमान का परिमाण एवं इसकी स्थिति 100 mm की त्रिज्या पर ज्ञात कए।
(b) मृदु इस्पात के लिए प्रतिबल-विकृति आरेख बनाइए तथा वक्र पर उपस्थित विशेष बिन्दुओं का वर्णन कीजिए।
(c) एक पोर्टर गवर्नर को सभी भुजाओं को लम्बाई 240 rurn तथा वह एक कब्जे के द्वारा घूमने वाले अक्ष से जुड़ी हुई है। प्रत्येक गेंद का द्रव्यमान 5 kg है एवं स्लीव पर 18 kg का भार लग रहा है। गेंद का परिपथ 150 mm है, अब व ऊपर उठना आरा करती है तथा अधिकतम गति पर 20.17 है। निम्नलिखित को ज्ञात कीजिए :

(i) गति का परिसर
(ii) संवेदनशीलता गुणांक, यदि स्लीव में घर्षण 10 N बल के बराबर है।

खण्ड-B

Q5. (a) एक लौह सतह की, जिसका क्षेत्रफल 400 mm2 है, 15 V सप्लाई वोल्टेज एवं 2.3 mm टूल-बर्कपीस गैप का इस्तेमाल करते हुए, विद्युत्-रासायनिक (इलेक्ट्रोकेमिकल) मशीनिंग की जाती है। जब इलेक्ट्रोलाइट से धारा (करंट) प्रवाहित होती है, तो गैप प्रतिरोध 0.0015 W होता है। धातु निष्कासन दर, एम आर आर (m/s) ज्ञात कीजिए। लौह से सम्बन्धित जानकारी निम्नलिखित है ।

संयोजकता = 2
परमाधि भाइ = 55 नत्र 786 kg/kj
फैराडे नियतांक (कॉन्सटेन्ट) = 96540 कूलॉम

(b) एक ऐनिल्छु ताँबे की प्लेट, जिसकी चौड़ाई 300 mm और मोटाई 20 mm हैं, की एक बार रोल में से पास चोरों ने जाव मोटाई 16 rnrn हो जाती है। यदिं रोलर को निगा 100 rrrrri, झूमने की गति 83 r,p,m, और रोलिंग के दौरान औसत प्रवाह प्रतिबल 400 MP3 हैं, तो वास्तविक बिकृति ( ट्रेन) और रोलिंग बल (k) ज्ञात कीजिए।
(c) इस्पात की मशीनिंग के लिए दो तरह के कर्तन औज़ारों A और B का उपयोग किया गया। औज़ारों से सम्बन्धित आँकड़े/तकनीको प्राचल निम्नलिखित सारणी में दिए गए हैं। 200 मिनट के औज़ार-जीवन के लिए कौन-सा औज़ार आम उपयोग करेंगे और क्यों?

(d) तीन प्रबंधन (मैनेजमेन्ट) का दर्शन, अपशिष्ट एवं मूल्य (वेस्ट एवं वेल्यु) धारा के साथ, विनिर्माण के संदर्भ में ।
(e) किसी वस्तु (म्द) की माँग 500 इकाइयाँ एवं 500 इकाइयाँ क्रमशः जुलाई एवं अगस्त माह के लिए हैं। यदि जुलाई माह के लिए पूर्वानुमान 300 इकाइयों का है, तो चरघातांकी मसृणीकरण (ऐक्स्पोनेन्शियल स्मूदंग) बिधि से सितम्बर माह का पूर्वानुमान ज्ञात कीजिए। मान लीजिए कि c का मान 0.3 है।

Q6. (a) लाम्जिक खादन (टर्निग) के लिए, जो कर्तन औज़ार का उपयोग कर रहा है और जिसका नत कोण ऐंगल 5° है, निम्नलिखित आँकड़े दिए गए हैं :

चिप-मोटाई अनुपात = 0.5
नति कोण = 5o
मुख्य कर्तन बल = 1600 N
अगोद (भ्रस्ट) बल = 1300 N
चिप-औज़ार अंतरापृष्ठ (इन्टरफेस) पर अपरूपण तल कोण, घर्षण बल (N), सामान्य बल (G) एवं घर्षण-गुणांक ज्ञात कीजिए।

(b) ऐलुमिनियम की दो प्लेट को टंग्स्टेन निष्क्रिय गैस (टी० आई० जी०) वेल्डिंग पद्धति द्वारा चेल्ड किया जाता है, जिसमें बल्डिंग कारट 150 A, आर्क वोल्टेज 12 V तथा आर्क ट्रैवल गति 2 mm/s का उपयोग होता है। यदि मान लिया जाए नि टी० आई० ज० वेडिंग पते में मा स्थानान्तरण 50 है और एक यूनिट झापान धातु (AI) को पिघलाने के लिए 15 J/mm ऊष्मा की आवश्यकता होती है, तो इस पद्धति से पिघलाने की दक्षता को ज्ञात कीजिए यदि वेल्ड जोड़ (ज्वाइंट) के काट का क्षेत्रफल 20 mm2 हैं।
(c) अपघर्षी वॉटरजेंट मशीनिंग के सिद्धान्त का उपयुक्त चित्र के साथ बर्णन कीजिए। अपघर्षी वॉटरनेट मशीनिंग के लाभों एवं उपयोगिताओं के बारे में लिखिए।

Q7. (a) शैफ्ट एवं छिद्र के बीच में अवकाशी अन्चायोजन के लिए सीमा पद्धति में निम्नलिखित सीमाएँ दी हुई हैं :

निम्नलिखित को ज्ञात कीजिए :

(i) बुनियादी आकार
(ii) शैप्ट एवं छिद्र के बीच उपेक्ष्य त्रुटे (हॉलरेंस)
(iii) शैफ्ट एवं छिद्र की सीमाएँ
(iv) अधिकतम एवं न्यूनत्तम अबकाश

(b) किसी उत्पाद को बनाने में लेद मशीन के प्रचालन 40 min लेते हैं। यदि लेद मशीन की दक्षता 80% हैं और अस्वीकृति 20% है, तो 800 नग प्रति सप्ताह बनाने के लिए आवश्यक लेद मशीनों की संख्या का निर्धारण कीजिए। मान लीजिए कि 52 सप्ताह प्रति वर्ष और 48 घंटे प्रति सप्ताह कार्यकारी घंटे उपलब्ध हैं।
(c) एक निर्माण कम्पनी एक मद का निर्माण कर रहीं हैं, जिसके सम्बन्ध में निम्नलिखित सूचना उपलब्ध है :

प्रति इकाई विक्रय मूल्य = 20
प्रति इकाई परिबी लागत =  10
निश्चित झाग - 2,00,000

हालाँकि परिवर्तनशील अज़ार दशा के अन्तर्गत परिवर्ती लागत 20% और निश्चित लागत 10% बढ़ गयी है। यदि घाटा पूरा करते हुए मात्रा को बनाए रखा जाए, तो संशोधित विक्रय मूल्य क्या होगा?

Q8. (a) किसी मद की मासिक खपत 350 इकाई (यूनिट) हैं और प्रति यूनिट का मूल्य है 15 है। सामग्री सूची बहन 20 प्रतिशत है और आदेश लागत 40 प्रति आदेश हैं। माल के लिए 1 माह का अग्नः है।
आर ओ-एल- तंत्र को मानते हुए निम्नलिखित की गणना कीजिए।

(i) पुनरादेश मात्रा
(ii) पुनरादेश स्तर
(iii) न्यूनतम मार
(iv) अधिकतम स्तर
(v) औसत सामग्री सूची

(b) एक कार निर्माता अपने वितरकों के पास कार भेजने से पहले अंतिम निरीक्षण करता है। अंतिम निरीक्षण में कई प्राचल के सन्दर्भ में कार का परीक्षण किया जाता है और उसकी जाँच की जाती हैं। सम्भावना है कि कार विभिन्न प्राचल को संतुष्ट करने में असफल हो सकती है जिन्हें दोष कहा जा सकता है)। यादृच्छिक तौर पर सावधिक इस (10) कारें परीक्षण और जाँच के लिए छाँटी गर्थी। दोषों की संख्या के सन्दर्भ में प्रत्येक कार के परीक्षण और जाँच के बाद प्राप्त आँकड़े नीचे दिए गए हैं। C चार्ट के लिए नियत्रण सीमाओं का निर्धारण और टिप्पणी कीजिए :

(c) सी. एन सी प्रचालन के लिए सम्भावित विभिन्न प्रकार के नियंत्रण रात्रों का वर्णन क्रमशः उनके अनुप्रयोगों के साथ उपयुक्त योजनाबद्ध रूप से कीजिए।

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