यूपीएससी आईएएस (मेन) हिन्दी अनिवार्य परीक्षा पेपर UPSC IAS (Mains) Hindi Compulsory Exam Paper - 1996

यूपीएससी आईएएस (मेन) हिन्दी अनिवार्य परीक्षा पेपर UPSC IAS (Mains) Hindi Compulsory Exam Paper - 1996

Time Allowed: 3 Hours
Maximum Marks: 300

Candidates should attempt All questions. The number of marks carried by each question is indicated at the end of the question. Answers must be written in Hindi unless otherwise directed.

In the case of Question No. 3, marks will be deducted if the precis is much longer or shorter than the prescribed length.

1. निम्नलिखित विषयों में से किसी एक पर लगभग 300 शब्दों में निबन्ध लिखिएः 100

(क) मित्रा बनाने की कला
(ख) काश, बचपन लौट आता।
(ग) यथा राजा तथा प्रजा
(घ) मानव जीवन में पशुओं की भागेदारी
(ङ) मेरे देश का भविष्य

2. निम्नलिखित अवतर. को ध्यान से पढ़िए और इसके बाद दिए गए प्रश्नों के उत्तर यथासंभव अपने शब्दों मे लिखिएः 60

जब पुरातन जीव-जंतुओं तथा नगरों के अवशेष खोदकर बाहर निकाले जाते हैं तो हमें प्राचीन की विशेष जानकारी मिलने लगती है और भूतकाल के विषय में हमारा ज्ञान भी प्रत्यक्ष रूप से बढ़ जाता है। बहुत पहले विश्वभर में जो जीवन-जंतु विचर. किया करते थे, उनमें से कुछ अब पू. रूप से समाप्त हो चुके हैं किन्तु कभी-कभी अन्वेषी वैज्ञानिक द्वारा उन प्राणियों की अस्थियाँ पृथ्वी पर खोज ली जाती हैं। इन अस्थियों के आधार पर वह उस जीव-जंतु विशेष का ढाँचा पुनर्निमित करने में सफल होता है और इस ढाँचे द्वारा वह उसके आकार-प्रकार का बहुत कुछ सही-सही अनुमान लगा सकता है। यदि कोई मनुष्य किसी दिन अपने कार्य के लिए प्रस्थान करते समय किसी ऐसे प्रोगैतिहासिक प्रा.ी का दर्शन कर ले तो उसे संवभवतः अपने जीवन के सर्वाधिक महत्त्वपूर्. आश्चर्य का अनुभव होगा। उन प्राणियों में एकाधिक प्रकार के ‘डाइनौर्सार्स’ थे। जिनकी अस्थियाँ यूरोप तथा अमेरिका दोनों स्थानों पर प्राप्त हुई है। उनमें से कुछ तो चार पैरों पर चलते थे। किन्तु कुछ अन्य अंशतः सीधे खड़े होकर पक्षी की भांति अपने पिछले पैसें पर चलते थे। किन्तु आकार प्रकार में उनकी तुलना एक पक्षी के साथ नहीं की जा सकती थी। ‘डाइनौसॉर्स’ उन पशुओं में सबसे बड़े थे जो कभी इस पृथ्वी की सतह पर चलते फिरते थे। उनमें से कुछ 12 फीट उ$ँचे थे, कुछ 60 फीट लंबे थे, कुछ 80 फीट लंबे थे। 80 फीट लंबे। यह लंबाई, समझ लीजिए कि 6 या 7 बड़ी मोटरकारों की लंबाई होगी µ एक सिरे से दूसरे सिरे तक। उनमें से एक के पिछले पैर की उ$परी अस्थि किसी उ$ँचे मनुष्य के आकार के बराबर थी µ 6 फीट 2 इंच लंबी। एक अन्य प्रा.ी की कल्पना कीजिए जिसका सिर कक्षा के प्रवेश-द्वार के बराबर था - लंबाई में 8 फीट, और जिसके उ$पर तीन नुकीली अस्थियों के स्थान बने हुए थे। अथवा एक ऐसे प्रा.ी की कल्पना कीजिए जिसकी पीठ पर किनारे-किनारे नुकीली पट्टियाँ चिपकी हुई हों। यह पट्टियाँ संभवतः उन जीव-जन्तुओं के आक्रम. से बचाने के लिए थी, जो उसका भक्ष. करना चाहते थे। इतिहास के किसी युग में ये ‘डाइनौसॉर्स’ विश्व के अधिपति थे, सारी पृथ्वी के स्वामी थे। अब उनका कोई अस्तित्व नहीं रहा।
उनके विषय में हमारा ज्ञान पूर्. रूप से उन अस्थियों पर आधारित है जो धरती के भीतर यंत्रा-तंत्रा गाड़ी हुई लुप्तप्राय स्थिति में मिली हैं।

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प्रश्नः
(क) प्राचीन काल के इतिहास का अध्ययन करने के लिए कौन-सी पद्धति श्रेष्ठ मानी जाती है? 12
(ख) लुप्तप्राय जीव जंतुओं की अस्थियाँ वैज्ञानिक को कौन-सी सूचना प्रदान करती है? 12
(ग) ‘डाइनौसॉर्स’ के विषय में कौन-सा तथ्य आपको सर्वाधिक उत्तेजक प्रतीत होता है? 12
(घ) कुछ ‘डाइनौसॉर्स’ की पीठ पर चिपकी नुकीली पट्टियों के विषय में लेखक ने क्या अनुमान किया है? 12
(ङ) उपर्युक्त अनुच्छेद का उपयुक्त शीर्षक क्या हो सकता है

3. निम्नलिखित अवतर. का सारांश लगभग 200 शब्दों में लिखिए। सारांश यथासंभव आपके अपने शब्दों में हो। उसे निर्धारित शीट पर लिखें और उत्तर-पुस्तिका के अन्दर मजबूती से बाँध दें। अपने उत्तर में प्रयुक्त शब्दों की संख्या का उल्लेख कर दें। सारांश के बाद निर्धारित सीमा से बहुत अधिक या बहुत कम होने पर अंक काटे जाएँगे। 60

खेती करना सीखने के पूर्व मनुष्य ने मछली मारना सीखा। सर्वप्रथम वह किसी हड्डी अथवा छड़ी से मछली पकड़ता था जिसके दोनों सिरे नौकीले बनाए जाते थे, बीच में डोरी या रस्सी पैं$कने के लिए एक छेद किया जाता था। उस हड्डी या छड़ी पर चारा चिपका दिया जाता था। जब मछली उसे निगलती तो डोरी या रस्सी खिंच जाती और वह वस्तु मछली के गले में अटक जाती थी। फिजी द्वीप-समूह की जातियों द्वारा यह आदिम पद्धति अभी तक काम में लाई जाती है। इससे पँ$साने वाले काँटों का विकास हुआ। किन्तु धातु की खोज करने के पूर्व से काँटे हड्डी, सीपी या चकमक पत्थर से बनाए जाते थे। जालों का उपयोग भी किया जाता था और प्राचीन मिò के चित्रों से प्रमाणित होता है कि तीन हजार पाँच सौ वर्ष पूर्व जालों का अस्तित्व था।

मछली पकड़ने की ये पद्धतियाँ µ एकाकी अथवा लघु परिमा. में - उन्नसीवीं शताब्दइी तक मलू रूप से अपरिवर्तित बनी रही। फिर ‘महाजाल’ की पद्धति का आविष्कार हुआ। ‘महाजाल’ एक थैलीनुमा जाल होता है जिसका चौड़ा मुँह शहतीर लगाकर खुला रखा जाता है, और इसे नाव द्वारा नीचे नीचे घसीटा जाता है। इंजन लग जाने पर ये नावें दूर-दूर तक जाने लगीं और अधिक मछलियाँ पकड़ने लगी। नाव का आकार बड़ा करने पर म.डार. के लिए अधिक स्थान मिल गया। गति बढ़ाने का तात्पर्य यह हुआ कि मछलियाँ बन्दरगाह तक यथाशीघ्र पहुँचने लगीं। रेलवे निर्मा. तथा प्रशीतन के आविष्कार ने मत्स्य-उद्योग की संभावनाओं को विशेष रूप से उज्जवल बना दिया। अब उपभोक्ता नियमित और अविकृत रूप में अपनी मछली प्राप्त कर सकता था।

बड़े पैमाने पर मछली पकड़ने की पद्धतियों में, नौकायन तथा प्रशीतन में उत्तरोत्तर सुधार रहने के कार. मत्स्य-उद्योग ने एक विशाल उद्योग-धंधे का रूप धार. कर लिया है। मछली पकड़ने के सर्वाधिक महत्त्वपूर्. स्थान उत्तर अटलांटिक महासागर में न्यू फाउ.डलै.ड तथा लैब्राडोर के समीप हैं जहाँ अनेक राष्ट्रों के जहाजी बेडे ‘हैरिंग’, ‘हैडॉक’ तथा मैक्रील’ जैसी मछलियाँ पकड़ते हैं। प्रशांत महासागर में ‘सालमन;, ‘सार्डीन’ तथा ‘तुना’ नामक मछलियाँ पकड़ी जाती हैं। जापान विश्व का सबसे बड़ा मत्स्य उत्पादक राष्ट्र है।

भारत में यद्यपि ताजी मछली पसन्द की जाती है (सूखी मछली का प्रयोग सीमित है), फिर भी विश्वभर में अनेक प्रकार से मछली खाई जाती है उसे ठ.डा बना कर, जमा कर, भर कर, फाँक बना कर, धुआँ लगा कर, हड्डी निकाल कर, शोधित कर, नमक लगा कर, डिब्बाबन्द कर, आचार बना कर, इत्यादि। जो अंश मनुष्य के खाद्य पदार्थ के रूप में प्रयुक्त नही हो सकता, उसे मत्स्य-चूर्. बना देते हैं। इसका प्रयोग चारे अथवा खाद के रूप में कर सकते हैं। मछली का एक महत्त्वपूर्. उत्पाद सज्जा-सामग्री के लिए तैयार की जाने वाली गोंद है।

भारत जैसे देश में, जहाँ मांस अधिक नहीं खाया जाता, मछली जैविक प्रोटीन का एक महत्त्वपूर्. òोत हो सकती है। विदेशी मुद्रा अर्जित करने के लिए भी यह एक उत्तम òोत है। सन् 1973 में भारत में 52.300 टन समुद्री उत्पादों का निर्यात किया जिसका मूल्य 89 करोड़ रुपए था। समुद्र की गहराई में जाकर मत्स्य-उद्योग को विकसित करने के लिए भारत सरकार ने 200 जलपोत रखने का प्रस्ताव किया है। मद्रास, विशाखापट्टन, कोचीन तथा कलकत्ता जैसे विशाल बन्दरगाहों पर मछली पकड़ने के लिए अलग से बन्दरगाह बनाने का कार्य भी प्रगति कर रहा है।

4. निम्नलिखित अवतर. का हिन्दी में अनुवाद कीजिएः 20

Nothing good can be had in the world without hard struggle. It is the constant struggle that makes life full of interest. Take games for example: if the result of a game is practically certain and known even before the contest, that game can have no excitement for us. The parties playing the game can derive pleasure from it only if there is competition. Unless the contesting sides are well matched the winning or losing of the game has no meaning. Although we may dislike the idea, life is a constant struggle.

5. निम्नलिखित अवतर. का अंग्रेजी में अनुवाद कीजिएः 20

किसी समय एक देश में सीधा-सादा वृद्ध किसान निवास करता था जो समृद्ध बन जाने की चिन्ता से कभी परेशान नहीं हुआ। अवस्था अधिक हो जाने के कार. उसके केश चाँदी जैसे श्वेत हो गए थे और उसने अनुभव करके श्रेष्ठ बुद्धिमान अर्जित कर ली थी। वह अपनी भेड़ों की सेवा-टहल करता रहता और वर्ष की प्रत्येक ऋतु में भेड़ों का बाड़ा बना कर उनकी पहरेदारी करता था। इस प्रकार उसने बिना किसी से राग द्वेष किए परिश्रमपूर्वक अपना जीवन प्रसन्नता और सन्तोष के साथ व्यतीत किया। इसलिए संपूर्. ग्रामी. अंचल में अपनी बुद्धिमत्ता तथा ईमानदारी के लिए सम्मान किया जाता था।

6. (क) निम्नलिखित मुहावरों तथा लोकोक्तियों में से किन्हीं पाँच के अर्थ लिखिए और उनका वाक्यों में प्रयोग कीजिएः 20

(i) आसमान से बातें करना
(ii) घर पूँ$क तमाशा देखना
(iii) पूँ$क-पूँ$क कर कमद रखना
(iv) बाल की खाल निकालना
(v) सिर पर भूत सवार होना
(vi) अधजल गगरी छलकत जाय
(vii) हाथ कगन को आरसी क्या
(viii) मुँह में राम बगल मे छुरी
(ix) तुम डाल-डाल हम पात-पात
(x) आँख के अन्धे नाम नैनसुख

(ख) निम्नलिखित वाक्यों में से किन्हीं पाँच को शुद्ध कीजिएः 10

(i) उसने कहा कि मैं चार भाई हूँ।
(ii) देश की जितनी दुर्गति पहले कभी नहीं हुई।
(iii) वह नगर का सर्वोत्तम बढ़िया खिलाड़ी है।
(iv) मैं पढ़ने का नित्य व्यायाम करता हूँ।
(v) सभा के प्रत्येक सदस्यों की यही राय थी।
(vi) बुराई सुनते सुनते मेरा कान पक गया।
(vii) साहित्य और जीवन का घनघोर सम्बन्ध है।
(viii) राम ने आपके उ$पर मुकदमा चलाया है।
(ix) दिल्ली से अनेक पत्रा और पत्रिकाओं का प्रकाशन होता है।
(x) यह कहानी जो है, वह सुदर्शन की लिखी है।

(ग) निम्नलिखित युग्मों में से किन्हीं दो में दिए हुए शब्दों का इस प्रकार वाक्यों में प्रयोग कीजिए कि युग्म-शब्दों का अंतर स्पष्ट हो जाएः 10

(i) अनुशासन - प्रशासन
(ii) संगठन - समुदाय
(iii) राजभाषा - राष्ट्रभाषा
(iv) आवेदन - प्रतिवेदन

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