यूपीएससी आईएएस (मेन) हिन्दी अनिवार्य परीक्षा पेपर UPSC IAS (Mains) Hindi Compulsory Exam Paper - 2008

यूपीएससी आईएएस (मेन) हिन्दी अनिवार्य परीक्षा पेपर UPSC IAS (Mains) Hindi Compulsory Exam Paper - 2008

Time Allowed: 3 hours

Maximum Marks: 300

Candidates should attempt ALL questions. Answers must be written in Hindi (Devanagari Scrip) unless otherwise directed. In the Case of Questions No. 3, marks will be deducted if the precis is much longer or shorter than the prescribed length.

1. निम्नलिखित विषयों में से किसी एक विषय पर लगभग 300 शब्दों में निबन्ध लिखिएः 100

(i) भारतीय सशस्त्रा सेनाओं में अधिकारियों की कमी।
(ii) मनोरंजन के साधन के रूप में क्रिकेट।
(iii) भारत में कारोबार-प्रबंधन संस्थानों की संवृद्धि।
(iv) राष्ट्रीय सुरक्षा पर आप्रवासन का प्रभाव।
(v) शिक्षा द्वारा महिलाओं का सशक्तीकरण।

2. निम्नलिखित गद्यांश को सावधानी से पढ़िए तथा गद्यांश के अन्त में पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए। 60

लोग जिन प्रकारों की भंगिमाओं अथवा हाव-भावर का प्रयोग करते हैं, उनका सम्बन्ध अन्य मनोवैज्ञानिक कारकों से जोड़ा जा सकता है। सामान्यतः व्यक्तित्व का गहन प्रभाव भंगिमाओं की संख्या और उनकी किस्मों पर पड़ता है। साथ ही, हम इन भंगिमाओं का व्यक्ति के व्यक्तित्व के प्रकार का आकलन करने में भी इस्तेमाल करते हैं।

एक शोधकार्य के अनुसार ऐसी अधिकांश महिलाएँ, जो अपने घुटनों और पाँवो को जोड़कर अपनी टाँगों को आगे पै$लाकर बैठती हैं, उनका व्यक्तित्व सफाई पसंद, कार्य में व्यवस्था-प्रिय, योजनाएँ बनाने में रुचि रखने वाला, बदलाव और अनिश्चितता में अरुचि रखने वाला तथा अपने जीवन को कड़ी समय-सारणी के अनुसार व्यवस्थित करने की तरजोह से जुड़ा हुआ होता है। इस तरह के एक अन्य शोधकार्य से यह पता चलता है कि सत्तावादी व्यक्तियों में असत्तावादी व्यक्तियों की तुलना में शारीरिक हाव-भाव का कम इस्तेमाल करने की प्रवृत्ति होती है। पितृ-विहीन बेटियाँ पिताओं वाली बेटियों की अपेक्षा अधिक संवेदनशील मुद्राओं का प्रयोग करती पाई गई है। तलाकशुदा दम्पतियों की बेटियाँ शरीर का आगे की ओर अपेक्षाकृत अधिक झुकाव प्रदर्शित करती हैं। वे अपनी बाँहों और टाँगों को अपेक्षाकृत अधिक खोल कर रखती हैं और उन लड़कियों की तुलना में जिन्होंने अपने पिताओं को पाँच वर्ष की आयु से पहले ही खो दिया है, तीन गुना से भी ज्यादा अंगचालन यह हाव-भाव प्रदर्शित करती है।

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एक शोधकर्ता ने पता लगाया है कि जब व्यक्ति शारीरिक रूप से अपंग किसी वक्ता को सुन रहे होते हैं तो वे सामान्यतया बहुत कम हाव-भाव प्रकट करते हैं। संभवतः यह इए मनोभावना के कारण होता है किएक अपंग के प्रति व्यक्ति अपनी प्रतिक्रिया कैसे व्यक्त करे।जहाँ तक भंगिमाओं में स्त्राी-पुरुष अन्तरों का सम्बन्ध है, यह पाया गया है कि स्त्रिायों के मुकाबले पुरुष अपनी बैठने की मुद्रा अधिक बदलते हैं। यदि दो साक्षात्कार किए जाएँ तो दूसरे साक्षात्कार में पुरुष छोटी मुद्राएँ प्रदर्शित करते तथा अपने पाँवों को कम कुदलते हैं। स्त्रिायों के बारे में यह एकदम उलटा है। हो सकता है कि दूसरे साक्षात्कार में पुरुष अधिक सहज अनुभव करते हों जबकि स्त्रिायाँ दूसरे साक्षात्कार को पहले साक्षात्कार के मुकाबले में अधिक तानवपूर्ण पाती हैं।

(i) भंगिमाएँ हमारे व्यक्तित्व से किस प्रकार से सम्बन्धित हैं?
(ii) घुटनों और पाँवों को जोड़कर बैठी स्त्रिायों की भंगिमाओं से क्या अर्थ निकाला जा सकता है?
(iii) पितृविहीन और तलाकशुदा दम्पतियों की बेटियाँ किस प्रकार का व्यवहार करती हैं?
(iv) शारीरिक रूप से अपंग वक्ता को सुनते हुए लोगों के बारे में लेखक का क्या कहना है?
(v) पुरुषों और स्त्रिायों द्वारा की जाने वाली भंगिमाओं में क्या-क्या अंतर हैं?

3. निम्नलिखित गद्यांश का संक्षेपण मूल गद्यांश की शब्द-संख्या की एक तिहाई से प्रस्तुत करें। शीर्षक सुझाना अनिवार्य नहीं हैं। शब्द-सीमा के अन्तर्गत संक्षेपण न करने पर अंक काट लिए जाएँगे। संक्षेपण अलग से निर्धारित कागजों पर ही लिखें व उन्हें अच्छी तरह से उत्तर-पुस्तिका के साथ बाँध लेंः 60

यद्यपि आधुनिक शैक्षणिक पद्धति उन्नीसवीं शताब्दी के प्रथम चरण में मुख्य रूप से पश्चिमी समाजों में पहले रूपायित हुई थी, तथापि उसे एक समग्र राष्ट्रीय पद्धति के रूप में स्वीकार करने में बर्तानिया अनिच्छुक ही रहा। 1800 के दशक के मध्य हालै.ड, स्विटजरलै.ड और जर्मन राज्यों ने प्रारम्भिक विद्यालयों में कमोबेश सर्वव्यापी प्रवेश का लक्ष्य प्राप्त कर लिया था, किन्तु इंग्लै.ड और वेल्स इस लक्ष्य को पाने में बहुत पीछे रहे। हाँ, स्काटलैं.ड में शिक्षा कुछ अधिक विकसित थी।

1870 (जब बर्तानिया में अनिवार्य शिक्षा को पहली बार लागू किया गया) और द्वितीय विश्व युद्ध के बीच यथाक्रम सभी सरकारों ने शिक्षा पर किए जाने वाले खर्चे को बढ़ाया। स्वू$ल छोड़ने की उम्र दम से चौदह वर्ष तक बढ़ा दी गई और अधिक से अधिक स्वू$ल भी खोले गए किन्तु शिक्षा को राजकीय प्रश्रय का विषय स्वीकार नहीं किया गया। ज्यादातर स्वू$ल निजी या चर्च के अधिकारियों द्वारा स्थानीय सरकारी मंडलों की निगरानी में चलाये जाते रहे। दूसरे विश्व युद्ध ने इस प्रवृत्ति को बदल डाला। सशस्त्रा सेनाओं में भर्ती के लिए प्रवेशकों की योग्यता और अधिगम के परीक्षण दिए गए। परीक्षा-परिणामों ने प्राधिकारियों को प्रवेशकों के निम्नस्तरीय शैक्षणिक कौशलों ने हैरानी में डाल दिया। युद्धोत्तर वर्षों में पुनरुत्थान के बारे में चिंतित सरकार ने विद्यमान शैक्षणिक पद्धति पर पुनर्विचार करना आरम्भ किया।

1944 से पहले अधिकतर बर्तानवीं बच्चे चौदह वर्षों तक एक ही निःशुल्क स्वू$ल, जिसे प्राथमिक स्वू$ल कहा जाता था, में विद्याध्ययन करते थे। प्राथमिक विद्यालयों के साथ-साथ माध्यमिक विद्यालय भी चलते थे परन्तु उनमें अभिभावकों को फीस देनी पड़ती थी। इस पद्धति ने स्पष्टतया बच्चों को दो सामाजिक वर्गों में बाँट दिया था तथा गरीब पृष्ठभूमियों से आने वाले लगभग सभी बच्चे प्राथमिक विद्यालयों तक ही सीमित रह जाते थे। जनसंख्या का दो प्रतिशत से भी कम विश्वविद्यालय में प्रवेश करता था। 1944 के शिक्षा अधिनियम ने अनेक नए परिवर्तनों की पहल कीः सब के लिए निःशुल्क माध्यमिक शिक्षा, स्वू$ल छोड़ने की उम्र का पंद्रह वर्ष तक बढ़ाना तथा शिक्षा में समान अवसरों की प्रतिबद्धता। शिक्षा चुनी गई स्थानीय सरकारों के लिए एक मुख्य जिम्मेदारी बन गई।

1944 के शिक्षा अधिनियम के फलस्वरूप अधिकांश स्थानीय शिक्षा अधिकारियों ने बच्चों के शैक्षिक चयन को उनकी माध्यमिक शिक्षा की आवश्यकताओं को पूरा करने का आधार अपनाया। ग्यारह वर्ष की आयु में चयन की यह प्रक्रिया, जब बच्चा प्राथमिक स्वू$ल से माध्यमिक स्वू$ल की ओर जाने के लिए उन्मुख होता है, एक तरह से योग्य बच्चो को उनकी सामाजिक पृष्ठभूमि पर ध्यान दिए बिना, चुनने की प्रक्रिया थी। अधिकांश शिक्षार्थियों के लिए ‘ग्यारह जमा’ परीक्षा प्रणाली यह निर्धारित करने में सक्षम थी कि क्या वे ग्रामर स्वू$ल (जो उच्च स्तरीय पाठ्यक्रम पर आधारित थे) पहुँचेंगे या कि माध्यमिक आधुनिक स्वू$लों में (जिनमें सामान्य और रोजगारोन्मुख शिक्षा का मिश्रण उपलब्ध था) पहुँचेंगे। थोड़ी संख्या में कुछ विद्यार्थी तकनीकी स्वू$लों या विशेष स्वू$लों की ओर भी उन्मूख हुए। जो योग्य थे या जो अपनी शिक्षा आगे जारी रखाना चाहते थे, ऐसे बच्चों के पास अपने स्वू$लों में सत्राह वर्ष की आयु तक ठहरने का विकल्प भी किया गया। 1960 तक आंशिक रूप से समाजशास्त्राीय अनुसंधानों से यह स्पष्ट हो गया था कि ग्यारह जमा की शिक्षण-पद्धति के परिणाम आशानुरूप सिद्ध नहीं हुए हैं। 1959 की क्राउथर पिोर्ट ने यह दर्शाया गया था कि केवल 12 प्रतिशत शिक्षार्थियों ने सत्राह वर्ष तक शिक्षा जारी रखी और जल्दी स्वू$ल छोड़ने का कारण अकादमिक निष्पादान के बजाय मुख्यतया वर्ग पृष्ठभूमि से जुड़ा हुआ था। लेबर पार्टी की सरकार, जो 1964 में सत्ता में पुनः आई, सर्वसमावेशी स्वू$लों की स्थापना और ग्रामर तथा माध्यमिक स्वू$लों से उपजने वाले भेदों के उन्मूलन तथा ग्यारह-जमा परीक्षाओं के खात्मे के लिए प्रतिबद्ध रही, ताकि ऐसे विद्यालय अनेक वर्गों की पृष्ठभूमियों वाले शिक्षार्थियों को एक साथ शिक्षा दे सवें$। यद्यपि यह भ्रम बराबर बना रहा कि इन नए सर्वसमावेशी स्वू$लों को किस तरह की शिक्षा देनी चाहिए? सभी के लिए ग्रामर स्वू$लों जैसी शिक्षा या पूर्णरूप से नए ढंग की शिक्षा? इस समस्या का कोई निदान नहीं ढूँढा जा सका और भिन्न-भिन्न स्वू$लों और क्षेत्रों ने अपने-अपने ढंग की शिक्षण-पद्धतियों का विकास किया। कुछ स्थानीय निकायों ने इस परिवर्तन का प्रतिरोध भी किया और कुछ क्षेत्रों में अभी भी ग्रामर स्वू$ल अस्तित्व में हैं।

4. निम्नलिखित अंग्रेजी गद्यांश का हिन्दी में अनुवाद कीजिएः 20

Last January, I was fortunate enough to go ot Brazil on a fishing trip. As we were boarding the vessel that would be our home for the next six nights, I looked up and saw a huge bunch of ripe hananas banging from a hook.
I was horrified. For more than 20 years, I have been told again and again that bananas and boats just don't mix. I started talking about it with my fishing companions. Not one had ever heard of such a superstition.

Yet just a few months earlier, I had read a paper about the banana superstition. The author was unable to find its origin. One bit of speculation is that dangerous critters lurked inside the banana bunches. But theres' no doubt that anglers throughout the world believe that bananas don't mix with fishing boats.

The bananas certainly didn't affect the fishing in Brazil. They were downright tasty and the fishing was outstanding. But it got me thinking about other superstitions regarding fishing.

For example , lucky hats. I had a lucky hat for a long time, a bright red cap that I was convinced was lucky. I caught a lot of fish and a lot of big fish wearing that hat. Then one day while angry, I threw it overboard, I'm convinced I haven't caught as many fish since.

5. निम्नलिखित हिन्दी गद्यांश का अंग्रेजी में अनुवाद कीजिए। 20

बहुत बरस पहले दक्षिणी इंग्लै.ड के वेसैक्स में एक लड़का रहता था जिसका नाम ह्मूबर्ट था। वह एक बहादुर और खुश-मिजाज लड़का था और वह लगभग चौदह बरस का था। एक दिन उसके पिता ने उसे धन उगाही के लिए घर से कई मील दूर एक कस्बे में भेजा। उसने घोड़े पर यात्रा की और देर साँझ तक अपना काम पूरा करने के बाद सुनसान और घने जंगल की ब्लैकमोर घाटी के बीच से घर लौटने लगा। नौ बजे होंगे जब अपने सिर के उरुपर लटकते पेड़ों के बीच अपने मजबूत टाँगों वाले घोड़े जैरी पर बैठे ह्मूबर्ट को लगा कि उसने घनी शाखों के बीच कुछ आवाजें सुनी हैं। उसे यह याद आया कि यह जगह डाकुओं और लुटेरों के कारण कुख्यात है। ‘‘मुझे क्या परवाह?’’ वह खुद को सांत्वना देते हुए जोर से बोला, ‘‘जैरी की टाँगे इतनी चुस्त कि मुझे कोई भी पकड़ नहीं सकता।’’ ‘‘ह-ह-ह! जरूर !!’’ एक जोर की आवाज हुई और अगले ही पल एक आदमी उसकी दायीं ओर से सघन जंगल से आ लपका। दूसरा आदमी बायीं तरफ से और तीसरा पीछे एक पेड़ के पीछे से। ह्मूबर्ट को उसके घोड़े से खींचा गया, उसका रुपयों-भरा थैला छीन लिया गया। हालांकि उसने अपनी भरपूर ताकत लगाई पर उसे काबू कर ही लिया गया। रस्सियों से उसके हाथ-पाँव कसकर बाँधे गए और उसे एक खाई में पैं$क दिया गया। फिर वे लोग बेचारे जैरीे पर सवार हुए और निकल भागे।

6. (क) निम्नलिखित मुहावरों और लोकोक्तियों में से केवल पाँच का अर्थ स्पष्ट करते हुए उनका वाक्यों में प्रयोग कीजिएः 20

(i) दिल बैठ जाना
(ii) बातें बनाना
(iii) चकमा देना
(iv) धूल में मिलाना
(v) छोटे मुँह बड़ी बात
(vi) मुँह मोड़ना
(vii) पार न पाना
(viii) आँख फड़कना
(ix) दबे पैर

(ख) निम्नलिखित वाक्यों में से किन्हीं पाँच वाक्यों के शुद्ध लिखिएः 10

(i) चलता गाड़ी के आगे जाना ठीक नहीं।
(ii) मैं चावल-दाल खा कर मूटा हो गया।
(iii) माँ ने आर्शीवाद दिया।
(iv) मेरे बड़े बहन ने राखी भेजी।
(v) हल चलाते समय बैल की हड्डी टूटा।
(vi) समाज व्यक्तियों से बनती है।
(vii) वह अधिक पैसे मांगता है।
(viii) भारत एक सवतंत्रा राष्ट्र है।
(ix) बच्चों को नैतिक शिक्षा दी जाय।
(x) विश्व-व्यापार में हमें आगे आना है।

(ग) निम्नलिखित युग्मों में से किन्हीं पाँच को वाक्यों में इस तरह प्रयुक्त कीजिए कि उनका अर्थ स्पष्ट हो जाए और उनके बीच का अन्तर भी समझ में आ जाएः 10

(i) अस्मव - अस्मिता
(ii) चिर - चीर
(iii) बहर - बाहर
(iv) दिया - दीया
(v) सड़क - सरक
(vi) उत्पात - उत्साद्य
(vii) अनुभूमि - अनुमति
(viii) विलग - विकल
(ix) प्रमाण - परिणाम
(x) अंक - अंग

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