(Download) संघ लोक सेवा आयोग सिविल सेवा - दर्शनशास्त्र (प्रश्न-पत्र-2)-2020

UPSC CIVIL SEVA AYOG
संघ लोक सेवा आयोग सिविल सेवा - मुख्य परीक्षा (Download) UPSC IAS Mains Exam 2020 दर्शनशास्त्र (Paper-2)

खण्ड ‘A’

Q1. निम्नलिखित में से प्रत्येक प्रश्न का उत्तर लगभग 150 शब्दों में दीजिए : 10x5=50 

(a) क्या आधुनिक प्रौद्योगिकीय समाज में 'मुक्ति' की संकल्पना प्राप्य है ? व्याख्या कीजिए । 

(b) उदारवादी लोकतंत्र अल्पसंख्यकों के हितों की रक्षा किस सीमा तक करते हैं ? समालोचनात्मक मूल्यांकन कीजिए। 10 

(c) क्या आप सोचते हैं कि धर्मनिरपेक्षवाद 'धर्म' और राज्य के पूर्ण पार्थक्य की माँग करता है ? विवेचना कीजिए। 

(d) बोदिन के संप्रभुतावादी सिद्धांत के महत्त्व की व्याख्या कीजिए। 

(e) क्या आप सोचते हैं कि विद्यमान महामारी समाज में अराजकतावाद को अग्रसर करेगी ? विवेचना कीजिए। 

Q2. (a) सामाजिक विकास की गाँधीवादी संकल्पना को अभिव्यक्त एवं उसका परीक्षण कीजिए। 

(b) वर्तमान संदर्भ में मार्क्सवाद एक दार्शनिक सिद्धांत के रूप में किस सीमा तक प्रासंगिक है ? अपने उत्तर को न्यायोचित सिद्ध कीजिए । 

(c) क्या भारतीय परंपरा वैयक्तिक अधिकारों की प्रतिरोधी है ? 'मानव अधिकारों के सिद्धांत की सहायता से इस पर विचार कीजिए । 15 

Q3. (a) स्वाधीन भारत में सामाजिक परिवर्तनों की दिशा में बी.आर. अम्बेडकर के योगदान को अभिव्यक्त एवं उसका परीक्षण कीजिए । 20 

(b) बहुसंस्कृतिवाद से आप क्या समझते हैं ? एक बहुसांस्कृतिक राष्ट्र को निर्मित करने वाली संरचनात्मक विशेषताओं की व्याख्या कीजिए ।  15 

(c) क्या आप सोचते हैं कि दण्ड का प्रतिकारात्मक सिद्धांत मानव अधिकारों के विरुद्ध है ? विवेचना कीजिए। 15 

Q4. (a) क्या आप सहमत हैं कि महिला सशक्तिकरण लिंगीय विभेदन का उन्मूलन कर सकता है ? विवेचना कीजिए। 20 

(b) वैश्वीकरण के काल में संप्रभुता के सिद्धांत की प्रासंगिकता को अभिव्यक्त एवं उसकी व्याख्या कीजिए।  15 

(c) एक राष्ट्र-राज्य में सामाजिक और राजनीतिक व्यवस्थाएँ भ्रष्टाचार को किस सीमा तक अनुकूलित करती हैं ? विवेचना कीजिए। 15 

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खण्ड 'B' 

Q5. निम्नलिखित में से प्रत्येक प्रश्न का उत्तर लगभग 150 शब्दों में दीजिए : 10x5=50 

(a) वर्तमान वैज्ञानिक और प्रौद्योगिकीय विकास के सम्मुख 'धर्म' के महत्त्व की विवेचना कीजिए । 10 

(b) 'अमरत्व' की संकल्पना धर्म की एक मौलिक पूर्वमान्यता है । अपने उत्तर की विस्तृत व्याख्या कीजिए। 10 

(c) क्या यह स्वीकार्य है कि धर्मों का इतिहास संघर्षों का इतिहास है ? विवेचना कीजिए । 10 

(d) क्या संकल्प-स्वातंत्र्य' तथा 'सर्वशक्तिमान ईश्वर' में कोई संगति है ? विवेचना कीजिए । 10 

(e) एक बहुसांस्कृतिक बहुलवादी समाज में धार्मिक सहिष्णुता का क्या महत्त्व है ? अपने उत्तर को न्यायोचित सिद्ध कीजिए। 10 

Q6. (a) क्या ईश्वर के अस्तित्व के लिए संत एन्सल्म द्वारा दिया गया सत्तामीमांसीय प्रमाण तार्किक है ? विवेचना कीजिए। 20 

(b) अशुभ की तार्किक समस्या क्या है ? विवेचना कीजिए । 

(c) एक धर्म की पूर्वापेक्षा के रूप में ईश्वर की संकल्पना का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए । 15 

Q7. (a) विशिष्टाद्वैत के विशेष संदर्भ में हिन्दू धर्म में, ईश्वर की प्रकृति की विवेचना कीजिए । 

(b) प्रार्थना और उपासना के बीच भेद कीजिए तथा धर्म में उनके स्थान को निर्धारित कीजिए । 15 

(c) आस्था के मौलिक अभिमत क्या हैं ? आस्था और विश्वास के बीच प्रभेद कीजिए । 15 

Q8. (a) क्या धार्मिक भाषा में संज्ञानात्मक विषय-वस्तु होती है ? विस्तारपूर्वक सुस्पष्ट कीजिए । 20 

(b) क्या धार्मिक आस्थाएँ और व्यवहार नैतिक आचरण से असंगत होते हैं ? विवेचना कीजिए । 15 

(c) क्या आप स्वीकारते हैं कि भारतीय परंपरा में ज्ञान, कर्म और भक्ति मोक्ष प्राप्ति के साधन हैं ? विवेचना कीजिए। 15 

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