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(Download) संघ लोक सेवा आयोग सिविल सेवा - मुख्य परीक्षा (भौतिकी) Paper-2- 2017


संघ लोक सेवा आयोग सिविल सेवा - मुख्य परीक्षा
(Download) UPSC IAS Mains Exam Paper - 2017 : भौतिकी (Paper - 2)


भौतिकी
(प्रश्न पत्र - II)

निर्धारित समय : तीन घंटे

अधिकतम अंक : 250

प्रश्न-पत्र सम्बन्धी विशेष अनुदेश

कृपया प्रश्नों के उत्तर देने से पूर्व निम्नलिखित प्रत्येक अनुदेश को ध्यानपूर्वक पढ़े :

इसमें आठ (8) प्रश्न हैं जो दो खण्डों में विभाजित हैं तथा हिन्दी और अंग्रेज़ी दोनों में छपे हैं ।

परीक्षार्थी को कुल पाँच प्रश्नों के उत्तर देने हैं।

प्रश्न संख्या 1 और 5 अनिवार्य हैं तथा बाकी में प्रत्येक खण्ड से कम-से-कम एक प्रश्न चुनकर किन्हीं तीन प्रश्नों के उत्तर दीजिए । प्रत्येक प्रश्न/भाग के अंक उसके सामने दिए गए हैं ।

प्रश्नों के उत्तर उसी प्राधिकृत माध्यम में लिखे जाने चाहिए जिसका उल्लेख आपके प्रवेश-पत्र में किया गया है, और इस माध्यम का स्पष्ट उल्लेख प्रश्न-सह-उत्तर (क्यू.सी.ए.) पुस्तिका के मुख-पृष्ठ पर निर्दिष्ट स्थान पर किया जाना चाहिए । प्राधिकृत माध्यम के अतिरिक्त अन्य किसी माध्यम में लिखे गए उत्तर पर कोई अंक नहीं मिलेंगे।

प्रश्नों में शब्द सीमा, जहाँ विनिर्दिष्ट है, का अनुसरण किया जाना चाहिए ।

जहाँ आवश्यक हो, आरेख / चित्र उत्तर के लिए दिए गए स्थान में ही दर्शाइए ।

प्रश्नों के उत्तरों की गणना क्रमानुसार की जाएगी । यदि काटा नहीं हो, तो प्रश्न के उत्तर की गणना की जाएगी चाहे वह उत्तर अंशतः दिया गया हो । प्रश्न-सह-उत्तर पुस्तिका में खाली छोड़ा हुआ पृष्ठ या उसके अंश को स्पष्ट रूप से काटा जाना चाहिए ।

खण्ड - A

Q1. (a) एक स्रोत से 4.0 keV इलेक्ट्रॉनों का किरणपुंज 50.0 cm दूरी पर एक टार्गेट पर आपतित है । हाइज़नबर्ग के अनिश्चितता सिद्धान्त के कारण इलेक्ट्रॉन किरणपुंज की त्रिज्या ज्ञात कीजिये ।
(b) 10 एक 10 nm चौड़ाई के 1-विमीय विभव कूप में गतिमान होने के लिये परिरुद्ध एक इलेक्ट्रॉन की निम्नतम ऊर्जा का परिकलन कीजिये ।
(c) हाइड्रोजन परमाणु की प्रथम उत्तेजित अवस्था में कक्षीय परिक्रमण करते हुए इलेक्ट्रॉन की दे ब्राग्ली तरंगदैर्घ्य का आकलन कीजिये ।
(d) दर्शाइये कि सामान्य ताप पर एक मध्यम आकार के अणु की दो निकटवर्ती ऊर्जा स्तरों से घूर्णी संक्रमणों के संगत अवशोषण स्पेक्ट्रम में रेखाओं की तीव्रतायें तुलनात्मक (बराबर की) होती हैं ।
(e) प्रदत्त कि HCl अणु का बल नियतांक = 516 Nm-1 है । अणु के कम्पन की मूल विधा की तरंग-संख्या निर्धारित कीजिये । सामान्य ताप पर HCl अणु के कम्पन स्पेक्ट्रम में कितनी संक्रमण रेखाओं के होने की आशा की जा सकती है ?

Q2. (a) 2p अवस्था में हाइड्रोजन परमाणु की नाभिक से इलेक्ट्रॉन की प्रायिकतम दूरी का आकलन कीजिये । इस दूरी पर इलेक्ट्रॉन के पाये जाने की प्रायिकता क्या है ?
(b) श्रोडिंगर समीकरण का उपयोग करते हुये, एक 1-विमीय सरल आवर्ती दोलक के लिये ऊर्जा के अभिलक्षणक फलनों और अभिलक्षणक मानों को प्राप्त कीजिये । पहली तीन ऊर्जा अवस्थाओं के अभिलक्षणक फलनों के प्रोफाइलों के रेखाचित्र बनाइए ।
(c) एक 0.1 nm चौड़ाई और 4.0 eV के विभव प्राचीर में से होकर 1.0 eV ऊर्जा के एक इलेक्ट्रॉन के पारगमन की प्रायिकता का परिकलन कीजिये ।

Q3. (a) ऊर्जा स्तर आरेख की सहायता से स्टोक्स और प्रति-स्टोक्स रमन प्रकीर्णन को समझाइये । एक द्वि-परमाण्विक अणु के लिये, घूर्णनात्मक सूक्ष्म संरचना के साथ रमन स्पैक्ट्रम की संक्रमण ऊर्जाओं के लिये व्यंजक प्राप्त कीजिये और अतः स्टोक्स रेखाओं की तरंग संख्याओं को प्राप्त कीजिये ।
(b) समझाइये कि किस कारण कुछ रमन स्पैक्ट्रमों में रेखायें विभिन्न मात्राओं तक समतल ध्रुवित पायी जाती हैं, जबकि उत्तेजक विकिरण पूर्णतः अधूवित होता है ।
(c) फ्रांक-कॉन्डन सिद्धान्त का कथन कीजिये । फ्रांक-कॉन्डन गुणकों को परिभाषित कीजिये । व्यवस्थात्मक आरेख रेखाचित्र का इस्तेमाल करते हुए उत्तेजित अवस्थाओं के क्षय के फलस्वरूप होने वाली प्रतिदीप्ति और स्फुरदीप्ति परिघटनाओं की व्याख्या कीजिये ।

Q4. (a) समझाइये कि किस कारण कोणीय संवेग के वर्ग (L2) और L के घटकों (Lx, Ly, Lz) में से केवल एक, गति के स्थिरांक माने जाते हैं ।
(b) नाभिकीय चुम्बकीय अनुनाद (NMR) के सिद्धान्त को एक ऊर्जा स्तर आरेख की सहायता से समझाइये । NMR को प्रदर्शित करने वाली नाभिकाओं के उदाहरण दीजिये । एक NMR स्पेक्ट्रा से क्या मुख्य निष्कर्ष निकाले जा सकते हैं ?
(c) एक NMR प्रयोग में हाइड्रोजन परमाणुओं पर 5.0 T का चुम्बकीय क्षेत्र प्रयुक्त किया जाता है । हाइड्रोजन परमाणु के नाभिक की दो प्रचक्रण (स्पेन) अवस्थाओं और NMR के लिये आवश्यक विकिरण की आवृत्ति के बीच ऊर्जा में अंतर (kJ/mol) निर्धारित कीजिये ।

खण्ड - B

Q5. (a) एक टार्गेट (सीसा) पर आपतित 10 MeV ऊर्जा के अल्फा कणों के वृहत्कोणीय (पश्च) प्रकीर्णन का इस्तेमाल करते हुए सीसा (Z = 82) की नाभिकीय त्रिज्या की कोटि का आकलन कीजिये ।
[दिया गया है : (4pe0)-1 = 9x109 Nm2C-2]
(b) नाभिकीय बल की आवेश स्वतन्त्रता और आवेश सममिति के बीच विभेदन कीजिए । इनमें से प्रत्येक के लिये एक उदाहरण दीजिये ।
(c) संक्षेप में वर्णन कीजिये कि किस तरह 3-क्षय में पैरिटी के उल्लंघन को प्रायोगिकतः देखा गया था ? आप ‘न्यूट्रिनोस लेफ्ट-हैंडिड होते हैं' कथन से क्या समझते हैं ?
(d) एक अर्द्धचालक में एक चालक बैंड इलेक्ट्रॉन के लिये ऊर्जा (E) और तरंग सदिश (k) इस प्रकार सम्बद्ध हैं E = a h2k2 / m0 जहाँ a एक स्थिरांक है और m0 मुक्त इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान । इलेक्ट्रॉन के प्रभावी द्रव्यमान का परिकलन कीजिये ।
(e) विचारिए ऊपर दिया गया संक्रियात्मक प्रवर्धक परिपथ :
दिया गया है, R1 = 10 kW, R2 = 150 kW और प्रवर्धक के विवृत लूप गेन और उसकी बैंड चौडाई का गुणनफल = 106Hz । प्रवर्धक की संवृत लूप बैंड चौड़ाई निर्धारित कीजिये ।

Q6. (a) (i) ड्यूट्रॉन के दो गुणधर्मों को लिखिये जो अ-केन्द्रीय टेन्सर बल के अस्तित्व का समर्थन करते हैं।
(ii) दिया गया है कि ड्यूट्रॉन चुम्बकीय आघूर्ण संकारक आपरेटर (न्यूक्लीयर मेग्नेटॉन की यूनिटों में) को इस प्रकार अभिव्यक्त किया जा सकता है।

(b) (i) प्रति-न्यूक्लिऑन बंधन ऊर्जा (BE/A) के द्रव्यमान संख्या A के सापेक्ष आलेख में 30 < A < 170 के क्षेत्र में प्रति न्यूक्लिऑन औसत बंधन ऊर्जा (BE/A) की लगभग स्थिरता को कैसे स्पष्ट किया जाता है ?
(ii) आयतन पद, पृष्ठ ऊर्जा पद, कूलॉम और सममिति ऊर्जा संशोधन पदों की भूमिका का उल्लेख करते हुये, अर्ध आनुभाविक द्रव्यमान फार्मूला लिखिये ।

(c) (i) एक दूसरे से भेद दिखाते हुये प्रबल, दुर्बल और विद्युत चुम्बकीय बलों के तीन अभिलाक्षणिक गुणधर्मों | का कथन कीजिये ।।
(ii) उन अन्योन्य क्रियाओं को इंगित कीजिये जिनमें निम्नलिखित संरक्षण नियमों का अनुपालन या उल्लंघन होता है ।

(a) समस्थानिक प्रचक्रण (आइसोटोपिक स्पिन)
(b) अति आवेश
(c) लेप्टान संख्या
(d) चार्ज संयुग्मन

(iii) निम्नलिखित में से प्रत्येक के क्वार्क घटकों को लिखिये :

(a) p+
(b) K+
(c) D++
(d) So
(e) W-

Q7. (a) एक एकसमान बाह्य चुम्बकीय क्षेत्र H में केवल दो ऊर्जा स्तरों में रहने वाला अनुचुम्बकीय परमाणुओं (N प्रति एकक आयतन) का एक तंत्र ताप T पर है। अगर यह तंत्र बोल्ट्समान के वितरण का अनुसरण करता है, तो तंत्र का चुम्बकन और चुम्बकीय प्रवृत्ति ज्ञात कीजिये ।
(b) अतिचालकता के लंडन के समीकरण का इस्तेमाल करते हुये वेधन गहराई के लिये व्यंजक प्राप्त कीजिये और उसके महत्व को समझाइये ।
(c) एक अर्द्धचालक में एक इलेक्ट्रॉन और एक विवर (होल) के प्रभावी द्रव्यमान क्रमशः 0.07 m0 और 0.4 m0 हैं, जहाँ m0 मुक्त इलेक्ट्रॉन द्रव्यमान है । मानते हुए कि विवर के लिये औसत विश्रान्ति काल इलेक्ट्रॉन के विश्रान्ति काल का आधा है तो विवरों की गतिशीलता का परिकलन कीजिये जब इलेक्ट्रॉनों की गतिशीलता 0.8 m2 volt-1s-1 है।

Q8. (a) ऊपर दिये रेखाचित्र में एक प्रवर्धक को उभयनिष्ठ उत्सर्जक संरूपण में दर्शाया गया है ।
अगर धारा लब्धि (गेन) b = 100 और a.c. उत्सर्जक प्रतिरोध = 25.0 W हो, तो प्रवर्धक की निवेशी प्रतिबाधा और वोल्टता लब्धि निर्धारित कीजिये ।

(b) ऊपर दिया गया स्व-अभिनत p-चैनल JFET का एक परिपथ है :
अगर संकुचन बोल्टता 5.0 V है और Vds = 6.0 V हो, तो संतृप्ति धारा IDSS का परिकलन कीजिये ।

(c) कोश मॉडल (शैल मॉडल) में प्रचक्रण-कक्षा (स्पिन ऑरबिट) युग्मन को शामिल करते हुये एकल कण के ऊर्जा स्तरों का व्यवस्था चित्र बनाइए । दर्शाइये कि यह किस तरह नाभिकों में मैजिक संख्या की व्याख्या करता है । दो उदाहरण देकर दर्शाइये कि यह स्कीम किस प्रकार विषम द्रव्यमान संख्या A के नाभिकों के कणों और प्रचक्रणों का पूर्वानुमान लगाती है ।

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UPSC सामान्य अध्ययन प्रारंभिक एवं मुख्य परीक्षा (Combo) Study Kit

सामान्य अध्ययन सिविल सेवा मुख्य परीक्षा अध्ययन सामग्री (GS Mains Study Kit)

(Download) संघ लोक सेवा आयोग सिविल सेवा - मुख्य परीक्षा (भौतिकी) Paper-1- 2017


संघ लोक सेवा आयोग सिविल सेवा - मुख्य परीक्षा
(Download) UPSC IAS Mains Exam Paper - 2017 : भौतिकी (Paper - 1)


भौतिकी
(प्रश्न पत्र - I)

निर्धारित समय : तीन घंटे

अधिकतम अंक : 250

प्रश्न-पत्र सम्बन्धी विशेष अनुदेश

कृपया प्रश्नों के उत्तर देने से पूर्व निम्नलिखित प्रत्येक अनुदेश को ध्यानपूर्वक पढ़े :

इसमें आठ (8) प्रश्न हैं जो दो खण्डों में विभाजित हैं तथा हिन्दी और अंग्रेज़ी दोनों में छपे हैं ।

परीक्षार्थी को कुल पाँच प्रश्नों के उत्तर देने हैं।

प्रश्न संख्या 1 और 5 अनिवार्य हैं तथा बाकी में प्रत्येक खण्ड से कम-से-कम एक प्रश्न चुनकर किन्हीं तीन प्रश्नों के उत्तर दीजिए । प्रत्येक प्रश्न/भाग के अंक उसके सामने दिए गए हैं ।

प्रश्नों के उत्तर उसी प्राधिकृत माध्यम में लिखे जाने चाहिए जिसका उल्लेख आपके प्रवेश-पत्र में किया गया है, और इस माध्यम का स्पष्ट उल्लेख प्रश्न-सह-उत्तर (क्यू.सी.ए.) पुस्तिका के मुख-पृष्ठ पर निर्दिष्ट स्थान पर किया जाना चाहिए । प्राधिकृत माध्यम के अतिरिक्त अन्य किसी माध्यम में लिखे गए उत्तर पर कोई अंक नहीं मिलेंगे।

प्रश्नों में शब्द सीमा, जहाँ विनिर्दिष्ट है, का अनुसरण किया जाना चाहिए ।

जहाँ आवश्यक हो, आरेख / चित्र उत्तर के लिए दिए गए स्थान में ही दर्शाइए ।

प्रश्नों के उत्तरों की गणना क्रमानुसार की जाएगी । यदि काटा नहीं हो, तो प्रश्न के उत्तर की गणना की जाएगी चाहे वह उत्तर अंशतः दिया गया हो । प्रश्न-सह-उत्तर पुस्तिका में खाली छोड़ा हुआ पृष्ठ या उसके अंश को स्पष्ट रूप से काटा जाना चाहिए ।

खण्ड - A

Q1. (a) त्रिज्या r की एक वृत्तीय कक्षा में, द्रव्यमान m के एक उपग्रह के कोणीय संवेग को गतिज, स्थितिज और कुल ऊर्जा के रूप में व्यक्त कीजिए।
(b) माइकेल्सन-मोरले प्रयोग का वर्णन कीजिए और दर्शाइए कि इस प्रयोग से प्राप्त ऋणात्मक परिणामों का किस प्रकार निर्वचन किया गया था।
(c) एक शांत झील से सूर्य का प्रकाश परावर्तित होता है। किसी क्षण, परावर्तित प्रकाश 100% ध्रुवीकृत हो जाता है। सूर्य एवं क्षितिज के बीच का कोण ज्ञात कीजिए।
(d) 'तरंगाग्र का विभाजन' और 'आयाम का विभाजन के कारण होने वाले व्यतिकरणों को समुचित उदाहरण द्वारा समझाइए।
(e) एक ऐसी गैस में ध्वनि के वेग को ज्ञात कीजिए, जिसमें तरंगदैर्ध्य 1.00 m और 1.01 m की दो तरंगें 3 सेकण्ड में 10 विस्पन्द पैदा करती हैं।

Q2. (a) जड़त्व आघूर्ण को परिभाषित कीजिए एवं इसके भौतिक महत्त्व को स्पष्ट कीजिए। एक वलयाकार अँगूठी का उसके केन्द्र से होकर गुजरने वाले एवं उसके तल के लम्बवत् अक्ष के सापेक्ष जड़त्व आघूर्ण का परिकलन कीजिए।
(b) एक द्विपरमाणुक अणु को एक नियत दूरी r द्वारा पृथकृत दो द्रव्यमानों m1 एवं m2 से बना हुआ मान सकते हैं। द्रव्यमान m1 से द्रव्यमान-केन्द्र C की दूरी के लिए एक व्यंजक स्थापित कीजिए। साथ ही दर्शाइए कि C से होकर गुजरने वाले और r के लम्बवत् अक्ष के सापेक्ष निकाय का जड़त्व आघूर्ण mr2 होगा, जहाँ m = m1m2 / m1 + m2 है।
(c) स्टोक्स के नियम का कथन कीजिए और इसको स्पष्ट कीजिए। त्रिज्या 0.01 m के जल की एक बूंद एक ऐसे माध्यम में से गिर रही है जिसका घनत्व 1.21 kg/m3 है एवं n =1.8x10-5 N-s/m2 है। जल की उस बूंद का सीमान्त वेग ज्ञात कीजिए।

Q3. (a) बहु-किरणपुंज व्यतिकरण क्या है? चर्चा कीजिए कि बहु-किरणपुंज व्यतिकरणमिति किस प्रकार द्वि-किरणपुंज व्यतिकरणमिति से ज्यादा लाभदायक है। फैब्री-पेरॉटू व्यतिकरणमापी द्वारा बने फ्रिजों को स्पष्ट कीजिए।
(b) दर्शाइए कि सभी अर्ध-आवर्तन ज़ोनों का क्षेत्रफल लगभग बराबर होता है। एक ज़ोन पट्टिका में, जिसकी फोकस दूरी 50 cm एवं आपतित प्रकाश का तरंगदैर्घ्य 500 nm है, प्रथम अर्ध-आवर्तन ज़ोन की त्रिज्या ज्ञात कीजिए।
(c) एक समतल-ध्रुवित प्रकाश 40 mm मोटाई वाले एक द्वि-अपवर्तित क्रिस्टल में से गुजरता है और वृत्तीयतः ध्रुवित होकर बाहर निकलता है। यदि क्रिस्टल का द्वि-अपवर्तन 0.00004 है, तो आपतित प्रकाश का तरंगदैर्घ्य ज्ञात कीजिए।
(d) वायु में रखे एक ऐसे पतले लेंस का तंत्र आव्यूह ज्ञात कीजिए, जो अपवर्तनांक 1.5 की वस्तु से बना है एवं जिसके प्रत्येक पृष्ठ की वक्रता-त्रिज्या 50 cm है। इस लेंस की फोकस दूरी भी ज्ञात कीजिए।

Q4. (a) 9 m/s की रफ्तार से गतिमान एक गेंद एक दूसरे समान गेंद, जो स्थिर है, से इस तरह टकराती है कि टक्कर के बाद प्रत्येक गेंद गति की प्रारम्भिक दिशा से 30° को कोण बनाती है। इस टक्कर के बाद गेंदों की रफ्तार ज्ञात कीजिए। क्या इस टक्कर में गतिज ऊर्जा संरक्षित रहती है?
(b) सिद्ध कीजिए कि x2 +y2+z2 =c2t2 लोरेन्ट्स रूपान्तरण के तहत निश्चर है।
(c) लेज़र प्रकाश, सामान्य प्रकाश से किस प्रकार भिन्न है? रूबी लेज़र की कार्यप्रणाली पर चर्चा कीजिए। इस प्रक्रम में क्रोमियम आयनों की क्या भूमिका है?
(d) प्रकाशिक तंतु की संक्रिया के सिद्धान्त को स्पष्ट कीजिए। प्रकाशिक तंतु में होने वाली विभिन्न क्षय प्रक्रियाएँ कौन-कौन सी हैं?

खण्ड-B

Q5. (a) 'कृत्रिम परावैद्युत' के सिद्धान्त की चर्चा कीजिए। इसका प्रयोग कहाँ किया जाता है?
(b) यदि 120 V, 60 w के एक बल्ब को 240 V, 60 Hz की विद्युत् आपूर्ति के साथ जोड़ा जाता है, तो इसके सामान्य रूप से जलने के लिए श्रेणीक्रम (सीरीज़) में कितने अधिक मात्रा का प्रेरकत्व का जोड़ा जाना
आवश्यक होता है?
(c) एक आवेश q = 2mC को अनन्त भूसम्पर्कित चालक समतल चादर से a = 10 cm की दूरी पर रखा जाता है। (i) उस चादर में कुल उत्प्रेरित आवेश, (ii) आवेश q पर बल एवं (iii) इस आवेश को धीरे-धीरे चादर के तल से अनन्त दूरी तक ले जाने में लगने वाला कुल कार्य ज्ञात कीजिए।
(d) 1 लीटर हाइड्रोजन 127 °C ताप एवं 106 dynes/cm2 दाब पर समतापीयतः प्रसारित होती है जब तक कि उसका आयतन दोगुना नहीं हो जाता है और फिर वह तब तक रुद्धोष्मीयतः प्रसारित होती है जब तक कि उसका आयतन पुनः दोगुना नहीं हो जाता है। परिणामी दाब का परिकलन कीजिए। (g = 1.42)
(e) मैक्सवेल-बोल्ज़मान वितरण नियम का इस्तेमाल करते हुए दर्शाइए कि कोई भी ऋणात्मक परम ताप हो ही नहीं सकता है।

Q6. (a) कोई धात्विक वस्तु लेकर जब एक व्यक्ति धात्विक संसूचक के दरवाजे के बीच से गुजरता है, तो एक ध्वनि उत्पन्न होती है। इस प्रक्रिया का कारण स्पष्ट कीजिए।
एक 200 W का प्रतिरोधक और एक 15 uF का संधारित्र 220 V, 50 Hz a.c. विद्युत् आपूर्ति से श्रेणीक्रम में जोड़े गए हैं। परिपथ में विद्युत् धारा तथा प्रतिरोधक एवं संधारित्र के आर-पार वर्ग-माध्य-मूल वोल्टता का परिकलन कीजिए। क्या इन सभी वोल्टताओं का बीजगणितीय योग आपूर्ति वोल्टता से ज्यादा है? यदि हाँ, तो इस विरोधाभास का समाधान कीजिए।
(b) (i) स्टीफेन-बोल्ज़मान के विकिरण-नियम को लिखिए और इसे प्लांक के विकिरण-नियम से व्युत्पन्न कीजिए।
(ii) एक ऐलुमिनियम की पन्नी को, जिसकी आपेक्षिक उत्सर्जकता 0.1 है, दो संकेन्द्रिक गोलों (पूर्णतः काले), जिनके तापमान क्रमशः 300 K एवं 200 K हैं, के बीच रखी गई है। स्थिर अवस्था प्राप्त होने पर पन्नी
का तापमान ज्ञात कीजिए।
(c) एक अचालक परावैद्युत माध्यम में विद्युत्-चुम्बकीय तरंग समीकरणों को लिखिए। तत्पश्चात् दर्शाइए कि तरंग संचरण का वेग v = Ö1/em होगा, जहाँ प्रतीकों के सामान्य व्यावहारिक अर्थ हैं।
(d) एक धारा i(t) = (2e-t-e-2t) mA एक 120 nF संधारित्र को 2 सेकण्ड तक आवेशित करती है। यदि संधारित्र के आर-पार अंतिम वोल्टता 15 V है, तो इसके आर-पार प्रारम्भिक वोल्टता क्या थी? ।

Q7. (a) (i) साबुन का बुलबुला विद्युतीकरण पर क्यों फैलता है?
(ii) R त्रिज्या के एक गोले के ऊपरी अर्धगोलक एवं निचले अर्धगोलक पर क्रमशः +Q एवं -Q आवेश समान रूप से वितरित हैं। दर्शाइए कि आवेश वितरण का द्विध्रुव आघूर्ण 3/4QRk है, जहाँ k गोलीय निर्देशांक तंत्र के ध्रुवीय अक्ष की ओर निदेशित है।

(b) (i) ‘रक्षक छल्लों की विशेषताओं का संक्षेप में वर्णन कीजिए।
(ii) एक संधारित्र के प्लेट वर्गाकार हैं, जिनके प्रत्येक पावं की लम्बाई l है। ये प्लेट आपस में a कोण पर झुके हुए हैं। इन प्लेटों के बीच की सबसे कम दूरी a है। जब a छोटा हो, तब धारिता का परिकलन कीजिए।

(c) मैक्सवेल के समीकरणों का भौतिक महत्त्व लिखिए एवं विस्थापित धारा के सिद्धान्त को एक उचित उदाहरण का इस्तेमाल करते हुए समझाइए।
(d) क्लॉसियस-क्लैपेरॉन समीकरण को व्युत्पन्न कीजिए। यह ठोसों के गलनांक पर एवं तरलों के क्वथनांक पर दाब के प्रभाव को कैसे स्पष्ट करता है?

Q8. (a) मैक्सवेल-बोल्ज़मान वितरण को लिखिए एवं स्पष्ट कीजिए। इस वितरण के इस्तेमाल द्वारा सर्वाधिक सम्भावित वेग, माध्य वेग एवं वर्ग-माध्य-मूल वेग का व्यंजक प्राप्त कीजिए।
(b) हीलियम के क्रांतिक तापमान का परिकलन कीजिए। क्रांतिक नियतांक a = 6.15x10-5, b =9.95x10-4 दिए गए हैं, जहाँ दाब का मात्रक atm है और सैम्पल को एन० टी० पी० पर रखा गया है।
(c) एक उत्क्रमणीय इंजन ऊष्मा निवेश के 1/6 को कार्य में परिवर्तित करता है। जब कुण्ड (सिंक) का तापमान 62° C घटाया जाता है, तो उसकी दक्षता दोगुनी हो जाती है। स्रोत एवं कुण्ड (सिंक) का तापमान ज्ञात कीजिए।
(d) बोस-आइन्स्टाइन वितरण को समझाइए एवं बृहत् विहित समुच्चय से इसे प्राप्त कीजिए।

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संघ लोक सेवा आयोग सिविल सेवा - मुख्य परीक्षा
(Download) UPSC IAS Mains Exam Paper - 2017 : यांत्रिक - इंजीनियरी (Paper - 2)


यांत्रिक - इंजीनियरी
(प्रश्न पत्र - II)

निर्धारित समय : तीन घंटे

अधिकतम अंक : 250

प्रश्न-पत्र सम्बन्धी विशेष अनुदेश

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इसमें आठ (8) प्रश्न हैं जो दो खण्डों में विभाजित हैं तथा हिन्दी और अंग्रेज़ी दोनों में छपे हैं ।

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प्रश्न संख्या 1 और 5 अनिवार्य हैं तथा बाकी में प्रत्येक खण्ड से कम-से-कम एक प्रश्न चुनकर किन्हीं तीन प्रश्नों के उत्तर दीजिए । प्रत्येक प्रश्न/भाग के अंक उसके सामने दिए गए हैं ।

प्रश्नों के उत्तर उसी प्राधिकृत माध्यम में लिखे जाने चाहिए जिसका उल्लेख आपके प्रवेश-पत्र में किया गया है, और इस माध्यम का स्पष्ट उल्लेख प्रश्न-सह-उत्तर (क्यू.सी.ए.) पुस्तिका के मुख-पृष्ठ पर निर्दिष्ट स्थान पर किया जाना चाहिए । प्राधिकृत माध्यम के अतिरिक्त अन्य किसी माध्यम में लिखे गए उत्तर पर कोई अंक नहीं मिलेंगे।

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खण्ड - A

Q1. (a) एक अच्छी तरह से ऊष्मारोधी दृढ़ टैंक दो समान भागों में विभाजित हुआ है। प्रारंभ में एक भाग में 4 kg आदर्श गैस 800 kPa और 50°C पर है, जबकि दूसरा भाग निर्वातित है। अब बीच का विभाजन हटा दिया जाता है और गैस पूरे टैंक में फैल जाती हैं। टैंक में अंतिम तापमान और दाब का निर्धारण कीजिए ।
(b) संतृप्त वाष्प सम्पीड़न प्रशीतन चक्र के सभी प्रक्रमों को p-v, t-s और p-h आरेख पर दर्शाये और t-s आरेख पर प्रशीतन प्रभाव, संघनित्र से निष्कासित ऊष्मा और संपीडक कार्य को दर्शायें ।
(c) विकिरणीय ऊष्मा विनिमय के सम्बंध में आकृति गुणांक शेप फेक्टर क्या होता है ? चार आधारिक आकृति गुणांक नियमों का विवेचन कीजिए ।
(d) 4-आघात द्रुतक्रिय और निम्नक्रिय एरा.आई. अंतर्दहन इंजन वाल्व काल समंजन आरेख बनाइए।
(e) भाप की गुणता को परिभाषित करें और उसके विशिष्ट आयतन के व्यंजक को भाप की गुणता के रूप में व्युत्पन्न करें v= vf + xvfg

Q2. (a) एक गैस टरबाईन के सम्पीड़क (कम्प्रेसर) और टरबाईन की दक्षताएं क्रमशः 70% और 71% हैं। दहन कक्ष में प्रति किलो हवा में 476.35 kJ/kg अष्मा प्रदान की गई है । एक उचित दाब अनुपात दूकें, ताकि कार्य का अनुपात 0.054 रहे। इसके साथ संगत तापमान अनुपात को भी निकालें । प्रवेश वायु का कुल तापमान 300 K है ।
(b) एक फ्लू गैस का तापमान थर्मोकपल से नापना है। मापित तापमान का यथार्थतः पूर्वानुमान लगाने के लिए, समय अनुक्रिया के संदर्भ में, थर्मोकपल डिज़ाइन का मूल्यांकन करना आवश्यक है । थर्मोकपल के जड़ को 0.6 mm के व्यास का गोलक माना जा सकता है जिसके द्रव्य का घनत्व p= 8500 kg/m3, ऊष्मा चालकता K = 30 W/m-K और विशिष्ट ऊष्मा 0.3 kJ/kg-K हैं । जोड़ और पर्यावरण के बीच संबनी ऊष्मा अंतरण गुणांक (n) 300 W/m2-K है। प्रारंभिक तापमान अंतराल का 90 नापने के लिए कितना वक्त लगेगा ? विकिरण में ऊष्मा हानि और तापीय भौतिक गुणधर्म तापमान के साथ बदलना नज़र अंदाज कीजिए।
(c) विभिन्न प्रकारों के बॉयलरों को वर्गीकृत करें और बॉयलर चयन के लिये आवश्यक घटकों का विवेचन करे ।

Q3. (a) हृदय शल्यक्रिया करते समय, हायपोथक स्थिति में, रोगी का रक्त शल्यक्रिया के पहले ठंडा किया जाता है और फिर गर्म किया जाता है। इसके लिए 0.5 m लंबाई की समकेन्द्रित प्रतिवाह ऊष्मा विनिमवित्र नली का उपयोग किया गया है जिसकी अंदर की पतली दीवार वाली नली का व्यास 0.5 m है। 18°C, तापमान और 0.01 kg/s के प्रवाह के रक्त को गर्म करने के लिये 60°C तापमान का 0.1 kg/s प्रवाह का पानी प्रयोग किया है। ऊष्मा विनिमयत्र से बाहर निकलने वाले खून का तापमान ज्ञात कीजिए।
मानिए समग्र ऊष्मा अंतरण गुणांक (U) = 500 W/m2-K, रक्त की विशिष्ट ऊष्मा = 3.5 kJ/kg-K, पानी की विशिष्ट ऊष्मा C = 4.187 kJ/kg-K

(b) एकल सिलिंडर 4-स्ट्रोक पेट्रोल इंजन 20, संपूर्ण दक्षता के साथ 100 KM शक्ति उत्पन्न कर रहा है। इंजन का इंधन-वायु अनुपात 0.07 : 1 हैं। अगर हवा की घनता 12 kg/m3 हैं, वो कितने m3/hr की आवश्यकता होगी ? बाष्पीकृत धन को धनता हवा से 4 गुना ज्यादा हैं तो ईधन-वायु के मिश्रण को कितने m3/hr जरूरी है : ईधन का कैलोरी मान 4200kJ/kg है
(c) एक ऑटोगोबाइल टायर में दाब टावर में हवा के तापमान पर निर्भर करता है। जब हवा का तापमान 35 होता है, तो दवाब मापक 210 kPa बताता है। अगर टायर का आयतन 0.025 m3 हैं, तो निर्धारण करें कि टायर में कितना दाब बढ़ेगा, जब टायर में हवा का तापमान 50 तक बढ़ जाए। साथ ही, इस तापमान पर अपने मूल मान के दाब को बहाल करने के लिए वायु, की मात्रा का निर्धारण करें । मान लीजिए बि वायुमंडलीय दाब 100 kPa और वायु का गैस नियतांक R = 0.287 kPa m3/kg-K है ।

Q4. (a) एक 6-सिलिंडर 4-स्क डीज़ल इंजन का बोर 60 mm है और बैंक त्रिज्यां 32 mm है। इंजन का सम्पीड़न अनुपात (काप्रेशन रेसियो) 9:1 और इंजन आयतनी दक्षता (वोल्यूमेट्रिक एफिसेंसी) 90% है। निर्धारण कीजिए।

(i) स्ट्रोक की लंबाई
(ii) 1000 rpm पर पिस्टन की माध्य गति
(iii) प्रति सिलिंडर स्वेट आयतन
(iv) प्रति सिलिंडर क्लीयरेन्स आयतन
(v) इंजन की क्यूबिक क्षमता
(vi) हरेक सिलिंडर में प्रतिस्ट्रोक हवा का वास्तविक आयतन
(b) एक अक्षीय प्रवाह पंखे के रोटर का व्यास 30 cm है । यह 1470 आरपीएम पर चलता है । प्रवेश और निर्गम पर वेग त्रिभुज के बारे में निम्न आँकड़ों द्वारा बताया गया है : परिधीय वेग के घटक निरपेक्ष वैग के रूप में प्रवेश और निर्गत पर निम्न हैं :

Cy1 = 1/3u, Cy2 = 2/3u  है जहाँ C = द्रव वेग , u = परिधीय रफ़्तार

(ii) दाब उत्थान का परिकलन कीजिए, वायु का नियत घनत्व लीजिए, p = 1.25 kg/m3

(c) नली में से स्तरीय प्रवाह के लिए (i) स्थिर दीवार तापमान के संदर्भ में (ii) स्थिर ऊष्मा अभिवाह के संदर्भ में 'ऊष्मीयतः विकसित जोन'' क्या होता है, सुस्पष्ट कीजिए ।

खण्ड़ - B

Q5. (a) 'अभिनंब' और 'तिर्मक' प्रघात में क्या अंतर है। दोनों के महत्व का कथन कीजिए ।
(b) R-12 ब R-12 प्रशीतक द्रव्य के हानिकारक प्रभावों को स्पष्ट करें । उनका रासायनिक सूत्र तथा सामान्य क्वथनांक तापमान भी लिखें। साथ ही इन दोनों प्रशीतकों के स्थान पर काम आने वाले नये पर्यावरण हितैषी प्रतिस्थापी भी सुझाइए ।
(c) ठोस ईंधन के कैलोरिफिक मान के प्रायोगिक निर्धारण को स्वच्छ चित्र के द्वारा समझाते हुए, विवेचन करें ।
(d) पेट्रोल इंजन का बावु-ईंधन अनुपात शून्य भार से लेकर पूर्ण भार क्षमता की स्थिति तक बदलता रहता है। नीचे दी गई परिस्थितियों में इंजन के लिए वायु-ईंधन अनुपात आवश्यकताएं, कारण सहित, लिए :

(i) निष्कार्य दशा
(ii) असम (cruising) दशा
(iii) उच्च मार दशा
(iv) अतप्त प्रवर्तन दशा

(e) ईंधन के एक नमूने में भार के अनुसार निम्नलिखित प्रतिशतता विश्लेषण पाया गया : कार्बन 80 हाइड्रोजन 16; और राख आदि 4 । इस ईंधन के 1 kg के दहन हेतु आवश्यक वायु का न्यूनतम पार व आयतन निर्धारित कीजिए। आक्सीजन का घनत्व 1.429 कि.ग्रा./मी है ।

Q6. (a) एक चरण वाले एक चक्र के वाष्प सम्पीड़न प्रशीतन तंत्र में प्रशीतक R-134a का उपयोग किया गया है । संघनित्र और वाष्पनित्र के तापमान 35°C तथा –10°C है और प्रशीतक को 5°C से अवशीतल किया गया है। प्रति स्वैप्ट आयतन पर क्लियरेन्स आयतन 0.03 है । और स्वैट्र आयतन 260-4 सेमी हैं । सम्पइक को गति व दक्षता क्रमशः 2800 rpm और 80% । विस्तार सूचकांक 1.12 हैं । निर्धारण करे (1) सापक का निर्गम तापमान (ii) सम्पीड़क के निर्गम पर प्रशीतक की एन्थालपि (iii) अवशीतल्क 3, निर्गम पर एन्थालपि (i) सम्पादक की आयतनी दक्षता तथा (C) प्रशीतक की अमान प्रवाह दर । बाप व द्रव्य की विशिष्ट मा संघनित्र के दबाब पर क्रमशः 1.1 kJ/kg-K तथा 1.458 kJ/kg-K है । चूषण वाष्प को शुष्क संतृप्त और सम्पीड़न को सग एन्ट्रोपी मान लें ।

(b) किन चक्र पर आधारित एक शक्ति संयंत्र की निम्न दक्षताएं परिभाषित करें सम्पूर्ण दक्षता, बॉयलर की दक्षता, चक्र की दक्षता, यांत्रिक दक्षता और रैंकिन चक्र पर आधारित जेनरेटर की दक्षता । और इसके साथ निम्न को सिद्ध कीजिए :



(c) एक पराध्वनिक पवन सुरंग स्थिरण कक्ष परीक्षण अनुभाग में 10 बार से 4 बार के दाब से नौज़ल के माध्यम से हवा का विस्तार करता है। परीक्षण खंड में 500 m/s की गति प्राप्त करने के लिए स्थिरण कक्ष में आवश्यक ठहराव तापमान का परिकलन कीजिए । C = 1.025 kJ/kg-K और Cv =0.735 kJ/kg-K लें ।

Q7. (a) एक आवेग टरबाइन में एक पंक्ति के जश्के का उपयोग किया गया है और उसके ब्लैड़ का माध्य व्यास 105 सेमी हैं और गति 3000 आरपिएम है। नोज़ल कोण 18° हैं, लैड की गति और भाप की गति
को अनुपात 0.42 है, तथा इलैंड के निर्गम पर आपेक्षिक वेग और प्रवेश पर आपेक्षिक वेग का अनुपात 0.84 हैं । लैङ्ग का निर्गम को प्रवेश कोण से 3o कम है। भाप को प्रवाह दर 8 किग्नासैकण्ड हैं । ब्लैड़ों के लिए वेग आरेख बनाइये तथा निम्नलिखित का प्रावकलन कीजिए (i) ब्लैड पर परिणामी प्रणोद (ii) ब्लैड पर स्पर्शीय प्रणोद (iii) ब्लैड पर अक्षीय प्रणोद (iv) ब्लैड्स में उत्पन्न शक्ति और (v) ब्लैइ दक्षता ।

(b) एक छोटा डिस्क की आकृति का उपग्रह जिसका व्यास | मीटर हैं, पृथ्वी (व्यास 6250 km) से पृष्ठ से 300km की दूरी पर चक्कर काट रहा है । डिरक का समतल पृष्ठ पृथ्वी की सतह पर स्पर्शीय है । उपग्रह के सतह को उत्सर्जकता 0.3 और तापमान -18oC है। उपग्रह से ऊष्मा की अन्तरण को निवल दर का परिकलन कीजिए।
मान लीजिए।

(i) पृथ्वी एक कृष्णिका है और औसत पृथ्वी पृष्ठ तापमान 27°C है ।
(ii) उपग्रह भू-छाया में है ।
(iii) उपग्रह के पर्यावरण का जो भाग, जो पृथ्वी का भाग नहीं है, वह कृष्णिका है और तापमान O K है ।
(iv) स्टीफन बोटसमन गुणांक (C) = 5.67 x 10-8 W/m2.K4

(c) संबातन (वैन्टिलेशन) और अंतःस्पंदन (इनफिल्ट्रेशन) के बीच स्पष्टतया विभेदन कीजिए । इनफिल्ट्रेड वायु का प्राक्कलन करने की विधियों की विवेचना करें ।

Q8. (a) एक एकल सिलिंडर 4-स्ट्रोक डीज़ल इंजन के परीक्षण में निम्नलिखित आंकड़े पाये गये :

परीक्षण अवधि =1 hr
बोर x स्ट्रोक = 0.3m x 0.45 m
ईंधन खपत = 11.4 kg
ईंधन का कैलोरी मान = 42 MJ/kg
सूचित माध्य प्रभावी दाब = 6 bar
ब्रेक पर निवल भार = 1500 N
इंजन आर.पी.एम. = 300 rpm
ब्रेक ड्रम व्यास = 18 m
ब्रेक रज्जु व्यास = 20 mm
जैकेट शीतन जल की मात्रा = 600 kg
शीतन जल में ताप वृद्धि = 55°C
निकासी की मार्पित मात्रा = 290 kg
निकासी गैस का तापमान = 420°C
निकासी गैस की विशिष्ट ऊष्मा = 1.03 kJ/kg-K
परिवेश तापमान = 20°C

मालूम कीजिए :

(i) सूचित शक्ति
(ii) ब्रेक शक्ति
(iii) सूचित ऊष्मीय दक्षता
(iv) एक ऊर्जा तुलनपत्र बनाइए

(b) एक वातानुकूलन संयंत्र में वायु हैंडलिंग एकक कुल मिलाकर 4000 m3/min शुष्क वायु की पूर्ति करता है, जिसमें द्रव्यमान के अनुसार 20% ताजा हल्ला 39oC DBT और 26°C WBT पर है तथा 80% पुनः परिसंचरित वा 24°C DBT और 50% RH पर है । वायु शीतन कुंडली (कूलिंग कॉएल) से 12°C पर संतृप्त अवस्था में बाहर निकलती है। साइक्रोमेट्रिक चार्ट का उपयोग करते हुए (i) कुल शीतन भार और (ii) कक्ष में ऊष्मालब्धि का परिकलन कीजिए । प्रक़म को साइक्लोमेट्रिक चार्ट पर. भी दर्शाए ।
(c) लौग माध्य ताप अंतर (एल.एम.टी.डी.) विधि का इस्तेमाल करते हुए प्रतिवाह विनिमायक के विश्लेषण के लिए अभिगृहीतों को लिखिए। अंतस्थ तापमान की मदद से, प्रति प्रवाह ऊष्मा विनिमवित्र में एल.एम.टी.डी. के लिए व्यंजक लिखिए।

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UPSC सामान्य अध्ययन प्रारंभिक एवं मुख्य परीक्षा (Combo) Study Kit

सामान्य अध्ययन सिविल सेवा मुख्य परीक्षा अध्ययन सामग्री (GS Mains Study Kit)

(Download) संघ लोक सेवा आयोग सिविल सेवा - मुख्य परीक्षा (यांत्रिक - इंजीनियरी) Paper-1- 2017


संघ लोक सेवा आयोग सिविल सेवा - मुख्य परीक्षा
(Download) UPSC IAS Mains Exam Paper - 2017 : यांत्रिक - इंजीनियरी (Paper - 1)


यांत्रिक - इंजीनियरी
(प्रश्न पत्र - I)

निर्धारित समय : तीन घंटे

अधिकतम अंक : 250

प्रश्न-पत्र सम्बन्धी विशेष अनुदेश

कृपया प्रश्नों के उत्तर देने से पूर्व निम्नलिखित प्रत्येक अनुदेश को ध्यानपूर्वक पढ़े :

इसमें आठ (8) प्रश्न हैं जो दो खण्डों में विभाजित हैं तथा हिन्दी और अंग्रेज़ी दोनों में छपे हैं ।

परीक्षार्थी को कुल पाँच प्रश्नों के उत्तर देने हैं।

प्रश्न संख्या 1 और 5 अनिवार्य हैं तथा बाकी में प्रत्येक खण्ड से कम-से-कम एक प्रश्न चुनकर किन्हीं तीन प्रश्नों के उत्तर दीजिए । प्रत्येक प्रश्न/भाग के अंक उसके सामने दिए गए हैं ।

प्रश्नों के उत्तर उसी प्राधिकृत माध्यम में लिखे जाने चाहिए जिसका उल्लेख आपके प्रवेश-पत्र में किया गया है, और इस माध्यम का स्पष्ट उल्लेख प्रश्न-सह-उत्तर (क्यू.सी.ए.) पुस्तिका के मुख-पृष्ठ पर निर्दिष्ट स्थान पर किया जाना चाहिए । प्राधिकृत माध्यम के अतिरिक्त अन्य किसी माध्यम में लिखे गए उत्तर पर कोई अंक नहीं मिलेंगे।

प्रश्नों में शब्द सीमा, जहाँ विनिर्दिष्ट है, का अनुसरण किया जाना चाहिए ।

जहाँ आवश्यक हो, आरेख / चित्र उत्तर के लिए दिए गए स्थान में ही दर्शाइए ।

प्रश्नों के उत्तरों की गणना क्रमानुसार की जाएगी । यदि काटा नहीं हो, तो प्रश्न के उत्तर की गणना की जाएगी चाहे वह उत्तर अंशतः दिया गया हो । प्रश्न-सह-उत्तर पुस्तिका में खाली छोड़ा हुआ पृष्ठ या उसके अंश को स्पष्ट रूप से काटा जाना चाहिए ।

खण्ड - A

Q1. (a) एक धरन AB, जिसकी लम्बाई 2 m है, 4 बिन्दु पर कब्जे के द्वारा लगी है तथा B बिन्दु पर एक डोरी के द्वारा, जो घर्षणरहित दो घिनियों (P, Q) के ऊपर से होकर गुजरता हैं, आलम्बित हैं, एवं 50 :N का भार उठाए हुए है, जैसा कि नीचे चित्र 1(a) में दर्शाया गया है। दूरी की गणना कीजिए, जबकि 100 kN का भार धरने पर लगाया गया है तथा धरन साम्यावस्था में क्षैतिज स्थिति में रही है। साथ ही क वाले सिरे पर प्रतिक्रिया ज्ञात कीजिए।

(b) नीचे चित्र 1(b) में एक तल पर प्रतिबल की अवस्था दर्शायी गयी हैं।
निम्नति का निर्धारण कीजिए :
(i) मुख्य प्रतिबल
(ii) मुख्य तल
(iii) अधिकतम अपरूपण प्रतिबल

(c) एक पतले गोलीय पात्र का व्यास 1000 ml तथा मोटाई 2 rifm है, जिसके अन्दर 4 MPa को आन्तरिक दबाव है। यंग प्रत्यास्थता गुणांक एवं पाँवसन अनुपात के मान क्रमशः 200 GPa एवं 0:3 है। निम्नलिखित को ज्ञात कीजिए :

(i) हूप प्रतिबल
(ii) पान के आयतन में परिवर्तन

(d) एक वाष्प-चालित इंजन 9.5 rad/s पर 300 kW की शक्ति उत्पन्न करता है। ऊर्जा का अस्थिरता गुणांक -1 | हैं एवं गति की अस्थिरता को औसत गति के +0.5% तक रखा जाता है। आवश्यक गतिपालक चक्र का द्रव्यमान ज्ञात कीजिए यदि परिभ्रमण त्रिज्या
(e) एक मशीन, जिसका इव्यमान 5 kg है, स्प्रिंगों के ऊपर रखी हैं। स्प्रिंगों की संयुक्त दृढ़ता 5.4/Nmm है। इस प्रणाली के साथ एक डैशपॉट लगा दिया गया है, जो 40 N का बल लगाता हैं, जबकि द्रव्यमान का वेग 1 m/s हैं। निम्नलिखित की गणना कीजिए :

(i) क्रांतिक अवमंदन गुणांक
(ii) अवमंदन गुणक
(iii) लघुगणकीय पक्षस
(iv) दो लगातार आयामों का अनुपात

Q2. (a) आयताकार काट की एक शुद्धालम्बित धरन की चौड़ाई 200 mm था गहराई 300 mm है। इसके ऊपर 4 m की प्रभावी विस्तृति पर 6 K/Nm का सामवंतरत भार लगा हुआ है, जैसा कि चित्र 2(a) में दर्शाया गया है। मुख्य प्रतिज्वल के ममिाण एवं दिशा की गणना उस बिन्दु पर जो आलम्ब से 0.50mm तथा उदासीन अक्ष से 50 mm ऊपर स्थेत है।

(b) इस्पात के वृत्ताकार शैफ्ट के अनुज्ञेय व्यास की तुलना निम्नलिखित भंगता के सिद्धान्तों के आधार पर कीजिए, जनके उस पर मरोड़ लग रहा है। माना कि पॉयसन अनुपा। 23 है:

(i) अधिकतम प्रतिंबल सिद्धान्त
(ii) अधिकतम अपरूपण प्रतिबल सिद्धान्त
(iii) अधकतम विकृति सिद्धान्त

(c) निम्न चिन्न 2(c) में दर्शाए गए तीन सपाट बंड एक-दूसरे के ऊपर 30' झुकी हुई सतह पर रखे हैं। एक बल है, झुकी हुई सतह के समांतर, बीच वाले स्तंड पर लगाया जाता है। एक तर स्थिर दीवार के साथ सबसे ऊपर नाले झं में बाँधी जाती है, जिससे ऊपरी खंड की चाल को रोका जा सके। तीनों युनर्मिलन पृष्ठों (सतहों में से प्रत्येक को स्थैतिक घर्षण गुणांकः चित्र में दर्शाया गया है। बल !' के अधिकतम मान की गणना कोए, इससे पहले कि कोई मिसलन हो।

Q3. (a) एक ऐलुमिनियम के ठोस शैफ्ट को, जिसकी लम्बाई 1 7 तथा व्यास 50 miTI हैं, समान लम्बाई और समान बाहरी व्यास 50 mm के इस्पात के नलिककार शैफ्ट में बदल दिया जाता है। इस अवस्था में दोनों शैफ्टों की पूरी लम्बाई में ऐंठन कोण प्रति इकाई मरोड़ीय अधूर्ण समान हो सकते हैं। इस्पात के नलिकाकार शैफ्ट का आन्तरिक व्याप्त क्या होगा? इस्पात का दृढ़ता गुणांक, ऐलुमिनियम के दृढ़ता गुणांक का तीन गुना है।
(b) एक संयुक्त एपिसाइक्विक गियर नीचे चित्र 3(b) में दर्शाया गया है। गियर 1, 2 और E स्वतंत्रतापूर्वक ' अक्ष पर घूम सकते हैं। संयुक्त गियर B और C साथ-साथ 2 अक्ष, जो कि आर्म F के सिरे पर है, पर घूम सकते हैं। सभी गियरों का पिच समान है। गियर A, B और C के बाहिक दाँतों की संख्या क्रमशः 18, 45 और 21 हैं। बिर 12 एवं E गुलर गियर हैं। गियर | 100 r.p.rr. की गति से घड़ी की विपरीत दिशा में घूमता है तथा गियर 2.45 की गति से घड़ी की दिशा में घूमता है। आर्म F तथा गियर E की गति एवं दिशा ज्ञात कीजिए।

(c) यूटेक्टॉइड स्टील (इस्पात) के लिए कन्टिन्यूअस कूलिंग ट्रांसफॉर्मेशन (सी० सी० टी०) चित्र बनाइए तथा नामांकित कीजिए। प्रावस्था रूपांतरण (फैज़ ट्रांसफॉर्मेशन) के संदर्भ में, सी० सी० टी० चित्र में उपयुक्त कूलिग वर्गों का उपयोग करके ऊर्जा उपचार के सामान्यीकरण (नॉर्मलाइगि) एवं कठोरीकरण (हार्डनिंग) को समझाइए।

Q4. (a) चार द्रव्यमान A, B, और 2 एक शैक्ट के साथ जुड़े हुए हैं तथा एक ही तल में घूमते हैं। ये द्रव्यमान क्रमशः 13 kg. 10 kg, 18 kg और 15 kg के हैं, और इनके घूमने की निंज्या क्रमशः 40 mm, 50 mm, 60 mm और 30 mm हैं। इन्यमान के सापेक्ष द्रव्यमान B, C एवं 2 की कोणीय स्थिति 60, 135 एवं 270" हैं। संतुलन के लिए आवश्यक द्रव्यमान का परिमाण एवं इसकी स्थिति 100 mm की त्रिज्या पर ज्ञात कए।
(b) मृदु इस्पात के लिए प्रतिबल-विकृति आरेख बनाइए तथा वक्र पर उपस्थित विशेष बिन्दुओं का वर्णन कीजिए।
(c) एक पोर्टर गवर्नर को सभी भुजाओं को लम्बाई 240 rurn तथा वह एक कब्जे के द्वारा घूमने वाले अक्ष से जुड़ी हुई है। प्रत्येक गेंद का द्रव्यमान 5 kg है एवं स्लीव पर 18 kg का भार लग रहा है। गेंद का परिपथ 150 mm है, अब व ऊपर उठना आरा करती है तथा अधिकतम गति पर 20.17 है। निम्नलिखित को ज्ञात कीजिए :

(i) गति का परिसर
(ii) संवेदनशीलता गुणांक, यदि स्लीव में घर्षण 10 N बल के बराबर है।

खण्ड-B

Q5. (a) एक लौह सतह की, जिसका क्षेत्रफल 400 mm2 है, 15 V सप्लाई वोल्टेज एवं 2.3 mm टूल-बर्कपीस गैप का इस्तेमाल करते हुए, विद्युत्-रासायनिक (इलेक्ट्रोकेमिकल) मशीनिंग की जाती है। जब इलेक्ट्रोलाइट से धारा (करंट) प्रवाहित होती है, तो गैप प्रतिरोध 0.0015 W होता है। धातु निष्कासन दर, एम आर आर (m/s) ज्ञात कीजिए। लौह से सम्बन्धित जानकारी निम्नलिखित है ।

संयोजकता = 2
परमाधि भाइ = 55 नत्र 786 kg/kj
फैराडे नियतांक (कॉन्सटेन्ट) = 96540 कूलॉम

(b) एक ऐनिल्छु ताँबे की प्लेट, जिसकी चौड़ाई 300 mm और मोटाई 20 mm हैं, की एक बार रोल में से पास चोरों ने जाव मोटाई 16 rnrn हो जाती है। यदिं रोलर को निगा 100 rrrrri, झूमने की गति 83 r,p,m, और रोलिंग के दौरान औसत प्रवाह प्रतिबल 400 MP3 हैं, तो वास्तविक बिकृति ( ट्रेन) और रोलिंग बल (k) ज्ञात कीजिए।
(c) इस्पात की मशीनिंग के लिए दो तरह के कर्तन औज़ारों A और B का उपयोग किया गया। औज़ारों से सम्बन्धित आँकड़े/तकनीको प्राचल निम्नलिखित सारणी में दिए गए हैं। 200 मिनट के औज़ार-जीवन के लिए कौन-सा औज़ार आम उपयोग करेंगे और क्यों?

(d) तीन प्रबंधन (मैनेजमेन्ट) का दर्शन, अपशिष्ट एवं मूल्य (वेस्ट एवं वेल्यु) धारा के साथ, विनिर्माण के संदर्भ में ।
(e) किसी वस्तु (म्द) की माँग 500 इकाइयाँ एवं 500 इकाइयाँ क्रमशः जुलाई एवं अगस्त माह के लिए हैं। यदि जुलाई माह के लिए पूर्वानुमान 300 इकाइयों का है, तो चरघातांकी मसृणीकरण (ऐक्स्पोनेन्शियल स्मूदंग) बिधि से सितम्बर माह का पूर्वानुमान ज्ञात कीजिए। मान लीजिए कि c का मान 0.3 है।

Q6. (a) लाम्जिक खादन (टर्निग) के लिए, जो कर्तन औज़ार का उपयोग कर रहा है और जिसका नत कोण ऐंगल 5° है, निम्नलिखित आँकड़े दिए गए हैं :

चिप-मोटाई अनुपात = 0.5
नति कोण = 5o
मुख्य कर्तन बल = 1600 N
अगोद (भ्रस्ट) बल = 1300 N
चिप-औज़ार अंतरापृष्ठ (इन्टरफेस) पर अपरूपण तल कोण, घर्षण बल (N), सामान्य बल (G) एवं घर्षण-गुणांक ज्ञात कीजिए।

(b) ऐलुमिनियम की दो प्लेट को टंग्स्टेन निष्क्रिय गैस (टी० आई० जी०) वेल्डिंग पद्धति द्वारा चेल्ड किया जाता है, जिसमें बल्डिंग कारट 150 A, आर्क वोल्टेज 12 V तथा आर्क ट्रैवल गति 2 mm/s का उपयोग होता है। यदि मान लिया जाए नि टी० आई० ज० वेडिंग पते में मा स्थानान्तरण 50 है और एक यूनिट झापान धातु (AI) को पिघलाने के लिए 15 J/mm ऊष्मा की आवश्यकता होती है, तो इस पद्धति से पिघलाने की दक्षता को ज्ञात कीजिए यदि वेल्ड जोड़ (ज्वाइंट) के काट का क्षेत्रफल 20 mm2 हैं।
(c) अपघर्षी वॉटरजेंट मशीनिंग के सिद्धान्त का उपयुक्त चित्र के साथ बर्णन कीजिए। अपघर्षी वॉटरनेट मशीनिंग के लाभों एवं उपयोगिताओं के बारे में लिखिए।

Q7. (a) शैफ्ट एवं छिद्र के बीच में अवकाशी अन्चायोजन के लिए सीमा पद्धति में निम्नलिखित सीमाएँ दी हुई हैं :

निम्नलिखित को ज्ञात कीजिए :

(i) बुनियादी आकार
(ii) शैप्ट एवं छिद्र के बीच उपेक्ष्य त्रुटे (हॉलरेंस)
(iii) शैफ्ट एवं छिद्र की सीमाएँ
(iv) अधिकतम एवं न्यूनत्तम अबकाश

(b) किसी उत्पाद को बनाने में लेद मशीन के प्रचालन 40 min लेते हैं। यदि लेद मशीन की दक्षता 80% हैं और अस्वीकृति 20% है, तो 800 नग प्रति सप्ताह बनाने के लिए आवश्यक लेद मशीनों की संख्या का निर्धारण कीजिए। मान लीजिए कि 52 सप्ताह प्रति वर्ष और 48 घंटे प्रति सप्ताह कार्यकारी घंटे उपलब्ध हैं।
(c) एक निर्माण कम्पनी एक मद का निर्माण कर रहीं हैं, जिसके सम्बन्ध में निम्नलिखित सूचना उपलब्ध है :

प्रति इकाई विक्रय मूल्य = 20
प्रति इकाई परिबी लागत =  10
निश्चित झाग - 2,00,000

हालाँकि परिवर्तनशील अज़ार दशा के अन्तर्गत परिवर्ती लागत 20% और निश्चित लागत 10% बढ़ गयी है। यदि घाटा पूरा करते हुए मात्रा को बनाए रखा जाए, तो संशोधित विक्रय मूल्य क्या होगा?

Q8. (a) किसी मद की मासिक खपत 350 इकाई (यूनिट) हैं और प्रति यूनिट का मूल्य है 15 है। सामग्री सूची बहन 20 प्रतिशत है और आदेश लागत 40 प्रति आदेश हैं। माल के लिए 1 माह का अग्नः है।
आर ओ-एल- तंत्र को मानते हुए निम्नलिखित की गणना कीजिए।

(i) पुनरादेश मात्रा
(ii) पुनरादेश स्तर
(iii) न्यूनतम मार
(iv) अधिकतम स्तर
(v) औसत सामग्री सूची

(b) एक कार निर्माता अपने वितरकों के पास कार भेजने से पहले अंतिम निरीक्षण करता है। अंतिम निरीक्षण में कई प्राचल के सन्दर्भ में कार का परीक्षण किया जाता है और उसकी जाँच की जाती हैं। सम्भावना है कि कार विभिन्न प्राचल को संतुष्ट करने में असफल हो सकती है जिन्हें दोष कहा जा सकता है)। यादृच्छिक तौर पर सावधिक इस (10) कारें परीक्षण और जाँच के लिए छाँटी गर्थी। दोषों की संख्या के सन्दर्भ में प्रत्येक कार के परीक्षण और जाँच के बाद प्राप्त आँकड़े नीचे दिए गए हैं। C चार्ट के लिए नियत्रण सीमाओं का निर्धारण और टिप्पणी कीजिए :

(c) सी. एन सी प्रचालन के लिए सम्भावित विभिन्न प्रकार के नियंत्रण रात्रों का वर्णन क्रमशः उनके अनुप्रयोगों के साथ उपयुक्त योजनाबद्ध रूप से कीजिए।

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UPSC सामान्य अध्ययन प्रारंभिक एवं मुख्य परीक्षा (Combo) Study Kit

सामान्य अध्ययन सिविल सेवा मुख्य परीक्षा अध्ययन सामग्री (GS Mains Study Kit)

(Download) संघ लोक सेवा आयोग सिविल सेवा - मुख्य परीक्षा (प्रबन्धन) Paper-2- 2017


संघ लोक सेवा आयोग सिविल सेवा - मुख्य परीक्षा
(Download) UPSC IAS Mains Exam Paper - 2017 : प्रबन्धन (Paper - 2)


प्रबन्धन
(प्रश्न पत्र - II)

निर्धारित समय : तीन घंटे

अधिकतम अंक : 250

प्रश्न-पत्र सम्बन्धी विशेष अनुदेश

कृपया प्रश्नों के उत्तर देने से पूर्व निम्नलिखित प्रत्येक अनुदेश को ध्यानपूर्वक पढ़े :

इसमें आठ (8) प्रश्न हैं जो दो खण्डों में विभाजित हैं तथा हिन्दी और अंग्रेज़ी दोनों में छपे हैं ।

परीक्षार्थी को कुल पाँच प्रश्नों के उत्तर देने हैं।

प्रश्न संख्या 1 और 5 अनिवार्य हैं तथा बाकी में प्रत्येक खण्ड से कम-से-कम एक प्रश्न चुनकर किन्हीं तीन प्रश्नों के उत्तर दीजिए । प्रत्येक प्रश्न/भाग के अंक उसके सामने दिए गए हैं ।

प्रश्नों के उत्तर उसी प्राधिकृत माध्यम में लिखे जाने चाहिए जिसका उल्लेख आपके प्रवेश-पत्र में किया गया है, और इस माध्यम का स्पष्ट उल्लेख प्रश्न-सह-उत्तर (क्यू.सी.ए.) पुस्तिका के मुख-पृष्ठ पर निर्दिष्ट स्थान पर किया जाना चाहिए । प्राधिकृत माध्यम के अतिरिक्त अन्य किसी माध्यम में लिखे गए उत्तर पर कोई अंक नहीं मिलेंगे।

प्रश्नों में शब्द सीमा, जहाँ विनिर्दिष्ट है, का अनुसरण किया जाना चाहिए ।

जहाँ आवश्यक हो, आरेख / चित्र उत्तर के लिए दिए गए स्थान में ही दर्शाइए ।

प्रश्नों के उत्तरों की गणना क्रमानुसार की जाएगी । यदि काटा नहीं हो, तो प्रश्न के उत्तर की गणना की जाएगी चाहे वह उत्तर अंशतः दिया गया हो । प्रश्न-सह-उत्तर पुस्तिका में खाली छोड़ा हुआ पृष्ठ या उसके अंश को स्पष्ट रूप से काटा जाना चाहिए ।

खण्ड - A

Q1. (a) एक चलचित्र निर्माता अपना एक नया चलचित्र प्रदर्शित करने जा रहा है। अपने विज्ञापन अभियान चलाने के लिए बह यह निर्धारित करना चाहता है कि उसका चलचित्र किसी विशिष्ट आयु समूह को अथवा सभी आयु समूहों को बराबर रूप से पसंद आएगा। निर्माता ऐसे कुछ व्यक्तियों का यादृच्छिक नमूना (सेम्पल) लेता है, जिन्होंने चलचित्र का पूर्वावलोकन किया है, एवं निम्नलिखित परिणाम प्राप्त करता है। काई-स्क्वैयर (X2) परीक्षण का उपयोग करते हुए निष्कर्ष निकालिए (6 स्वतंत्रता की कोटि एवं 5% सार्थकता स्तर पर काई-क्वैयर (X2) का क्रांतिक मान 12.592 है:

(b) एक नई कंपनी में 1000 प्रकाश बल्ब, जिनकी औसत आयु 120 दिन है, लगाए गए हैं। उनकी आयु सीमा 20 दिन के मानक विचलन के साथ सामान्य रूप से वितरित हैं। 90 दिनों में कम समय में कितने बल्ब खराब हो जाएँ? यदि सभी बल्बों को एकसाथ ही बदलना तय किया जाता है, तो ऐसे समूह प्रतिस्थापन के बीच किना अंतराल या जाए कि प्रतिस्थापन से पहले 100 से ज्यादा अन्य खराब न हों।
(c) (i) एo बo सीo कंपनी अपनी वार्षिक आवश्यकताओं को 36000 इकाइयों को 5 किश्तों में खरीदती हैं। प्रत्येक इकाई की लागत र 1 है और ऑर्डर करने की लागत इकाई मूल्य का 20 है। वर्तमान माल (इन्वेन्टरी) नीति के द्वारा कुल वार्षिक लागत ज्ञात कीजिए। 'इकोनॉमिक ऑर्डर क्वान्टिटि' मॉडल के द्वारा कितनी धनराशि बचाई जा सकती है?
(ii) सिक्स सिग्मा गुणवत्ता के संदर्भ में 'डीमैक' प्रविधि (क्रियापद्धति) को समझाइए।

(d) पिड अनुप्रयोग विकास (आर० ए० डी०) की आवश्यकता एवं विधि पर चर्चा कोजिए। यह परंपरागत तत्र विकास जीवनचक्र (एस० डी० एल० सी०)' से किस प्रकार भिन्न हैं?
(e) दुत तकनीकी परिवर्तन तथा आइ टी. सक्षम व्यावसायिक प्रक्रियाओं के इस युग में, संगठनात्मक संरचनाएँ, व्यावसायिक प्रक्रियाएँ तथा कार्य प्रवाह जैसे संगठनात्मक तत्त्व किस तरह प्रभावित हो रहे हैं? चर्चा कीजिए।

Q2. (a) एक कंपनी दो उत्पाद अल्फा' और 'नीटा’ बनाती है। अल्फा की प्रत्येक इकाई को मशीनिंग विभाग में 1 घंटा तथा दक्ष मजदूर के 2 घंटों की आवश्यकता होती है, जबकि बीटा की प्रत्येक इकाई को मशीनिंग विभाग में 2 घंटे एवं दक्ष मजदूर का 1 घंटा आवश्यक होता है। आने वाले महीने में कंपनी की मशीनिंग क्षमता 720 घंटे एवं दक्ष मजदूर के 780 घंटे तक ही सीमित है। एक महीने की अवधि में अल्फा की 320 से ज्यादा इकाई नहीं बेची जा सकती। अधिकतम लाभ के लिए इष्टतम उत्पाद मिश्रण एवं अधिकतम लाभ का निर्धारण कीजिए। अल्फा का प्रत्येक इकाई योगदान के 6 एवं प्रति इकाई बीटा का योगदान हैं 4 है। सिम्प्लेक्स विधि का प्रयोग कीजिए।
(b) अंतर्राष्ट्रीय आपूर्ति श्रृंखला डिजाइन (सप्लाई चैन डिजाइन) के विशेष संदर्भ में ‘अमेज़न डॉट कॉम' की आपूर्ति श्रृंखला की दक्षता की चर्चा कीजिए।
(c) आई० ० सी० ने एक वेब-आधारेत नवाचार ई-चौपाल की शुरुआत की थी जो किसानों को उत्पाद एवं , सेवाओं की जानकारी प्रदान करती हैं, जिसका उपयोग करके में फार्म उत्पादकता में वृद्धि, मूल्य प्राप्त में सुधार तथा नैना लागत में कटौती कर सकते हैं। इसके द्वारा किसान वैज्ञानिक खेती व्यवहारों, मौसम पूर्वानुमान तथा बाज़ार भाव के बारे में स्थानीय और वैश्विक जानकारी अपने ग्राम चौपाल पर ही हिंदी में प्राप्त कर सकते हैं। ई-चौपाल उनको घर की दहलीज पर ही कृषि निवेश की आपूर्ति और वस्तुओं को खरीद की सुविधा प्रदान करता है। इस मॉडल में गाँव के स्तर पर बाधाओं को देखते हुए, सेवा समर्थन के लिए एक प्रमुख सिान को ई-चौल समन्वयक बनाया जाता है जो कंप्यूटर प्रणाली और किसानों के बीच अंतरफलक का कार्य करता है।

(i) ई-चौपाल दुसरे कृषि-आधारित पोर्टलों से किस प्रकार भिन्न हैं?
(ii) इस प्रकार को बेब-आधारित प्रणाली की रचना करते समय किन तकनीकी आयामों का विचार में रखना चाहिए?
(iii) इस प्रकार के उद्यम की सफलता के लिए कौन-से कारक महत्त्वपूर्ण होंगे? उनकी भूमि पर चर्चा कीजि ।

Q3. (a) विश्व की सबसे बड़ी रेलवे, भारतीय रेल ने कंप्यूटरीकृत आरक्षण प्रणाली (सी० आर० एस०) वा आरंभ 1986 में दिल्ली में किया था। वर्तमान में देश के 750 स्थानों पर सी० आर० एस टर्मिनल उपलब्ध हैं और 97% आरक्षण इसी प्रणाली द्वारा हो रहे हैं। डेटा भार (लोड) में वृद्धि की वजह से भारतीय रेल ने विकेन्द्रीकृत डेटाबेस प्रणाली उपागम अपनाते हुए डेटा को देश में विभिन्न स्थानों पर फैले मेनफ्रेम कंप्यूटरों में वितरित कर दिया। इसके पश्चात् डंयन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन (आइ० आर० स० टी० सी०) ने चेब-आधारित टिकट सुविधा अपने वेब साइट http://www.irctc,c.irn के द्वारा प्रारंभ की है जो कि कार्य विवरणों के लिए सो आर० एस के पिछले सिर (बैक एड) से लिंक होती है।

(i) डेटा समाकलन क्या है? भारतीय रेल के सी० आर० एस० के लिए डेटा समाकलन कितना महत्त्वपूर्ण है?
(ii) भारतीय रेल की सी० आर० एस० जैसी वितरित डेटा प्रणाली में डेटा अखंडता और डेटा फालतूपन का प्रबंधन हम कैसे करेंगे?
(iii) इतने विशाल लेकिन वितरित डेटाबेस प्रणाली के सफल संचालन के लिए कौन-से पहलू महत्त्वपूर्ण हैं?

(b) 'सांख्यिकीं तथ्यों के संख्यात्मक कथन हैं, किन्तु सभी तथ्य जो कि संख्यात्मक रूप में कश्चित हैं मयिकी नहीं होते।' इस कथन को स्पष्ट कीजिए एवं तथ्यों के कौन-से संख्यात्मक कथन सांय हैं, उनको निर्दिष्ट कीजिए।
(c) एक कंपनी प्रत्येक 3 घंटे की मारी में 192 इकाइयों के उत्पादन हेतु एक समाहार लाइन (ऐसाबलों लाइन) स्थापित करने जा रही है। निम्नलिखित सारणी कार्य-तत्त्वों, समय एवं तात्कालिक पूर्ववर्तियों को परिचिह्नित करती है ।

(i) वांछित चक्र समय (सेकंड में) की गणना वजए। it स्टेशनों की न्यूनतम संख्या क्या होगी?
(ii) पूर्वप्रदर्श आरेख़-चित्र की संरचना कीजिए।
(ii) परिणाम द्वारा प्राप्त दक्षता एवं शेष विलम्ब (बैलेन्स डिले) की गणना कीजिए।

Q4. (a) (i) एक कंपनी के विज्ञापन खर्च एवं विक्रय के निम्नलिखित मासिक आँकड़े दिए हुए हैं। सामान्यः ऐसा पाया जाता है कि विज्ञापन खर्च का विक्रय पर प्रभाव 2 माह बाद पड़ता है। इस समय अंतराल को स्वीकृत करते हुए सबंध गुणांक की गणना कीजिए :

(ii) टाइप-1 एवं टाइप II त्रुटियों से आप क्या समझते हैं? दोनों किस तरह परस्पर संबंधित हैं? किन परिस्थितियों के अंतर्गत आप टाइप-1 त्रुटि नहीं करना चाहेंगे? क्यों?

(b) एक परियोजना प्रबंधक ने किसी नई परियोजना के लिए निम्नलिखित महत्वपूर्ण जानकारियाँ एकत्रित को है :

(i) ऐरो-ऑन-नोड (ए० ओ० एन०) विधि द्वारा नेटवर्क रेखाचित्र (डायग्नाम) बनाइए। प्रत्येक गतिविधि के लिए संभावित समय एवं प्रसरण की गणना कीजिए।
(ii) संभावित गतिविधि समयों का उपयोग करते हुए गतिविधि स्ले की गणना कीजिए एवं क्रांतिक मार्ग का निर्धारण कीजिए।
(iii) 23 सप्ताहों के भीतर परियोजना को पूर्ण करने की प्रायिकता क्या होगी?

(c) ई० आर० पी० प्रगादियाँ आमतौर पर रार्नषेध प्रबंधन न्यनतारों पर आधारित होते हैं। इस कथन के मानहारिक पहनाओं की विवेचना कीजिए।

खण्ड - B

Q5. (a) क्या आप सार्वजनिक वितरण प्रणाली के द्वारा मूल्य एवं वितरण पर शासकीय नियंत्रण के पक्ष में हैं? अपने उत्तर का औचित्य सिद्ध कीजिए।
(b) राष्ट्र को व्यापक वृद्धि एवं विकास के लिए एल पी० जी० युग किस प्रकार साधक है?
(c) अंतरराष्ट्रीय व्यापार में बहु - सांस्कृतिक प्रबंधन एक चुनीतिपूर्ण कार्य है। क्यों ?
(d) अगर कोई कंपनी असंबंधित व्यवसायों का अधिग्रहण आरंभ करती है, तो उसे इन अधिग्रहण का प्रबंधन करने के लिए किस भाँति अपनी संरचना तथा नियंत्रण तंत्र में परिवर्तन लाने होंगे?
(e) तीन्न प्रतिस्पर्धात्मक बाजार के बावजूद भारतीय मोटर उद्योग में अपना प्रमुख स्थान बनाए रखने के लिए मारुती सुजुकी को किन रणनीतिक दक्षताओं से मदद मिल रही हैं? चर्चा कीजिए।

Q6. (a) "भारत में बड़े कॉर्पोरेट घराने, लघु उद्योग इकाइयाँ, मध्यम एवं सूक्ष्म उपक्रम पाए जाते हैं। भारतीय विनियामक निकायों एवं वित्तीय अभिकरण को इन विभिन्न आकार के व्यावसायिक घरानों को सहारा देने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।

 उक्त कथन के प्रकाश में निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए :

(i) लघु उद्योगों के प्रति भारत सरकार की नीति की चर्चा कीजिए।
(ii) इन समस्त व्यावसायिक खंडों की अनुकूल प्रगति के लिए आप क्या सुझाव देंगे?

(b) राष्ट्र नोखिम विश्लेषण प्रतिपादित करता है कि राष्ट्र सरकार द्वारा प्रबंधित उपयोगी इकाई है।

(i) राष्ट्र जोखिम विश्लेषण पर केंद्रित प्रमुख आयामों पर प्रकाश डालिए।
(ii) कॉपरेट घरानों के लिए यह विश्लेषण किस तरह उपयोगी होगा?

(c) क्या हरित' पर्यावरणीय मुद्दों को व्यापार के लिए कॉर्पोरेट रणनीति का भाग होना चाहिए? इसके लाभ एवं हानियों की चर्चा गनिए।

Q7. (a) 'उपभोक्ता को अपने अधिकारों के बारे में अनभिज्ञता, उपभोक्ता आंदोलन की कमी एवं उपभोक्ता संगठनों को उचित पहचान न मिल पाना कुछ ऐसे महत्वपूर्ण कारक हैं जिनसे उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 1986 को कानून बना?

(i) उपभोक्ता अधिकारों, जिनका संरक्षण होना चाहिए, को स्पष्ट कीजिए।
(ii) किस प्रकार के उपभोक्ता आंदोलन की परिकल्पना इस अधिनियम ने की थी?
(iii) उपभोक्ता संरक्षण में उपभोक्ता संगठनों की भूमिका की चर्चा कीजिए।

(b) सेवा संगठन अपना स्वयं का अंतर्राष्ट्रीयकरण किस प्रकार कर सकते हैं। उनके इन प्रयासों में कौन-सी रणनीतियाँ
(c) देशात्मक रणनीतिक परिवर्तन के साथ समस्याएँ जुड़ी होते हुए भी वह क्यों महत्त्वपूर्ण है और इस प्रक्रिया का भली भाँति प्रबंध करने के लिए क्या किया जा सकता है?

Q8. (a) इंफोसिस टेक्नोलॉजी लिमिटेड के एक संस्थापक सदस्य ने कॉर्पोरेट शासन में विफलता के लिए प्रबंध संचालन गंल की आलोचना की है।

(i) कॉर्पोरेट शासन की विफलता के लिए उन्होंने क्या कारण बताए हैं? क्या ये कारण उचित हैं।
(ii) अच्छे कॉर्पोरेट शासन के मापकों को स्पष्ट कीजिए।

(b) भारतीय आइ० टी० कंपनियों वैश्विक व्यापार में सफल हैं।

(i) उनकी इस सफलता के लिए आप क्या कारण बताएँगे?
(ii) वैश्विक उपभोक्ताओं को संतुष्ट करने में भारतीय विनिर्माण समूह आइ० टी० कंपनियों से किस तरह पिछड़ रहे हैं?

(c) मूर्त एवं अमूर्त परिसंपत्तियों के बीच अंतर को समझना रणनीति निर्माताओं के लिए क्यों महत्त्वपूर्ण है। प्रतिस्पर्धात्मक लाभ पैदा करने के लिए इनमें से कौन ज्यादा महत्वपूर्ण है और क्यों?

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(Download) संघ लोक सेवा आयोग सिविल सेवा - मुख्य परीक्षा (प्रबन्धन) Paper-1- 2017


संघ लोक सेवा आयोग सिविल सेवा - मुख्य परीक्षा
(Download) UPSC IAS Mains Exam Paper - 2017 : प्रबन्धन (Paper - 1)


प्रबन्धन
(प्रश्न पत्र - I)

निर्धारित समय : तीन घंटे

अधिकतम अंक : 250

प्रश्न-पत्र सम्बन्धी विशेष अनुदेश

कृपया प्रश्नों के उत्तर देने से पूर्व निम्नलिखित प्रत्येक अनुदेश को ध्यानपूर्वक पढ़े :

इसमें आठ (8) प्रश्न हैं जो दो खण्डों में विभाजित हैं तथा हिन्दी और अंग्रेज़ी दोनों में छपे हैं ।

परीक्षार्थी को कुल पाँच प्रश्नों के उत्तर देने हैं।

प्रश्न संख्या 1 और 5 अनिवार्य हैं तथा बाकी में प्रत्येक खण्ड से कम-से-कम एक प्रश्न चुनकर किन्हीं तीन प्रश्नों के उत्तर दीजिए । प्रत्येक प्रश्न/भाग के अंक उसके सामने दिए गए हैं ।

प्रश्नों के उत्तर उसी प्राधिकृत माध्यम में लिखे जाने चाहिए जिसका उल्लेख आपके प्रवेश-पत्र में किया गया है, और इस माध्यम का स्पष्ट उल्लेख प्रश्न-सह-उत्तर (क्यू.सी.ए.) पुस्तिका के मुख-पृष्ठ पर निर्दिष्ट स्थान पर किया जाना चाहिए । प्राधिकृत माध्यम के अतिरिक्त अन्य किसी माध्यम में लिखे गए उत्तर पर कोई अंक नहीं मिलेंगे।

प्रश्नों में शब्द सीमा, जहाँ विनिर्दिष्ट है, का अनुसरण किया जाना चाहिए ।

जहाँ आवश्यक हो, आरेख / चित्र उत्तर के लिए दिए गए स्थान में ही दर्शाइए ।

प्रश्नों के उत्तरों की गणना क्रमानुसार की जाएगी । यदि काटा नहीं हो, तो प्रश्न के उत्तर की गणना की जाएगी चाहे वह उत्तर अंशतः दिया गया हो । प्रश्न-सह-उत्तर पुस्तिका में खाली छोड़ा हुआ पृष्ठ या उसके अंश को स्पष्ट रूप से काटा जाना चाहिए ।

खण्ड - A

Q1. निम्नलिखित प्रत्येक प्रश्न का उत्तर लगभग 150 शब्दों में दीजिए :

(a) प्रबन्धन के विचार के विकास में फेयोल के योगदानों की विवेचना कीजिए ।
(b) प्रत्यक्षण (परसेप्शन) की संकल्पना की व्याख्या कीजिए एवं उन कारकों को बताइए जो व्यक्ति के प्रात्यक्षिक प्रक्रम से सम्बन्ध रखते हैं।
(c) आधुनिक स्मार्ट शासकीय संगठनों में कर्मचारी सशक्तिकरण के पाँच तरीकों की व्याख्या कीजिए ।
(d) सरकारी एवं निजी क्षेत्रकों से उचित उदाहरण लेते हुए आपातिक (कन्टिन्जेन्ट) एवं रचनांतरणपरक (ट्रान्सफॉरमेशनल) नेतृत्व शैलियों की विवेचना कीजिए।
(e) कार्य संतुष्टि क्या है ? इसका कर्मचारियों के ठहराव के इरादे, उत्पादकता, अनुपस्थितता, श्रमिक प्रतिस्थापन एवं दुर्घटनाओं से क्या सम्बन्ध है ? ज्ञान आधारित संगठनों के संदर्भ में उत्तर दीजिए।

Q2. (a) विरोधिता (संघर्ष) को परिभाषित कीजिए। अंतरावैयक्तिक और अंतर्वैयक्तिक संघर्ष कौन-कौन से हैं ? इनका समाधान कैसे किया जा सकता है ? उदाहरण दीजिए।
(b) उद्यमिता एवं नवाचार के बीच क्या सम्बन्ध है ? विभिन्न प्रकार के नवाचारों का विवेचन कीजिए ।
(c) संगठनात्मक व्यवहार बहुविषयी स्वरूप का होता है । उभरते हुए विषयों सहित 10 ऐसे विषयों के नाम बताइए जिन्होंने संगठनात्मक व्यवहार बनाने में योगदान दिया है । प्रत्येक विषय के लिए एक उदाहरण दीजिए ।

Q3. (a) अभिप्रेरण क्या है ? एक संगठन में कर्मचारियों को अभिप्रेरित करने में मैसलो की सोपान थियोरी का कैसे इस्तेमाल किया जा सकता है ? व्याख्या कीजिए।
(b) संगठन में प्रौद्योगिकी द्वारा शक्तिप्रदत्त एच.आर.आई.एस. के घटकों और फीडबैक मैकेनिज़्म (प्रतिपुष्टि व्यवस्था) की व्याख्या कीजिए । क्या वे वर्धित अभिप्रेरण और मनोबल पैदा करते हैं ? पुष्टि कीजिए ।
(c) संगठनात्मक संदर्भ में तनाव के संभाव्य स्रोत एवं परिणाम क्या-क्या हैं ? उनसे कैसे निपटा जा सकता है ?

Q4. (a) जनसांख्यिकीय और प्रौद्योगिकीय परिवर्तनों के संदर्भ में मानव संसाधन नियोजन की चुनौतियों की व्याख्या कीजिए ।
(b) कारोबारी संगठन का एकमात्र उत्तरदायित्व, विधिक ढाँचे के भीतर, अपने मालिकों के हितों की उन्नति करना होता है और कारोबारी संगठनों पर सामाजिक उत्तरदायित्व नहीं लादे जा सकते हैं। क्या आप इस कथन से सहमत हैं ? स्पष्ट कीजिए ।
(c) संगठन संस्कृति क्या है ? संगठन संस्कृति को कैसे बनाया जा सकता है ? व्याख्या कीजिए ।

खण्ड - B

Q5. निम्नलिखित प्रत्येक प्रश्न का उत्तर लगभग 150 शब्दों में दीजिए :

(a) जॉब लागत-निर्धारण और प्रक्रम लागत-निर्धारण को परिभाषित कीजिए । जॉब लागत-निर्धारण किन-किन बातों में प्रक्रम लागत-निर्धारण से भिन्न है ?
(b) वित्तीय निर्णयों में प्रबन्धन लेखाकरण के महत्त्व को समझाइए ।
(c) कम्पनी की सफलता सुनियोजित पूँजी संरचना पर निर्भर करती है ।” परीक्षण कीजिए ।
(d) नकदी प्रबन्धन के मिलर-ऑर मॉडल की व्याख्या कीजिए । उपयुक्त नकदी शेष के निर्धारण में यह मॉडल किस प्रकार सहायक है ?
(e) बाज़ार खंडीकरण दक्षता एवं प्रभाविता के बीच एक समझौता है । इस कथन का समालोचनात्मक मूल्यांकन कीजिए ।

Q6. (a) मानक लागत और मानक लागत-निर्धारण को परिभाषित कीजिए । मानक लागत-निर्धारण लागत पर प्रभावी नियंत्रण में किस प्रकार उपयोगी होता है ?
(b) वर्तमान विपणन परिवेश में ग्राहक धारण (रिटेंशन) क्यों महत्त्वपूर्ण है ? लम्बे समय तक ग्राहकों को धारण करने के लिए अपनाई जा सकने वाली रणनीतियों की व्याख्या कीजिए।
(c) कार्यशील पूँजी की प्रचालन चक्र संकल्पना की व्याख्या कीजिए । कार्यशील पूँजी के प्रबन्ध में प्रचालन चक्र का गहन अध्ययन किस प्रकार सहायक होता है ? समझाइए ।

Q7. (a) ईक्विटी पूँजी एवं प्रतिधारित आय लागत-रहित पूँजी प्रदान करते हैं। क्या आप इस कथन से सहमत हैं ? इनकी लागतें निर्धारित करने की विधियों की व्याख्या कीजिए ।
(b) प्रचालन से निधि को परिभाषित कीजिए । इसका अभिकलन कैसे किया जाता है ? उदाहरण के साथ समझाइए ।
(c) स्थान निर्धारण (पोज़िशनिंग) उपभोक्ता के मस्तिष्क में किया जाता है और न कि उत्पाद का स्पर्धात्मक बाज़ार के सन्दर्भ में इसकी प्रासंगिकता की व्याख्या कीजिए।

Q8. (a) लागत लेखाओं और वित्तीय लेखाओं के बीच सामंजस्य स्थापित करने का क्या प्रयोजन होता है ? लागतन लाभों और वित्तीय लाभों के बीच अंतर के कारणों को स्पष्ट कीजिए ।
(b) उपभोक्ता खरीदारी निर्णय बिना सोचे-विचारे नहीं लेता है। उपभोक्ता निर्णयन प्रक्रम के विभिन्न चरणों की व्याख्या कीजिए ।
(c) “लीवरेज एक ऐसे उपकरण के समान है जो दो तरफ़ा काट करता है। एक ओर यह जोखिम में वृद्धि करता है तो दूसरी ओर निवेश पर परिलब्धि की वृद्धि करने का एक अवसर प्रदान करता है। इस कथन का आलोचनात्मक परीक्षण कीजिए।

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सामान्य अध्ययन सिविल सेवा मुख्य परीक्षा अध्ययन सामग्री (GS Mains Study Kit)

(Download) संघ लोक सेवा आयोग सिविल सेवा - मुख्य परीक्षा (चिकित्सा-विज्ञान) Paper-2- 2017


संघ लोक सेवा आयोग सिविल सेवा - मुख्य परीक्षा
(Download) UPSC IAS Mains Exam Paper - 2017 : चिकित्सा-विज्ञान (Paper - 2)


चिकित्सा-विज्ञान
(प्रश्न पत्र - II)

निर्धारित समय : तीन घंटे

अधिकतम अंक : 250

प्रश्न-पत्र सम्बन्धी विशेष अनुदेश

कृपया प्रश्नों के उत्तर देने से पूर्व निम्नलिखित प्रत्येक अनुदेश को ध्यानपूर्वक पढ़े :

इसमें आठ (8) प्रश्न हैं जो दो खण्डों में विभाजित हैं तथा हिन्दी और अंग्रेज़ी दोनों में छपे हैं ।

परीक्षार्थी को कुल पाँच प्रश्नों के उत्तर देने हैं।

प्रश्न संख्या 1 और 5 अनिवार्य हैं तथा बाकी में प्रत्येक खण्ड से कम-से-कम एक प्रश्न चुनकर किन्हीं तीन प्रश्नों के उत्तर दीजिए । प्रत्येक प्रश्न/भाग के अंक उसके सामने दिए गए हैं ।

प्रश्नों के उत्तर उसी प्राधिकृत माध्यम में लिखे जाने चाहिए जिसका उल्लेख आपके प्रवेश-पत्र में किया गया है, और इस माध्यम का स्पष्ट उल्लेख प्रश्न-सह-उत्तर (क्यू.सी.ए.) पुस्तिका के मुख-पृष्ठ पर निर्दिष्ट स्थान पर किया जाना चाहिए । प्राधिकृत माध्यम के अतिरिक्त अन्य किसी माध्यम में लिखे गए उत्तर पर कोई अंक नहीं मिलेंगे।

प्रश्नों में शब्द सीमा, जहाँ विनिर्दिष्ट है, का अनुसरण किया जाना चाहिए ।

जहाँ आवश्यक हो, आरेख / चित्र उत्तर के लिए दिए गए स्थान में ही दर्शाइए ।

प्रश्नों के उत्तरों की गणना क्रमानुसार की जाएगी । यदि काटा नहीं हो, तो प्रश्न के उत्तर की गणना की जाएगी चाहे वह उत्तर अंशतः दिया गया हो । प्रश्न-सह-उत्तर पुस्तिका में खाली छोड़ा हुआ पृष्ठ या उसके अंश को स्पष्ट रूप से काटा जाना चाहिए ।

खण्ड - A

Q1. (a) पिछले एक वर्ष में एक 23 वर्ष की किशोर युवती ने तीन बार आत्महत्या का प्रयास किया। उसकी इस दशा का क्या कारण है? आप इसका निदान और प्रमुख अवसादी चिंकार का प्रबंधन कैसे करेंगे?
(b) एक 40 वर्ष का पुरुष पिछले दो वर्षों में क्रमिक भार-हानि और परिवर्तित आंत्र आदतों से परेशानी बताता है। कौन-से विभेदक निदानों का आप विचार करेंगे? आप इओपैथिक ट्रॉपिकल मैलऐब्सोर्पशन सिन्ड्रोम को कैसे बात करेंगे?
(c) प्रतिध्वनिलेखन (इकोकार्डियोग्राफी) के सिद्धान्त कौन-कौन से हैं? इसका नैदानिक महत्त्व क्या है?
(d) एक शिशु का 34 सप्ताह की सगर्भता पर प्रसन्न हुआ है। जन्म के तुरंत बाद ही उसे श्वसन संकट उत्पन्न हो जाता है।

(i) इस शिशु में श्वसन संकट के महत्वपूर्ण कारणों को सूचीबद्ध कीजिए।
(ii) श्वसन संकट सिन्ड्रोम के रोगजनन का उल्लेख कीजिए।
(iii) शिशु के प्रबंधन की रूपरेखा प्रस्तुत कीजिए।

(e) (i) बच्छ्रों में 5 वर्ष की आयु से पहले ही मृत्यु के महत्वपूर्ण कारणों का उलेख कोजिए।
(ii) बच्चों में तीव्र श्वसन संक्रमण आघटन को कम कर सकने वाली वैक्सीनों को सूचीबद्ध कीजिए।
(iii) माता से बच्चे कि एच आई वीं (मानव प्रतिरक्षाहीनता विषाणु संक्रमण को कम करने के उपायों का उल्लेख कीजिए।

Q2. (a) एक 70 वर्ष के वृद्ध पुरुष को राहगीर ने सड़क पर संन्यस्त (कोमाटोज) पाया। कोई भी बाह्य अभिघात उपस्थित नहीं था। उसे कैजुअल्टी में लाया गया। उसके केस में सामान्य भेषजीय दशाएँ क्या हैं? डायबेटिक कीटोएसिडोसिस का आप कैसे प्रबंधन करेंगे?
(b) एक 2 माह के शिशु को केन्द्रीय श्यावता (सायनोसिस) हैं। उसको श्यावता के दो दौरे हो चुके हैं।

(i) कम पल्मोनरी र प्रवाह के साथ जन्मजात श्यावनिक (सायनोटिक) हुदय रोगों के विभेदक निदान को सूचीबद्ध कीजिए।
(ii) जन्मजात श्श्रावतिक (सायनोटिक) हृदय रोगों की जटिलताओं का उल्लेख कीजिए।
(iii) श्यातिक (सायनोटिक) दौर के प्रबंधन की रूपरेखा प्रस्तुत कीजिए।

(c) एक 45 वर्ष के सजन पुरुष जो व्यवसाय से कृषि-वैज्ञानिक हैं, को पिछले एक वर्ष की अवधि में चेहरे और अंगों में पुनरावत धुल वाली पर्पटीय बितियाँ हैं। परीक्षा करने पर चेहरे, गर्दन, ऊपरी और निचले अंगों पर अतिवणीकंत रघुजली वाली विक्षतियों का पता चला। इसमें त्वचा चुनर, पलकें, पञ्चकर्णशीर्ष क्षेत्र, नासा-ओष्ठ बलि भी सम्मिलित थे। उसने प्रकाश-सुग्राहिंता का इतिहास बताया।

(i) आपका संभावित निदान क्या है?
(ii) उसकी दशा के कारण को स्थापित करने के लिए आप कौन-से परीक्षण करेंगे? संक्षेप में वर्णन कीजिए।
(iii) आप इस सजन पुरुष का उपचार कैसे करेंगे?

Q3. (a) तीन दिनों से तीव्र चर से ग्रसित एक 30-धीय मजनूर को अस्पताल में आपातकाल विभाग में अर्ध-चेतन अवस्था में लाया गया।

(i) इसके संभावित कारण क्या हो सकते हैं?
(ii) आप जापानी मस्तिष्कशोथ का रोग-निदान और प्रबंधन कैसे करेंगे?
(iii) इसके लिए बुरे पूर्वानुमान सूचक कौन-से हैं।

(b) एक 4-वर्षीय बच्चा वृद्धिरोधता (अवरुद्ध वृद्धि) और मध्यम पीलापन से ग्रसित है। बच्चे को सविरामी अतिसार था।

(i) विभेदक निदान का उल्लेख कीजिए।
(ii) सीलिंक रोगों के निदान के लिए आवश्यक जाँचों का उल्लेख कीजिए।
(iii) बच्चों में सीनिमाक रोगों के प्रबंधन की रूपरेखा प्रस्तुत कीजिए।

(c) एक 30 वर्ष की महिला के ऊपरी और निचले अंगों में एक महीने से खुजली वाली विक्षतियाँ है। परीक्षा करने पर वन, नाई और अग्नबाँहों के आस-पास बह गभीर चपटे पट वाली त्वचा के रंग को और बैंगनी पिटिकाओं की उपस्थित पायी गयी है।
(i) चिकित्साथ दिन तक पहुँचने के लिए किन अन्य भागों को आप परीक्षा करेंगे?
(ii) निदान को सुनिश्चित करने के लिए आप कौन-से परीक्षण करेंगे?
(iii) आप इस महिला का उपचार कैसे करेंगे?

Q4. (a) एक 20-वर्षीय नवयुवक से भयंकर सिरदर्द के साथ कैजुअल्टी में लाया गया। उसका रक्तदान 220/130 mm Hg था। पिछले दो अवसरों पर भी उसका रक्तदाब बहुत अधिक उल्लिखित किया गया था। विभेदक निदान क्या है? आप उसकी जांच और प्रबंधन कैसे करेंगे?
(b) एक 3-वर्षीय बच्ची सामान्य शोफ से ग्रसित है।

(i) विभेदका निदान को सूचीबद्ध कीजिए।
(ii) अज्ञातहेतुक अपवृीय (इडियोपैथिक नेफ्रोटिक) सिन्ड्रोम के निदान के लिए आवश्यक जाँचों का उल्लेख कीजिए।
(iii) स्टेरॉइड-प्रतिरोधी अपवृझीय सिन्ड्रोम के उपचार की रूपरेखा दीजिए।

(c) एक 5-वर्षीय नर बच्चा पिछले दो सप्ताह से धड़, अंगों और जननांगों के ऊपर सामान्य खुजली वाली निस्चीकृत पुटिकाओं की उपस्थिति दिखाता है। उसकी हथेलियों और तलुओं में कुछ जलस्फोट पुटिकाएँ भी हैं। उसके अन्य सहोदर को भी इसी भाँति को त्वचा समस्या है।

(i) इसका संभावित निंदान क्या है?
(ii) इसको इस दशा को क्या कारण हैं।
(ii) इस दशा के उपचार के लिए उपलब्ध विभिन्न स्थल विरचनाओं (ऊपर से लगाने वाली दवाओं) को गिनाइए। | किसी एक दवा के लगाने की विधि का वर्णन कीजिए।

खण्ड - B

Q5. (a) एक 40 वर्ष की गोरी महिला को तीब्र ऊपरी उदरीय पीड़ा और अधिक वसा वाला खाना खाने के बाद उल्टी के साथ कैजुअल्टी विभाग में लाया गया। परीक्षा करने पर दाएँ अधःपक प्रदेश (हाइपोकोन्ट्रिंयम) में दावचेदना पायी गयी।

(i) उपर्युक्त चिकित्सकीय दशा का क्या निदान है। साथ ही इसका इरिओं-रोगजनन और विभेदक निदान भी बताए ।
(ii) कोलिलिथियासिस से चिरकारी पित्ताशयशोथ के प्रबंधन की रूपरेखा प्रस्तुत कीजिए।

(b) एक 75-वर्षीय वृद्ध पुरुष में {मेह के साथ मून का तीव्र अबधारण (एक्यूट रिटेन्शन) देखा गया। मलाशय परीक्षण के बाद कर पर्विल पुरःस्थ (प्रोस्टेटिक) विवर्धन उपस्थित पाया गया।

(i) निदान और उसकी जाँच की विवेचना कीजिए।
(ii) उपर्युक्त दशा के प्रबंधन की रूपरेखा प्रस्तुत कीजिए।

(c) महिला बंध्याकरण के लिए सामान्यतः उपयोग की जाने वाली विधियों को गिनाइए। प्रत्येक विधि के लाभ और दोष क्या हैं?
(d) असिस्टेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी को परिभाषित कीजिए। सामान्यतः उपयोग की जाने वाली जनन प्रौद्योगिकियों का संक्षेप में उल्लेख कीजिए। प्रत्येक विधि के सूचक और निषिद्धताएँ क्या हैं?
(e) (i) ट्रांस-वसीय अम्ल (ट्रास-कैटी एसिड) क्या है?
(ii) कौन-कौन से खाद्य-पदार्थ ट्रांस-वसीय अम्ल के मुख्य स्रोत हैं?
(iii) सामुदायिक स्वास्थ्य की दृष्टि से इस-बसीय अम्र्जा का क्या महत्व हैं।

Q6. (a) प्रसवोत्तर रक्तन्नाव (पी० पी० एच०) को परिभाषित कीजिए। पी० पी० एच के कौन-से कारण हैं? प्रसव के तुरंत बाद पी पी एच के केस को आप कैसे प्रबंधन करेंगे? पी० पी० एच० के नियंत्रण हेतु रोकथाम के उपायों की विवेचना कीजिए।
(b) सुदम स्तनरोग के कारणों, उनकी जाँच एवं स्तनावेदना के साथ द्विपाय फाइब्रोएडिनोसिस के प्रबंधन की विवेचना कीजिए।
(c) (i) जननी सुरक्षा योजना के मूल ध्येय क्या हैं?
(ii) इस योजना की मुख्य विशिष्टताएँ क्या हैं?
(iii) 'वंदे मातरम् योजना' क्या है? यह जननी सुरक्षा योजना से कैसे जुझी है?

Q7. (a) एक 25-वर्षीय नर कभी भी हो जाने वाले मध्यवर्ती उदय अमान से पीड़ित है, जिसमें शाम को तापमान बढ़ता है और साथ ही भार कम हो रहा है। उदरीन परीक्षण में दायीं इलियक फौसा में वृद्ध, अस्पर्शसह्य तम पाया गया।

(i) उपर्युक्त केस में विभेदक निदान की विवेचना कीजिए।
(ii) जाँच और उसके निष्कर्ष का उल्लेख कोजिए।
(iii) इलियोसीकल यक्ष्मा के प्रबंधन की रूपरेखा प्रस्तुत कीजिए।

(b) (i) राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (एन० आर० एच० एम०) के अंतर्गत ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं की संरचना को सुदृढ़ करने के लिए क्या परिवर्तन किए जा रहे हैं।

(ii) स्वार-ध्य एवं परिवार कल्याण से सम्बद्ध किन-किन मौजूदा कार्यक्रम को राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन का अंग बना दिया गया है?

(c) एक 40-वर्षीय महिला में अत्यातच के सामान्य वारर्गों को गिनाइए। फाइझॉइड गर्भाशय के विभिन्न प्रकार क्या हैं? फाइब्रॉइड गर्भाशय के कारण अत्यार्तब से ग्रसित एक 40-वर्षीय महिला के केस का प्रबंधन आप कैसे करेंगे?

Q8. (a) दि एड टी० बी० स्ट्रेटजी' पूर्व में चलती रही वैश्चिक टी० बी० युद्धनीतियों का तार्किक विकास एवं निदर्शनात्मक परिवर्तन है।

(i) इसके अंतर्दृष्टि, लक्ष्य, मील के पत्थर तथा लक्ष्यांक क्या हैं, जिन्हें भविष्य में विशिष्ट वर्षों के अनुसार प्राप्त करना है?
(ii) इसके सफल होने में मुख्य बाधाएँ क्या-क्या हैं?
(iii) इन बाधाओं को दूर करने के लिए कौन-से कदम उठाए जाने आवश्यक हैं?

(b) गर्भाशय भ्रश (प्रोलॅप्स) की परिभाषा दीजिए। गर्भाशय अंश की विभिन्न डिग्रियों को गिनाइए। उन कारकों को गिनाइए जो गर्भाशय अंश के कारण बनते हैं। एक 33-वर्षीय महिला के केस में, जिसने अपना परिचार पूरा कर लिया है, आप तृतीय डिग्री वाले गर्भाशय योनि अंश का प्रबंधन कैसे करेंगे?
(c) एक 35-वर्षीय पुरुष सड़क पर आकस्मिक दुर्घटनाग्रस्त हुआ। सामान्य परीक्षा में वह दिविन्यासित और पीला पाया गया। उसो नाड़ी 120/मिनट, दाज 90/60 mm Hg और श्वसन दर 32 मिनट थी। वक्ष पर नील उपस्थित था और दायीं व दीवार घटी गति रही थी। परिश्रवण पर घटीं श्वसन ध्वनि (Rt) और परेशान (परसन) पर प्रबल अनुनाद (Rt.) अस्थित था।

(i) विभेदक निदान की विवेचना कीजिए।
(ii) उसकी जाँच कैसे करे?
(iii) उपर्युक्त चिकित्सकीय परिदृश्य का उपचार बताइए।

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(Download) संघ लोक सेवा आयोग सिविल सेवा - मुख्य परीक्षा (चिकित्सा-विज्ञान) Paper-1- 2017


संघ लोक सेवा आयोग सिविल सेवा - मुख्य परीक्षा
(Download) UPSC IAS Mains Exam Paper - 2017 : चिकित्सा-विज्ञान (Paper - 1)


चिकित्सा-विज्ञान
(प्रश्न पत्र - I)

निर्धारित समय : तीन घंटे

अधिकतम अंक : 250

प्रश्न-पत्र सम्बन्धी विशेष अनुदेश

कृपया प्रश्नों के उत्तर देने से पूर्व निम्नलिखित प्रत्येक अनुदेश को ध्यानपूर्वक पढ़े :

इसमें आठ (8) प्रश्न हैं जो दो खण्डों में विभाजित हैं तथा हिन्दी और अंग्रेज़ी दोनों में छपे हैं ।

परीक्षार्थी को कुल पाँच प्रश्नों के उत्तर देने हैं।

प्रश्न संख्या 1 और 5 अनिवार्य हैं तथा बाकी में प्रत्येक खण्ड से कम-से-कम एक प्रश्न चुनकर किन्हीं तीन प्रश्नों के उत्तर दीजिए । प्रत्येक प्रश्न/भाग के अंक उसके सामने दिए गए हैं ।

प्रश्नों के उत्तर उसी प्राधिकृत माध्यम में लिखे जाने चाहिए जिसका उल्लेख आपके प्रवेश-पत्र में किया गया है, और इस माध्यम का स्पष्ट उल्लेख प्रश्न-सह-उत्तर (क्यू.सी.ए.) पुस्तिका के मुख-पृष्ठ पर निर्दिष्ट स्थान पर किया जाना चाहिए । प्राधिकृत माध्यम के अतिरिक्त अन्य किसी माध्यम में लिखे गए उत्तर पर कोई अंक नहीं मिलेंगे।

प्रश्नों में शब्द सीमा, जहाँ विनिर्दिष्ट है, का अनुसरण किया जाना चाहिए ।

जहाँ आवश्यक हो, आरेख / चित्र उत्तर के लिए दिए गए स्थान में ही दर्शाइए ।

प्रश्नों के उत्तरों की गणना क्रमानुसार की जाएगी । यदि काटा नहीं हो, तो प्रश्न के उत्तर की गणना की जाएगी चाहे वह उत्तर अंशतः दिया गया हो । प्रश्न-सह-उत्तर पुस्तिका में खाली छोड़ा हुआ पृष्ठ या उसके अंश को स्पष्ट रूप से काटा जाना चाहिए ।

खण्ड - A

Q1. (a) शव संलेपन के बारे में संक्षेप में लिखिए ।
(b) फेफड़ों के कोशिकीय अवयवों का सूक्ष्मदर्शीय वर्णन कीजिए । साथ ही फीटल डिस्ट्रेस संलक्षण पर टिप्पणी भी लिखिए ।
(c) जिह्वा के अवयव परिवर्धन एवं तंत्रिका वितरण का वर्णन कीजिए ।
(d) मेरु-अनुमस्तिष्क के प्रकार्यों का वर्णन कीजिए ।
(e) यकृत्-पूर्व, यकृत् और यकृत्-पश्च पीलिया के रोगियों के रक्त एवं मूत्र में की जाने वाली विभिन्न जैव-रासायनिक जाँचों को सारणीबद्ध कीजिए ।

Q2. (a) हमारे शरीर में लोहे का अवशोषण, परिवहन एवं भण्डारण कैसे होता है, वर्णन कीजिए । शरीर में लोहे की स्थिति के मूल्यांकन के लिए किए जाने वाले विभिन्न परीक्षणों को बताइए ।
(b) (i) भ्रूण, गर्भ और वयस्कों में लोहित कोशिकाओं के निर्माण स्थलों को गिनाइए ।
(ii) लोहित कोशिकाजनन की अवधि में कोशिकाद्रव्य एवं केन्द्रक में होने वाले अभिलाक्षणिक परिवर्तनों का वर्णन कीजिए ।

(c) (i) पर्युदर्या परावर्तन के संबंध में यकृत् अवकाशों का सविस्तार वर्णन कीजिए । साथ ही इसके अनुप्रयुक्त महत्त्व पर टिप्पणी भी लिखिए ।
(ii) मस्तिष्कं स्तंभ में रक्त संभरण का वर्णन कीजिए और साथ ही इसके अनुप्रयुक्त महत्त्व | पर टिप्पणी भी लिखिए ।

Q3. (a) (i) ऐच्छिक कार्यों में आधारी गंडिका के प्रकार्यों का वर्णन कीजिए।
(ii) आधारी गडिका और प्राथमिक प्रांतस्था के प्रकार्यों की तुलना कीजिए ।

(b) मूत्राशय के स्थूल शारीर, तंत्रिकायन एवं अनुप्रयुक्त महत्त्व का वर्णन कीजिए । साथ ही स्वसंचालित मूत्राशय पर टिप्पणी भी लिखिए ।
(c) 'पॉलिमरेज़ चेन प्रतिक्रिया (पी.सी.आर.)' प्रौद्योगिकी के सिद्धान्त की विवेचना कीजिए एवं इसमें सम्मिलित चरणों की रूपरेखा प्रस्तुत कीजिए। इसका चिकित्सकीय अनुप्रयोग भी लिखिए ।

Q4. (a) (i) निम्नलिखित शीर्षकों के अंतर्गत स्कन्ध-संधि का वर्णन कीजिए :

I. गति
II. रक्त संभरण
III. स्नायु

(ii) चोट से नीली हुई आँख (ब्लैक आय) का शारीरी आधार बताइए ।

(b) (i) रेखाचित्र द्वारा स्तनपायी प्रतिवर्त को दर्शाइए । एस्ट्रोजन के सकारात्मक एवं नकारात्मक पुनर्निबेशन प्रकार्यों का वर्णन कीजिए ।
(ii) रक्तदाब के नियमन में दाबग्राही प्रतिवर्त क्रियाविधि का वर्णन कीजिए।

(c) बिटामिन डी एक हॉर्मोन हैं इस कथन को सिद्ध कीजिए । विटामिन डी का संश्लेषण, क्रियाविधि एवं शरीरक्रियात्मक कार्यों का वर्णन कीजिए ।

खण्ड़ - B

Q5. (a) अर्बुद को परिभाषित कीजिए । सुदम एवं दुर्दम अर्बुद के बीच पाँच विभेदों को सूचीबद्ध कीजिए।
(b) मलेरिया के जानपदिक-रोग-विज्ञान की चुनौतियों एवं नियंत्रण उपायों की व्याख्या कीजिए । इसके प्रयोगशाला निदान की चर्चा कीजिए।
(c) पैरासिटामॉल की तीव्र विषाक्तता का, उसकी विषालुता की क्रियाविधि तथा उसके उपचार पर बल देते हुए चर्चा कीजिए ।
(d) फेफड़े में प्राथमिक-पश्च (द्वितीयक) यक्ष्मा के स्थूल एवं सूक्ष्मदर्शीय स्वरूप का वर्णन कीजिए ।
(e) आप कैसे आकलन करेंगे कि क्षति भारतीय दण्ड संहिता के धारा 320 के अंतर्गत घोर उपहति है। उदाहरणों सहित व्याख्या कीजिए।

Q6. (a) (i) तीव्र प्रफली स्तवकवृक्कशोथ के स्थूल एवं सूक्ष्मदर्शीय अभिलक्षणों का वर्णन कीजए ।
(ii) पट्टकी कोशिका गर्भाशयग्रीवा कार्सिनोमा के हेतु-रोगजनन का संक्षेप में वर्णन कीजिए ।

(b) सल्फोनामाइडों की क्रियाविधि का वर्णन कीजिए । साथ ही इसके विरुद्ध प्रतिरोध उत्पन्न करने हेतु जीवाणु कौन-सी विधियाँ अपनाते हैं, उनका भी वर्णन कीजिए ।
(c) (i) अंत:क्रमणक कैंडिडा के संक्रमण के लिए उत्तरदायी कारक कौन-से हैं ? रक्त वाहिका कैंडिडा संक्रमण के प्रयोगशाला निदान का संक्षेप में वर्णन कीजिए ।
(ii) अवसरवादी कबक (दो) एवं परजीवी (दो) कारकों के नाम लिखिए जो एच.आई.वी. (HIV) रोगी में संक्रमण उत्पन्न करते हैं। उनमें से किसी एक के प्रयोगशाला निदान का बर्णन कीजिए।

Q7. (a) एक 16-वर्षीय लड़की को पुलिस द्वारा तथाकथित बलात्कार के इतिहास के साथ चिकित्सीय परीक्षण के लिए अस्पताल लाया गया है । चिकित्सा अधिकारी उसका परीक्षण किस प्रकार शुरू करेगा ? विभिन्न संभावित नैदानिक लक्षणों का वर्णन कीजिए | उस लड़की पर बलात्कार किया गया है अथवा नहीं यह स्थापित करने के लिए किस प्रकार की सामग्न (नमूना) को सुरक्षित रखा जाएगा ?
(b) साइनाइड विषाक्तता के प्रकरण में नैदानिक लक्षणों, प्रबंधन व शव-परीक्षा के जाँच-परिणामों की विवेचना कीजिए।
(c) निम्नलिखित के कारण स्पष्ट कीजिए :

(i) बीटा ब्लॉकरों का वैरापेमिल के साथ प्रयोग नहीं किया जाना चाहिए ।
(ii) फोलिनिक ऐसिद्ध का मिथोट्रेक्सेट के साथ प्रयोग किया जाता है ।
(iii) वृक्कजनक डायबिटीज़ इसीपिड्स में थायज़ाइड उपयोगी होते हैं ।

Q8. (a) (i) आंत्र ज्वर के रोगजनन की बिबेचना कीजिए । वे कौन-सी विभिन्न क्रियाविधियाँ हैं। जिनके द्वारा साल्मोनेला प्रतिसूक्ष्मजीवी प्रतिरोध प्राप्त करता है ?
(ii) प्रतिरक्षात्मक सह्यता को परिभाषित कीजिए तथा स्वप्रतिरक्षा में इसकी भूमिका की एक उदाहरण देते हुए चर्चा कीजिए।

(b) एक 40-वर्षीय चिरकाली मदात्ययी पुरुष जलोदर, प्लीहा-अतिवृद्धि, पीलिया एवं रक्तवमन (हीमेटेमेसिस) के सहित अपने को प्रस्तुत करता है ।

(i) यकृत् में संभावित रोग क्या हो सकता है ?
(ii) रक्तवमन (हीमेटेमेसिस) का क्या कारण है ?
(iii) इस प्रकरण में यकृत् के स्थूल एवं सूक्ष्मदर्शीय अभिलक्षणों का वर्णन कीजिए।

(c) निम्नलिखित की क्रियाविधि, उपयोगों तथा अनुषंगी प्रभावों की संक्षेप में विवेचना कीजिए :

(i) ग्निजिओफुल्विन
(ii) सल्फोनिलयूरिया
(iii) जेन्टामाइसिन

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(Download) संघ लोक सेवा आयोग सिविल सेवा - मुख्य परीक्षा (भूविज्ञान) Paper-2- 2017


संघ लोक सेवा आयोग सिविल सेवा - मुख्य परीक्षा
(Download) UPSC IAS Mains Exam Paper - 2017 : भूविज्ञान (Paper - 2)


भूविज्ञान
(प्रश्न पत्र - II)

निर्धारित समय : तीन घंटे

अधिकतम अंक : 250

प्रश्न-पत्र सम्बन्धी विशेष अनुदेश

कृपया प्रश्नों के उत्तर देने से पूर्व निम्नलिखित प्रत्येक अनुदेश को ध्यानपूर्वक पढ़े :

इसमें आठ (8) प्रश्न हैं जो दो खण्डों में विभाजित हैं तथा हिन्दी और अंग्रेज़ी दोनों में छपे हैं ।

परीक्षार्थी को कुल पाँच प्रश्नों के उत्तर देने हैं।

प्रश्न संख्या 1 और 5 अनिवार्य हैं तथा बाकी में प्रत्येक खण्ड से कम-से-कम एक प्रश्न चुनकर किन्हीं तीन प्रश्नों के उत्तर दीजिए । प्रत्येक प्रश्न/भाग के अंक उसके सामने दिए गए हैं ।

प्रश्नों के उत्तर उसी प्राधिकृत माध्यम में लिखे जाने चाहिए जिसका उल्लेख आपके प्रवेश-पत्र में किया गया है, और इस माध्यम का स्पष्ट उल्लेख प्रश्न-सह-उत्तर (क्यू.सी.ए.) पुस्तिका के मुख-पृष्ठ पर निर्दिष्ट स्थान पर किया जाना चाहिए । प्राधिकृत माध्यम के अतिरिक्त अन्य किसी माध्यम में लिखे गए उत्तर पर कोई अंक नहीं मिलेंगे।

प्रश्नों में शब्द सीमा, जहाँ विनिर्दिष्ट है, का अनुसरण किया जाना चाहिए ।

जहाँ आवश्यक हो, आरेख / चित्र उत्तर के लिए दिए गए स्थान में ही दर्शाइए ।

प्रश्नों के उत्तरों की गणना क्रमानुसार की जाएगी । यदि काटा नहीं हो, तो प्रश्न के उत्तर की गणना की जाएगी चाहे वह उत्तर अंशतः दिया गया हो । प्रश्न-सह-उत्तर पुस्तिका में खाली छोड़ा हुआ पृष्ठ या उसके अंश को स्पष्ट रूप से काटा जाना चाहिए ।

खण्ड - A

Q1. (a) क्रिस्टल के द्वारा ऐक्स-किरणों के विवर्तन के बैग के नियम को उपयुक्त आरेख की सहायता से स्पष्ट कीजिए।
(b) साफ रेखाचित्रों के द्वारा खनिजों में प्रसामान्य और उत्क्रम मंडलन के बीच विभेदन कीजिए।
(c) दृश्यक्रिस्टली अत्यल्पसिलिक शैलों के आइ० यू० जी० एस० वर्गीकरण पर स्वच्छ आरेख की सहायता से चर्चा कीजिए।
(d) पुनःक्रिस्टलन का प्रक्रम क्या होता है? संस्पर्श कायांतरण से संबंधित बुनावटों पर चर्चा कीजिए।
(e) अवसादी शैलों की प्रायिक संरचनाओं का साफ रेखाचित्रों सहित वर्णन कीजिए तथा उनके महत्त्व पर भी टिप्पणी कीजिए।

Q2. (a) साफ रेखाचित्रों और खनिजीय उदाहरणों के साथ सिलिकेटों के संरचनात्मक वर्गीकरण का वर्णन कीजिए।
(b) फेल्डस्पार समूह के खनिजों की क्रिस्टल संरचना, रासायनिक संघटन और प्रकाशिक गुणधर्मों का एक विवरण प्रस्तुत कीजिए।
(c) उपयुक्त आरेख के साथ स्पष्ट कीजिए कि एक-अक्षीय खनिज का प्रकाशिक चिह्न किस प्रकार निर्धारित किया जाता है।

Q3. (a) विभिन्न प्रकार के ग्रेनिटॉइडों के नाम बताइए और विवर्तनिक व्यवस्थापनों के आधार पर उनके वर्गीकरण पर चर्चा कीजिए। ग्रेनिटॉइडों की उत्पत्ति में मैंटल की भूमिका पर भी एक टिप्पणी लिखिए।
(b) कायांतरी संलक्षणी और माला पर चर्चा कीजिए। निम्न कोटियों के मैफ़िक समुच्चयों का उल्लेख करते हुए कायांतरण के हरित शिस्ट संलक्षणी का कायांतरण के प्रेनाइट-पंपेलाइट संलक्षणी से विभेदन कीजिए।
(c) कार्बोनेटाइटों की खनिजिकी, रासायनिक लक्षणों और उद्गम पर चर्चा कीजिए। उपयुक्त भारतीय उदाहरण प्रस्तुत कीजिए।

Q4. (a) प्रसंघनन और शिलीभवन के प्रक्रमों पर चर्चा कीजिए।
(b) भारत की प्राग्जीव अवसादी द्रोणियों का एक विवरण प्रस्तुत कीजिए।
(c) मोलासे और फ्लिश फेसिज के बीच विभेदन कीजिए।

खण्ड-B

Q5. (a) स्ट्रैटीफॉर्म एवं स्ट्रैटा-बाउन्ड निक्षेप क्या हैं? उपयुक्त उदाहरण देते हुए स्पष्ट कीजिए।
(b) भारतीय परिरक्षक (शील्ड) में मैंगनीज़ निक्षेपों के महत्त्वपूर्ण प्रकारों के भूवैज्ञानिक अभिलक्षणों का वर्णन कीजिए।
(c) खनिजीभवन के क्षेत्रीय साक्ष्य क्या-क्या होते हैं, जो खनिज पूर्वेक्षण में उपयोगी हो सकते हैं?
(d) ऐरोलाइटों की बुनावट, संघटन और प्रकारों पर चर्चा कीजिए। कॉन्ड्राइटों के महत्त्व पर टिप्पणी कीजिए।
(e) कोयला खदान जल प्रदूषण और भौमजल प्रवृत्ति पर उसके प्रभाव की चर्चा कीजिए। भौमजल प्रदूषण पर नियंत्रण रखने के लिए किए जाने वाले निरोधक उपायों पर टिप्पणी कीजिए।

Q6. (a) पॉर्फिरी ताम्र निक्षेपों के भूविज्ञान और उनकी उत्पत्ति का विस्तृत विवरण लिखिए।
(b) भारत में यूरेनियम निक्षेपों के किन्हीं तीन महत्त्वपूर्ण प्रकारों के भूवैज्ञानिक अभिलक्षणों का वर्णन कीजिए। इन निक्षेपों के भूवैज्ञानिक व्यवस्थापन को सुचारु रूप से दर्शाने वाले स्वच्छ रेखाचित्र बनाइए।
(c) तेल और गैस खिड़कियाँ क्या हैं? उपयुक्त आरेख द्वारा स्पष्ट कीजिए।

Q7. (a) खनिज निक्षेपों के भूरासायनिक अन्वेषण के लिए वे कौन-सी कसौटियाँ हैं जिनके आधार पर सूचक तत्त्वों का चयन किया जाता है? भूरासायनिक असंगति की पहचान करने के लिए भूरासायनिक डाटा के अर्थ-निर्णय की किन्हीं दो विधियों का वर्णन कीजिए।
(b) खनिज अन्वेषण कार्यक्रम की विस्तृत अन्वेषण अवस्था के लक्ष्यों का वर्णन कीजिए। अन्वेषक खनन और उसके अनुप्रयोग पर एक टिप्पणी भी लिखिए।
(c) खनिज सज्जीकरण प्रक्रम का प्रारूपिक प्रवाह-चार्ट बनाइए और संक्षेप में उसके घटकों को स्पष्ट कीजिए।

Q8. (a) विभिन्न प्रकार की अंतरापरमाणुक सहलग्नताओं पर चर्चा कीजिए। क्रिस्टल संरचनाओं के क्या-क्या सिद्धांत हैं? सिलिकेटों में सूक्ष्म मात्रिक तत्त्वों के परमाण्वीय प्रतिस्थापन का नियंत्रण करने के नियमों पर टिप्पणी लिखिए।
(b) उच्चस्तरीय नाभिकीय कचरा क्या होता है? इसका प्रबंधन किस प्रकार किया जाता है और किस प्रकार भूवैज्ञानिक निक्षेपस्थान में इसका सुरक्षित रूप से निपटान किया जाता है? इसके भारतीय परिदृश्य पर एक टिप्पणी भी लिखिए।
(c) तत्त्वों की असंगतता से आप क्या समझते हैं? उच्च क्षेत्र प्रबलता (एच० एफ० एस०) और बृहत् आयन सिलिकेटरागी (एल० आइ० एल०) तत्त्वों पर टिप्पणी कीजिए।

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संघ लोक सेवा आयोग सिविल सेवा - मुख्य परीक्षा
(Download) UPSC IAS Mains Exam Paper - 2017 : भूविज्ञान (Paper - 1)


भूविज्ञान
(प्रश्न पत्र - I)

निर्धारित समय : तीन घंटे

अधिकतम अंक : 250

प्रश्न-पत्र सम्बन्धी विशेष अनुदेश

कृपया प्रश्नों के उत्तर देने से पूर्व निम्नलिखित प्रत्येक अनुदेश को ध्यानपूर्वक पढ़े :

इसमें आठ (8) प्रश्न हैं जो दो खण्डों में विभाजित हैं तथा हिन्दी और अंग्रेज़ी दोनों में छपे हैं ।

परीक्षार्थी को कुल पाँच प्रश्नों के उत्तर देने हैं।

प्रश्न संख्या 1 और 5 अनिवार्य हैं तथा बाकी में प्रत्येक खण्ड से कम-से-कम एक प्रश्न चुनकर किन्हीं तीन प्रश्नों के उत्तर दीजिए । प्रत्येक प्रश्न/भाग के अंक उसके सामने दिए गए हैं ।

प्रश्नों के उत्तर उसी प्राधिकृत माध्यम में लिखे जाने चाहिए जिसका उल्लेख आपके प्रवेश-पत्र में किया गया है, और इस माध्यम का स्पष्ट उल्लेख प्रश्न-सह-उत्तर (क्यू.सी.ए.) पुस्तिका के मुख-पृष्ठ पर निर्दिष्ट स्थान पर किया जाना चाहिए । प्राधिकृत माध्यम के अतिरिक्त अन्य किसी माध्यम में लिखे गए उत्तर पर कोई अंक नहीं मिलेंगे।

प्रश्नों में शब्द सीमा, जहाँ विनिर्दिष्ट है, का अनुसरण किया जाना चाहिए ।

जहाँ आवश्यक हो, आरेख / चित्र उत्तर के लिए दिए गए स्थान में ही दर्शाइए ।

प्रश्नों के उत्तरों की गणना क्रमानुसार की जाएगी । यदि काटा नहीं हो, तो प्रश्न के उत्तर की गणना की जाएगी चाहे वह उत्तर अंशतः दिया गया हो । प्रश्न-सह-उत्तर पुस्तिका में खाली छोड़ा हुआ पृष्ठ या उसके अंश को स्पष्ट रूप से काटा जाना चाहिए ।

खण्ड - A

Q1. निम्नलिखित में प्रत्येक पर लगभग 150 शब्दों में टिप्पणी लिखिये :

(a) भारत के भूकम्पीय आपदाक्षेत्र
(b) कार्ट-स्थलाकृति की उत्पत्ति
(c) ‘डिजिटल इमेज' प्रक्रमण
(d) शैल विदलन का आकृतिक वर्गीकरण
(e) भ्रंश मंडल शैल

Q2. (a) विभिन्न प्रकार की प्लेट सीमाओं की विवेचना कीजिए एवं इनके विशिष्ट लक्षणों का लेखा-जोखा प्रस्तुत करें ।
(b) भारत के प्रायद्वीपीय एवं प्रायद्वीपेतर क्षेत्रों के भूआकृतिक एवं भूवैज्ञानिक लक्षणों की तुलना कीजिए।
(c) संधि क्या होती हैं ? वलन के दौरान विकसित संधियों की विवेचना कीजिए।

Q3. (a) नदी-वेदिकाएं क्या होती हैं ? उनके भूवैज्ञानिक महत्व की विवेचना कीजिए।
(b) किसी क्षेत्र में भ्रंश एवं विषमविन्यास के बीच आप कैसे विभेद करेंगे ?
(c) नदी-जल-प्रदूषण को नियंत्रित करने हेतु प्रयुक्त विभिन्न युक्तियों की उपयुक्त उदाहरण देते हुए विवेचना कीजिए ।

Q4. (a) भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम की अभिनव प्रगतियों एवं उपलब्धियों की विवेचना कीजिए ।
(b) छोटे वलनों की ज्यामिति किसी क्षेत्र में क्षेत्रीय वलनो की ज्यामिति को आंकने में कैसे सहायक है, व्याख्या कीजिए।
(c) परम्परागत भूवैज्ञानिक स्थलीय कार्य के संदर्भ में सुदूर संवेदन अध्ययनों के सापेक्ष लाभ एवं सीमाओं का वर्णन कीजिए।

खण्ड - B

Q5. निम्नलिखित में प्रत्येक का उत्तर लगभग 150 शब्दों में दीजिए :

(a) पर्यावरण एवं जीवाश्मन की विधियों को स्पष्ट कीजिए।
(b) हिमालय के विवर्तनिक उप-विभाजनों का वर्णन कीजिए ।
(c) शैलों के जलधारी अभिलक्षण ।
(d) वर्षाजल एकत्रण की संकल्पना ।
(e) निम्न गोंडवाना के वनस्पति-जात एवं उनका महत्व ।

Q6. (a) ‘स्वस्थाने' एवं 'व्युत्पन्न जीवाश्मों में आप किस प्रकार विभेद करेंगे ?
(b) विरूपित भूवैज्ञानिक भूभाग में सुरंगों के निर्माण हेतु भूवैज्ञानिक सोच-विचार ।
(c) विन्ध्यन उच्च शैल समूह का स्तरिक विवरण दीजिए । विन्ध्यन काल के जीवन पर टीका कीजिए।

Q7.(a) निम्नलिखित पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए :

(i) मुठ क्वार्टजाइट
(ii) लमेटा संभवन
(iii) तिपम संभवन

(b) पेट्रोलियम अन्वेषण में सूक्ष्म जीवाश्मों के महत्व का वर्णन कीजिए।
(c) हिमालय शैल प्रदेश में बाँध निर्माण के स्थान के चयन हेतु भूवैज्ञानिक विचारों की विवेचना कीजिए।

Q8. (a) भूजल पुनर्भरण से आप क्या समझते हैं ? इस प्रक्रम हेतु प्रयुक्त विभिन्न विधियों का वर्णन कीजिए।
(b) इक्वीडी (अश्वकुल) की विकासीय प्रवृत्तियों का लेखा प्रस्तुत कीजिए।
(c) डेकन ज्वालामुखी क्षेत्र का भूवैज्ञानिक लेखा प्रस्तुत कीजिए।

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संघ लोक सेवा आयोग सिविल सेवा - मुख्य परीक्षा
(Download) UPSC IAS Mains Exam Paper - 2017 : इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग (Paper - 2)


इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग
(प्रश्न पत्र - II)

निर्धारित समय : तीन घंटेa

अधिकतम अंक : 250

प्रश्न-पत्र सम्बन्धी विशेष अनुदेश

कृपया प्रश्नों के उत्तर देने से पूर्व निम्नलिखित प्रत्येक अनुदेश को ध्यानपूर्वक पढ़े :

इसमें आठ (8) प्रश्न हैं जो दो खण्डों में विभाजित हैं तथा हिन्दी और अंग्रेज़ी दोनों में छपे हैं ।

परीक्षार्थी को कुल पाँच प्रश्नों के उत्तर देने हैं।

प्रश्न संख्या 1 और 5 अनिवार्य हैं तथा बाकी में प्रत्येक खण्ड से कम-से-कम एक प्रश्न चुनकर किन्हीं तीन प्रश्नों के उत्तर दीजिए । प्रत्येक प्रश्न/भाग के अंक उसके सामने दिए गए हैं ।

प्रश्नों के उत्तर उसी प्राधिकृत माध्यम में लिखे जाने चाहिए जिसका उल्लेख आपके प्रवेश-पत्र में किया गया है, और इस माध्यम का स्पष्ट उल्लेख प्रश्न-सह-उत्तर (क्यू.सी.ए.) पुस्तिका के मुख-पृष्ठ पर निर्दिष्ट स्थान पर किया जाना चाहिए । प्राधिकृत माध्यम के अतिरिक्त अन्य किसी माध्यम में लिखे गए उत्तर पर कोई अंक नहीं मिलेंगे।

प्रश्नों में शब्द सीमा, जहाँ विनिर्दिष्ट है, का अनुसरण किया जाना चाहिए ।

जहाँ आवश्यक हो, आरेख / चित्र उत्तर के लिए दिए गए स्थान में ही दर्शाइए ।

प्रश्नों के उत्तरों की गणना क्रमानुसार की जाएगी । यदि काटा नहीं हो, तो प्रश्न के उत्तर की गणना की जाएगी चाहे वह उत्तर अंशतः दिया गया हो । प्रश्न-सह-उत्तर पुस्तिका में खाली छोड़ा हुआ पृष्ठ या उसके अंश को स्पष्ट रूप से काटा जाना चाहिए ।

खण्ड A

1.(a) खुला पाश अंतरण फुलन G(s)H(s) = k(s-3)(s-5) / (s-1)(s+2). के लिए अधिविच्छेद (ब्रेक-अवे) एवं विच्छेद (नेक-इन) बिन्दुओं, यदि कोई है, को ज्ञान कीजिए। साथ ही रपष्ट कीजिए कि क्या इन बिन्दुओं पर लब्धि अधिकतम अथवा न्यूनतम है।
(b) 5000 Hz की अधिकतम आवृत्ति बाले पट्टी सीमित अनुरूप सिग्नल को डेल्टा मालन तंत्र को समायोजित करने के लिए जिंजाइन किया गया है। नमूना दर नाइन्धिस्ट दर का पांच गुना है। इस तंत्र पर एक सिग्नल x(t) = sin(2000pt) लगाया जाता है। निर्धारण करें।

(i) प्रवणता अतिभारित व्यावर्तन के बिना सिंग्नल को संसाधित करने के लिए न्यूनतम आवश्यक पैड़ी-आमाप
(ii) तंत्र का अधिकतम सिग्नल-से-क्वान्टीकृत शोर अनुपात.

(c) (i) उन दो मार्गों का वर्णन करें जिनके अंतर्गत 8085 माइक्रोप्रोसेसर में अंतरायन आर.एस.टी. 7.5 को अशक्त किया जा सकता है ।
(ii) 8085 माइक्रोप्नोसेसर के लिए 8k-बाइटों को डिजाइन करने के लिए आवश्यक स्मृति चियों को संड्या की गणना कीजिए । चिम क्षमता 1024x1 है।

(d) (i) अल्प प्रतिरोधों को प्रायः चार टर्मिनल प्रतिरोधों की भांति ही क्यों निर्मित किया जाता है ?
(ii) प्रत्यक्ष विक्षेप विधि का उपयोग करके विद्युतरोधी सामग्री की पए प्रतिरोधकता वैसे मापी जा सकती है ?

(e) प्रतिशतता अभिनत व्यवकलीय रिले के साथ हार्मोनिक अवरोध के सिद्धान्त की व्याख्या कीजिए ।

2. (a) अस्थिर बुला पाश तंत्र के लिए जिसका अंतरण फल है G(s)H(s) = s+3 / s(s-1) नाइक्विस्ट कन्टूर और नाइक्विस्ट आलेख का चित्र । बंद-पाश तंत्र के स्थायित्व पर टिप्पणी कीजिए ।
(b) 8085 माइक्रोप्रोसेसर में रसाइकल रटीलिंग डॉ.एम.ए और अंतःपटलित डी.एम.ए के बीच क्या अंतर है? वुड स्थानांतरण डी.एम.ए का क्या अर्थ है ?
(c) ऊपर चित्र में दिखाए तंत्र में दो एक-कलीय परिणामित्र 200 V पर 10 kVA प्रतिरोध मार प्रदाय करते हैं । दिखाइए कि परिपथ (A, B और C भाग की भांति) के प्रत्येक भाग के लिए p.u. भार समान हैं और बिन्दु D पर वोल्टेज की गणना कीजिए ।


3. (a) ऊपर चित्र में, V1 = 1<0o, Z1 = (0.05 +j 0.02) pu और P2 + jQ2 = (1.0 + j 0.6)pu. है । भार प्रवाह अध्ययन का उपयोग करते हुए पारस्परिक तौर पर V2 और P1 +jQ1 की गणना कीजिए। |V1| = |V2| = 1.0 pu को बनाए रखने के लिए bus 2 में आवश्यक तौर पर सरोपित की जाने वाली क्रियाशील शक्ति का भी निर्धारण कीजिए ।

(b) एक विवि स्मृतिरहित स्रोत x1, x2 और x3 प्रतीकों, जिनका प्रार्थिकताएं 0.2, 0.45 और 0.35 हैं, को उत्सर्जित कर रहा है । स्रोत के द्वितीय प्रसार के लिए इष्टतम द्विअंको हुफमान कोड का निर्माण कारें और गणना करें ।
(c) एक-कलीय, 240 V, 20 A, प्रेरण प्रकार वाट-घंटा मीटर सटीक काम कर रहा है जब उसकी अर्धभार, निर्धारित वोल्टेज और एकक शक्तिः गुणक पर परीक्षा की गई तो डिस्क 32 rpm पर घूर्णित होती है। मीटर के लिए मीटर नियतांक का निर्धारण कीजिए। तब, मीटर के पश्चता समायोजन में परिवर्तन से मीटर की रीडिंग में 0.8 p.f. वेष्टन पर -6.7% की त्रुटि पायी गयी । इस पूर्ण पश्चता समायोजन के कारण प्रदाय वोल्टेज और दाब कुंडली फलंक्स के बीच कौनसा नया फैज कोण बनता है ?

4. (a) एक शक्ति तंत्र, जिसकी एकल मशीन अचानक भार वृद्धि के लिए अनन्त बस को आपूर्ति कर रही है, के क्रांतिक कोण अवकाश (क्रिटिकल क्लियरिंग एंगल) हेतु अभिव्यक्ति प्राप्त करें ।
(b) अंतरण फलन वाले इकाई पुनर्निवेश तंत्र को मानें C(s) / R(s) = a/s2 + bs + a. खुला पाश अंतरण फलन और स्थायी दशा त्रुटि गुणांकों को ज्ञात कीजिए।
(c) एक शेरिंग सेतु, जिसका उपयोग एक नमूने की परीक्षा के लिए किया गया, में निम्नलिखित सेतु भुजाएं है: भुजा ab में अज्ञात धारिता (C1) उपस्थित है जिसका मुक्त भाग सीरीज प्रतिरोध (r1) है; भुजा bc में 315 W को अप्रेरणिक प्रतिरोध (R3); भुजा cd में परिवर्ती संधारित्र (C4) के साथ समांतर रूप में परिवर्ती प्रेरणिक प्रतिरोध (R4) जुड़ा है और भुजा da में 150 pF का मानक संधारित्र (C2) उपस्थित हैं । a और b के बीच आदाय जुड़ी है और b और d के बीच संतुचक जुड़ा है। नमूने की परीक्षा 50 Hz की आवृत्ति पर की गई है तथा उसकी मोटाई 6.3 mm है एवं इसकी परीक्षा इलेक्ट्रोडों के बीच की गयी है प्रत्येक इलेवट्रोड का आयाम (0.15m x 0.18m) है। संतुलन पर C4 = 0.375uF और R4 = 423W है। धारिता, क्षय कारक और सापेक्षिक विद्युतशीलता ज्ञात कीजिए । दिया है मुक्त अबकाश विद्युतशीलता = 8.854x10-12 F/m ।

खण्ड़ B

5. (a) एक 20 MVA, 6.6 kV के साथ Xd = 10%, Xd = 20% और Xd = 100% का जनरेटर परिपथ विच्छेदन के द्वारा ट्रासफोर्मर से जुड़ा है । जब जनरेटर भार के बिना चल रहा है तब विच्छेदक और ट्रांसफॉर्मर के बीच लघु पथन होता है ।

ज्ञात करे :
(i) विच्छेदक से हो कर अनुवाहित (सस्टेन्ड) लघु परिपथ धारा
(ii) लघु परिपथ धारा का आरम्भिक सममित rms

(b) (i) 8085 माइक्रोप्रोसेसर में INTR पल्स कितनी अवधि तक उच्च रह सकता है ?
(ii) प्रोसेसर में जम्प-ऑन-रिसेट परिपथ क्या होता है।

(c) इलेक्ट्रोडायनामोमीटर प्रकार के वामीटर में संबंधन त्रुटि को कम करने में प्रतिकारी कुंडली का उपयोग कैसे किया जा सकता है ?
(d) एक सूचना स्रोत को बैंड सीमित प्रक़म की भांति 6000 Hz की बैंड चौड़ाई के साथ माँइल किया गया है । इस प्रक़म को नाइक्विस्ट दर से उच्च दर पर प्रतिचयित किया गया जिससे कि 2000 Hz का गाई बैंड प्रदान हो सके । परिणामस्वरूप मिलने वाले नमूने निम्नलिखित मानों {-4,-3, -1, 2, 4, 7} और प्रायिकताओं {0.2, 0.1, 0.15, 0.05, 0.3, 0.2} के सेट को लेते हैं। स्रोत की सूचना दर का निर्धारण कीजिए।
(e) y(t) = 0.9t के लिए यह आवश्यक है कि स्थिर अवस्था त्रुटि 0.05 से कम होनी चाहिए । ऊपर दिखाए गए तंत्र के लिए आनुपातिक नियंत्रक का लब्धिमान (K) ज्ञात कीजिए।

6. (a) एक संकलनीय कोड को निम्नलिखित जनरेटर अनुक्रम में वर्णित किया गया है।

g1 = [1 0 0]
g2 = [1 0 1]
g3 = [1 1 1]

(i) इस कोड के संगत कूटन्न परिपथ बनाए ।
(ii) इस कूट के लिए अवस्था चित्र जनाए ।
(iii) 5 बिट लम्बाई वाली सूचना (मैसेज) अनुक्रम के लिए ट्रेलीज चित्र खींचिए ।
(iv) सूचना (मैसेज) अनुक्रम 10111 के लिए एनकोडित अनुक्रम का निर्धारण कीजिए ।

(b) श्रुटि सिग्नल जैसा कि ऊपर दिए चित्र में दिखाया गया है नियंत्रक को दिया गया । आरम्भिक नियंत्रण निर्गम शून्य है। नियंत्रक के निर्गम का चित्र खींचें यदि यह है।

(i) आनुपातिक लब्धि (Kp) = 10 के साथ P नियंत्रक
(ii) अविकल लधि (KI) को 2 के साथ I नियंत्रक

(c) एक विशेष वेधुन शक्ति कारक भार के लिए भेजने के सिरे और ग्रहण करने के सिरे पर लघु संचरण लाइन का निवेशी R - jX वोल्टेज समान होते हैं। सिद्ध कीजिए कि स्थिर अवस्था दशा के अंतर्गत लाइन पर संचरित अधिकतम शक्ति के लिए X/R के अनुपात 3 होता है ।

7. (a) एक तुल्यकालिक जनरेटर और मोटर 30,000 kVA, 13.2 kV से निर्धारित हैं और दोनों में 20% का प्राक्क्षणिका प्रतिघात है। मशीन रेटिंग आधार पर उनको जोड़ने वाली लाइन का प्रतिघात 10% है । मोटर 0.8 शक्ति कारक लीडिंग पर 20,000 KW और 12.8 KV का टर्मिनल वोल्टेज खींच रही है तब मोटर के टर्मिनल पर तुल्यकालिक त्रिफेन त्रुटि उत्पन्न होती है। ज्ञात कीजिए प्राकुक्षणिका धाराएं (i) जनरेटर में (ii) मोटर में और (iii) मशीनों के आंतरिक वोल्टेजों का उपयोग करके त्रुटि में ।

(b) (i) एक 8085 माइक्रोप्रोसेसर में निम्नलिजित कार्यक्रम चलने के बाद स्टेक पोइन्टर का मान क्या है ?

MOV - SP, 07FFH
PUSH - B
CALL - Subroutine
POP - B
ADD - B
PUSH - B

(ii) मान लीजिए कि 8085 माइक्रोप्रोसेसर को निम्नलिखित क्रम : RST 7.5, RST 6.5 RST 5.5 में तीन अंतरायन निवेदन प्राप्त हुए । यदि इन तीन अज्ञापन नीहित होते हैं तो किस गई तक स्टेक प्रवेशित होगा यदि CPU के अंदर सभी अभिलेखियों को आवश्यक तौर पर सुरक्षित कर लिया गया है। मान लो कि रटेक पोइन्टर आरम्भ में FFFFH स्थिति को इंगित करता है।

(c) संकीर्ण आवृत्ति पराओं के प्रदर्शन के लिए स्पेक्ट्रम विश्लेषकों में आने वाली कठिनाइयों के लिए विभिन्न प्रकारों की आवृत्ति अस्थिरताओं की व्याख्या कीजिए। एक स्पेक्ट्रम विश्लेषक को 10-kHz, 3dB के ध्वनि अंक 25dB के साथ डिजाइन किया गया है। इस रपेक्ट्रम विश्लेषक का न्यूनतम संसूचनंत सिग्नल क्या है ? यदि यह स्पेक्ट्रम विश्लेषक 86dB की गतिक मरास रखता है तो इसके बई-आर्डर सेट बिन्दु का भक्ति-स्तर क्या होगा ?

8. (a) एक सतत तंत्र का अंतरण फानन है। C(s)/R(s) = 3/(s-2)(s-3)(s-4). तंत्र का अवस्था मान ज्ञात कीजिए । अवस्था पुनर्निवेश लब्धि ज्ञात कीजिए K = [K1, K2, K3] इस प्रकार हो कि बंद पाश पोल्स -4, -3 और -2 पर होंगे ।
(b) सिग्नल सेट के लिए अभिव्यक्ति लिखिए और कोहेरेन्ट क्वाड्रीज शिफ्ट कीइंग तंत्र के लिए सिग्नल अवकाश चित्र खींचे । निवेशी द्विआधारी अनुक्रम 11001001 के लिए माइलित क्वाड्री-फेज शिफ्ट कीइंग सिंग्नल के इनफैज और क्वाड्रेचर घटकों का चित्र खींचें ।

(c) (i) स्टून गेजों में तापमान प्रतिकरण वो क्यों आवश्यकता होती हैं। एक चार भुजा वाले DC हीटस्टोन सेतु को एकल सक्रिस गेज का उपयोग करते हुए डिजायन किया गया है। तापमान
प्रतिकरण प्राप्त करने के लिए यहाँ एक नकली गेज़ कैसे लगाया जा सकता है ?
(ii) एक सांकेतिक प्रतिरोध 350W और गेज कारक 2 वाले प्रतिरोध वायर स्ट्रेन गेज को स्टील बार के साथ बांधा गया है। स्टील की प्रत्यास्थता का मोलस 2.1 x 106 kg/cm2 है। यदि स्टेन गेज
प्रतिरोध 350.5W होता है तो स्टील बार पर लगाया गया प्रतिबल क्या होगा ?

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UPSC सामान्य अध्ययन प्रारंभिक एवं मुख्य परीक्षा (Combo) Study Kit

सामान्य अध्ययन सिविल सेवा मुख्य परीक्षा अध्ययन सामग्री (GS Mains Study Kit)

(Download) संघ लोक सेवा आयोग सिविल सेवा - मुख्य परीक्षा (वैद्युत इंजीनियरी) (Paper - 1) - 2017


संघ लोक सेवा आयोग सिविल सेवा - मुख्य परीक्षा
(Download) UPSC IAS Mains Exam Paper - 2017 : वैद्युत इंजीनियरी (Paper - 1)


वैद्युत इंजीनियरी
(प्रश्न पत्र - I)

निर्धारित समय : तीन घंटे

अधिकतम अंक : 250

प्रश्न-पत्र सम्बन्धी विशेष अनुदेश

कृपया प्रश्नों के उत्तर देने से पूर्व निम्नलिखित प्रत्येक अनुदेश को ध्यानपूर्वक पढ़े :

इसमें आठ (8) प्रश्न हैं जो दो खण्डों में विभाजित हैं तथा हिन्दी और अंग्रेज़ी दोनों में छपे हैं ।

परीक्षार्थी को कुल पाँच प्रश्नों के उत्तर देने हैं।

प्रश्न संख्या 1 और 5 अनिवार्य हैं तथा बाकी में प्रत्येक खण्ड से कम-से-कम एक प्रश्न चुनकर किन्हीं तीन प्रश्नों के उत्तर दीजिए । प्रत्येक प्रश्न/भाग के अंक उसके सामने दिए गए हैं ।

प्रश्नों के उत्तर उसी प्राधिकृत माध्यम में लिखे जाने चाहिए जिसका उल्लेख आपके प्रवेश-पत्र में किया गया है, और इस माध्यम का स्पष्ट उल्लेख प्रश्न-सह-उत्तर (क्यू.सी.ए.) पुस्तिका के मुख-पृष्ठ पर निर्दिष्ट स्थान पर किया जाना चाहिए । प्राधिकृत माध्यम के अतिरिक्त अन्य किसी माध्यम में लिखे गए उत्तर पर कोई अंक नहीं मिलेंगे।

प्रश्नों में शब्द सीमा, जहाँ विनिर्दिष्ट है, का अनुसरण किया जाना चाहिए ।

जहाँ आवश्यक हो, आरेख / चित्र उत्तर के लिए दिए गए स्थान में ही दर्शाइए ।

प्रश्नों के उत्तरों की गणना क्रमानुसार की जाएगी । यदि काटा नहीं हो, तो प्रश्न के उत्तर की गणना की जाएगी चाहे वह उत्तर अंशतः दिया गया हो । प्रश्न-सह-उत्तर पुस्तिका में खाली छोड़ा हुआ पृष्ठ या उसके अंश को स्पष्ट रूप से काटा जाना चाहिए ।

खण्ड A

1. (a) चित्र 1(a) में दिखाए गए परिपथ के लिए, धेचेनिन के प्रमेय (सिद्धांत) का उपयोग करते हुए 52 के प्रतिरोधक में प्रवाहित विद्युत् धारा ज्ञात कीजिए एवं इसका सत्यापन अध्यारोपण के प्रमेय (सिद्धांत) का उपयोग करके कजिए।

(b) एक सतत समय (काँटेन्यूअस टाइम) सिंग्नल x(1) चित्र 1(b) में दर्शाया गया है। निम्न सिग्नलों में से प्रत्येक को दर्शाइए एवं चिह्नित कीजिए ।

(i) x(t) u(2-t)
(ii) x(t) d(t-7/2)

(c) दिखाइए कि किसी विरूपणहीन संचरण लाइन के लिए क्षीणनांक a उसकी आवृत्ति पर निर्भर नहीं होता, जबकि फेज़ स्थिरांक b इस पर रैखिक अनुपात में निर्भर होता है।
(d) चिन्न 1(d) में दिए गए परिपथ के लिए।

(i) आगम एवं निर्गम तरंग-रूप दशाइए;
(ii) निर्गम वोल्टेज तरंग-रूप का औसत मान ज्ञात कीजिए।
परिपथ में डायोड को आदर्श मानिए।

(e) एक 15 hp, 220 V, 3-फेजा, 50-Hz, 6-पोल, Y-कनेक्टेड प्रेरण मोटर के प्रति फेज़ प्राचल नीचे दिए गए है।

r1 = 0.128 W, r2 = 0.0935 W, (x1 + x2) = 0.496 W, re = 183 W, xf = 8 W

घूर्णात्मक हानियाँ, स्टेटर क्रोड हानियों (हिस्टेरिसिस और भंवर-धारा) के बराबर हैं। 30% स्लिप के लिए लाइन धारा एवं पावर फेक्टर ज्ञात कीजिए।

2. (a) बूलीय फलन

F (W, X, Y, Z) = [0, 2, 5, 6, 7, 8, 10, 13)

के लिए -
(i) सभी प्राइम इप्लिकेन्टों को प्राप्त कीजिए;
(ii) न्यूनतम अभिव्यक्ति दीजिए;
(iii) केवल NAMD गेट का उपयोग करते हुए न्यूनतम द्वि-स्तरीय प्रापण निरूपित कीजिए।

(b) (i) अपरिमित संचरण लाइन का क्या तात्पर्य है? साथ ही, संचरण लाइन की 'विद्युत् लम्बाई' पद की व्याख्या कीजिए। इसको किस इकाई में मापा जाता है?
(ii) 1 MHz पर कार्य कर रहीं 20 मीटर लंबी संचरण लाइन की विद्युत् लम्बाई का निर्धारण कीजिए, यदे लाइन पर u = 0.7c है। मान लीजिए c = 3x108 m/s.

(c) प्रायिकता घनत्व फलन के गुणों की विवेचना कीजिए। सामान्य वितरण में क्या अतिरिक्त चिशेषताएँ होती हैं?

3. (a) एक 30-kVA, 2400/240 V, 50-Hz, एकल-फेज़ ट्रांसफॉर्मर में निम्नलिखित परीक्षण कि प्राप्त किए।

विवृत-परिपथ परीक्षण : V=2400 V , I= 0.3 A, P = 230 W
लघु-पथ परीक्षण : V=70 V , I= 18.8 A, P = 1050 W

प्राइमरी बोल्टेज, वास्तविक एवं प्रतिघाती पावर निवेश और दक्षता ज्ञात कीजिए, जज 240 V पर 12.5 A की धारा कम बोल्टेज के पाश्र्व से 0.8 लैगिंग पावर फैक्टर के भार (नोड) द्वारा ची जाती है।

(b) एक त्रि-फैज़ अनियंत्रित डायोड रेक्टिफायर 10 A की स्थिर भार (लोड) धारा प्रदान करता है एवं इसकी लाइन-इ-लाइन सप्लाई (प्रदाय) वोल्टेज 400 V है। निम्न निष्पादन माप को ज्ञात कीजिए :

(i) औसत निर्गम वोल्टेज
(ii) प्रदाय आर० एम० एस० धारा
(iii) प्रदाय मूल आर० एम० एम० धारा
(iv) प्रदाय 3वाँ, 5वीं, 7वाँ एवं 9वाँ हार्मोनिक आर० एम० एस० धारा
(v) प्रदाय धारा विस्थापन गुणक
(vi) प्रदाय पावर फैक्टर
(vii) ए० सी० पावर (प्रदाय पावर)
(viii) डी० सी० पावर (लोड पावर)

(c) चिन्न 3(c) में दर्शाए गए R-L-C परिपथ पर विचार कीजिए, जहाँ


4. (a) एकल पार्श्व-बैंड (SSB) मॉडुलन और द्वि-पार्श्व-बैंड निरुद्ध वाहक (DSB-SC) माँडुलन में भेद दशति हुए इनकी विजेचना कीजिए। किसी भी पसंदीदा बेसबैंड सिग्नल तरंग-रूप के लिए DSB-SC: मांडालत तरंग-रूप तथा सबैंड एवं DSB-SC मोंडुलित तरंग का स्पेक्ट्रम दर्शाइए।
(b) फलन f(t) = u (sin2t) का लाप्लास ट्रांसफॉर्म ज्ञात कीजिए।
(c) चित्र 4(c) में दिए गए परिपथ में V0, बिन्दु पर औसत वोल्टेज ज्ञात कीजिए :

खण्ड-B

5. (a) सिद्ध कीजिए कि AB+ BC + AC= AB+ BC
(b) एक औद्योगिक उपभोक्का 1 kW प्रेरण मोटर को 0.8 लैगिंग पावर फैक्टर पर और 200 V r.m.s. के स्रोत वोल्टेज पर प्रचालित कर रहा है। पाकर खपत पर खर्च कम करने के लिए वह इसका पावर फैक्टर 0.95 लैर्गि। तक बढ़ाने के लिए भार के समानांतर सर्किट एलिमेन्ट जोड़ता है। सर्किट एलिमेन्ट का प्रकार (प्रेरगिक अथवा धारिता) बताइए तथा 50 Hz प्रचालन आवृत्ति पर इसका मान ज्ञात कीजिए।
(c) (i) बूस्ट इन्डक्टर में प्रवाहित विद्युत् धारा और वोल्टेज तरंग-रूम के साथ बूस्ट कन्वर्टर की कार्यप्रणाली का वर्णन कीजिए। चालन (कंडक्यान) को सतत मान सकते हैं।
(ii) यूटि चक्र और निवेश वोल्टेज के पदों में इसका निर्गम बोल्टेज समीकरण व्युत्पन्न कीजिए।

(d) एक ऐप्लिट्यूड मॉडुलित सिमल, जिसे रालोस्कोप पर देखा गया, 44 V शिखर-से-शिखर तक का शिखर वोल्टेज रखता है। तरंग के तल (अथवा द्रोणों) बिन्दु पर शिखर-से-शिखर तक का माम 6 V हैं। मॉडुलन गुणक, अतिशत मॉडुलन और शिवर-से-शिखर तक का अमांडुलित वाहक वोल्टेज ज्ञात कीजिए।
(e) एक द्वि-द्वार तंत्र के z-प्राचल (पैरामीटर्स) को, उसके ABCD प्राचलों के पदों में, ज्ञात कीजिए।

6. (a) (i) चित्र 6(a) में दिए गए परिपथ में, भार प्रतिरोधक में प्रवाहित होने वाली औसत विद्युत् धारा के मान की गणना कीजिए।
(ii) स्रोत से प्रवाहित होने वाली आर० एम० एस० धारा के मान को प्राप्त कीजिए।

(b) निम्न अंतर समीकरण द्वारा वर्णित हेतुक देखीय समय निश्चर तंत्र के लिए अंतरण फलन और उससे आवेग अनुक्रिया का निधारण कीजिए :

y[n] - 1/4 y[n-1] - 3/8 y[n-2] = -x [n] + 2x [n-1]

(c) (i) 0P-AMP प्रयुक्त बीन ब्रिज ऑसिलेर का परिपथ चित्र बनाइए।
(ii) यदि कैपेसिटर का मान 0.1 uF हो, तो 1115 Hz के अविरत दोलन के लिए R का मान ज्ञात कीजिए।

7. (a) में स्थान में विद्युतीय क्षेत्र एवं चुबकीय क्षेत्र निम्म समीकरण द्वारा दर्शाए गए हैं :

इन क्षेत्रों को ज़ार रूप में अभिव्यक्त कीजिए और स्थिरांकों Ho एवं b को ज्ञात कीजिए जिससे कि ये क्षेत्र मैक्सवेल के समीणों का पालन कर सकें। रिक्त स्थान की चुबकलता और विद्युत्शीलता क्रमशः 4px10-7 Hrn और 8. 854x10-12 F/m हैं।

(b) J-K फ्लिप-लॉप का इस्तेमाल करते हुए अवस्था संक्रमण चित्र और प्राण प्राप्त कीजिए, जिससे कि निम्न श्रृंखला में मई में की गणना की जा सके ।

000, 001, 011, 100, 101, 111

(c) एक 230-V, 10-hp डी सी सीरीज़ मोटर 36 A का लाइन धारा लेती है जब वह अपना निर्धारित पावर, निर्धारित गति 1200 r.p.m पर प्रदान करे। आर्मेचर मार्केट प्रतिरोध 0.2 W और सीरीज़ फील्ड इन का प्रतिरोध 0.1 W हैं। चुंबकीय बक्र को कैविक माना जा सकता है।

(i) यदि यह मोटर 20 A लाइन धारा लेती है, तो इसकी गति ज्ञात कीजिए।
(ii) इस नई अवस्था में कितना बलाघूर्ण (टॉर्क) विकसित होता है?

8. (a) एक 400-V, 3-फेज़ संतुलित स्रोत एक ऐसे असंतुलित D-कनेक्टेड भार से जुड़ा है, जिसकी प्रतिबाधाएँ Zab = 10<+ 45oW, Zbc = 10<0o W और Zca = 10<-45o W हैं। लाइन धाराएँ (फेज़र रूप में), कुल सक्रिय (वास्तविक) और प्रतिघाती मावर ज्ञात कीजिए।
(b) (i) 0P-AME का उपयोग करते हुए एक बैंडपास फिल्टर का परिपथ चित्र बनाइए। इसके प्राचल  fL= 300 Hz, fH =2 kHz हैं एवं पारक पट्ट लब्धि (पासबैंडू गेन) 4 है।
(ii) यदि कैपेसिटर का मान 0.01 uF है, तो Q का मान ज्ञात कीजिए।

(c) स्थावर एवं स्थिरेतर यादृच्छिक, प्रमों में अंतर स्पष्ट कीजिए। स्थाबर यादृच्छिक अक्रमों के प्रथम और द्वितीय क्रम । के वितरण फलन के गुणों का वर्णन कीजिए।

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(Download) संघ लोक सेवा आयोग सिविल सेवा - मुख्य परीक्षा रसायन-विज्ञान (Paper - 2) - 2017


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रसायन विज्ञान
(प्रश्न पत्र - II)

निर्धारित समय : तीन घंटे

अधिकतम अंक : 250

प्रश्न-पत्र सम्बन्धी विशेष अनुदेश

कृपया प्रश्नों के उत्तर देने से पूर्व निम्नलिखित प्रत्येक अनुदेश को ध्यानपूर्वक पढ़े :

इसमें आठ (8) प्रश्न हैं जो दो खण्डों में विभाजित हैं तथा हिन्दी और अंग्रेज़ी दोनों में छपे हैं ।

परीक्षार्थी को कुल पाँच प्रश्नों के उत्तर देने हैं।

प्रश्न संख्या 1 और 5 अनिवार्य हैं तथा बाकी में प्रत्येक खण्ड से कम-से-कम एक प्रश्न चुनकर किन्हीं तीन प्रश्नों के उत्तर दीजिए । प्रत्येक प्रश्न/भाग के अंक उसके सामने दिए गए हैं ।

प्रश्नों के उत्तर उसी प्राधिकृत माध्यम में लिखे जाने चाहिए जिसका उल्लेख आपके प्रवेश-पत्र में किया गया है, और इस माध्यम का स्पष्ट उल्लेख प्रश्न-सह-उत्तर (क्यू.सी.ए.) पुस्तिका के मुख-पृष्ठ पर निर्दिष्ट स्थान पर किया जाना चाहिए । प्राधिकृत माध्यम के अतिरिक्त अन्य किसी माध्यम में लिखे गए उत्तर पर कोई अंक नहीं मिलेंगे।

प्रश्नों में शब्द सीमा, जहाँ विनिर्दिष्ट है, का अनुसरण किया जाना चाहिए ।

जहाँ आवश्यक हो, आरेख / चित्र उत्तर के लिए दिए गए स्थान में ही दर्शाइए ।

प्रश्नों के उत्तरों की गणना क्रमानुसार की जाएगी । यदि काटा नहीं हो, तो प्रश्न के उत्तर की गणना की जाएगी चाहे वह उत्तर अंशतः दिया गया हो । प्रश्न-सह-उत्तर पुस्तिका में खाली छोड़ा हुआ पृष्ठ या उसके अंश को स्पष्ट रूप से काटा जाना चाहिए ।

खण्ड़ A

Q1. (a) निम्नलिखित उदाहरणों को ऐरोमैटिक, प्रति-ऐरोमैटिक एवं अन-ऐरोमैटिक में वर्गीकृत कीजिए । साथ ही अपने उत्तर को उचित भी सिद्ध कीजिए।

(b) उत्पादों A और B की संरचनाएँ लिखिए तथा इन रूपांतरणों [(i) और (ii)] के प्रत्येक मुख्य/गौण उत्पादों का उल्लेख और औचित्य-प्रतिपादन कीजिए।

(c) निम्नलिखित अभिक्रिया के उत्पाद को लिखिए और इसके बनने के क्रियाविधिक मार्ग को चित्रित कीजिए।

(d) C तथा D की संरचनाओं को बताइए और उनके बनने का उल्लेख कीजिए ।

(e) निम्नलिखित अभिक्रियाओं में से प्रत्येक के उत्पाद की संरचना को उपयुक्त त्रिविम-रसायनी निष्कर्ष के द्वारा लिखिए और अपने उत्तरों को एफ.एम.ओ. सिद्धान्त की सहायता से उचित सिद्ध कीजिए।

Q2. (a) प्रत्येक में अंकित कार्बन [*] की स्थिति दर्शाते हुए, E से H तक की संरचनाओं को प्रस्तुत कीजिए ।

(b) 3,5-डाइमेथिल-4-नाइट्रोफीनॉल और 2,6-डाइमेथिल-4-नाइट्रोफीनॉल में से कौन-सा एक अधिक अम्लीय है और क्यों ?
(c) I से K तक की संरचनाओं को लिखिए । नीचे उल्लिखित रूपांतरणों के एक चरण पर पुनर्विन्यास हो रहा है । उसका नाम लिखिए और उसके संगत क्रियाविधि बताइए ।

(d) निम्नलिखित अभिक्रियाओं में से प्रत्येक के उत्पाद का पूर्वानुमान कीजिए और प्रत्येक रूपांतरण की क्रियाविधि लिखिए ।

Q3. (a) क्या होता है जब 2,4-पेन्टाडाइऑन की अभिक्रिया MeMgl के एक तुल्यांक से होती है ? आप उल्लिखित डाइऑन को 2,4-हेक्साडाइऑन में कैसे रूपांतरित कर सकते हैं ?
(b) दो एकसमान ऐल्किल समूहों को रखने वाले तृतीयक ऐल्कोहॉल को बनाने की विधि लिखिए। साथ ही प्राथमिक, द्वितीयक और तृतीयक ऐल्कोहॉलों को विभेदित करने वाली एक विधि लिखिए ।
(c) L से N तक की त्रिविम संरचनाएँ लिखिए तथा N के विशिष्ट घूर्णन पर टिप्पणी कीजिए । आरम्भिक ऐल्कोहॉल का विशिष्ट घूर्णन + x है ।

(d) निम्नलिखित रूपांतरणों में से प्रत्येक के उत्पाद/उत्पादों की संरचना लिखिए और प्रत्येक अभिक्रिया का नाम लिखिए ।

(e) निम्नलिखित अभिक्रिया के उत्पाद की संरचना लिखिए और क्रियाविधि को चित्रित कीजिए ।

Q4. (a) निम्नलिखित अभिक्रियाओं के अनुक्रम के उपरान्त प्राप्त अंत्य उत्पाद का पूर्वानुमान कीजिए और साथ ही सदृश्य सत्याभासी क्रियाविधिक मार्ग भी सुझाइए ।

(b) क्रियाविधि के साथ उत्पाद/उत्पादों का पूर्वानुमान कीजिए और अपने उत्तर को उचित सिद्ध कीजिए।

(c) निम्नलिखित रूपांतरणों के लिए अभिकर्मकों के नाम और अभिक्रिया (i) की क्रियाविधि लिखिए ।

(d) उत्पाद/उत्पादों का पूर्वानुमान कीजिए और अभिक्रियाओं की त्रिविम-रसायनी आवश्यकता की विवेचना करते हुए अपने उत्तर का औचित्य सिद्ध कीजिए ।

(e) निम्नलिखित रूपांतरणों में से प्रत्येक के लिए आवश्यक विशिष्ट अभिकर्मकों के नाम लिखिए । 'त्रिविम-विशिष्ट (स्टीरियोस्पेसिफिक) तथा ‘त्रिविम-वरणात्मक (स्टीरियोसेलेक्टिव) में से कौन-सा एक प्रत्येक अभिक्रिया के लिए उपयुक्त होगा ?

खण्ड़ B

Q5. (a) किस कारण से हाइड्रोजन की संगठित 1,3-सिग्माट्रॉपिक शिफ्ट ऊष्मीय तौर पर वर्जित है, व्याख्या कीजिए तथा सिग्माट्रॉपिक पुनर्विन्यास अभिक्रियाओं के लिए वुडवर्ड-हॉफमान वरण नियम प्रस्तुत कीजिए।
(b) आप निम्नलिखित अभिकारक को कैसे दो-चरणों वाले प्रक्रम द्वारा उत्पाद में रूपांतरित करेंगे ? साथ ही क्रियाविधि भी बताइए ।

(c) निम्नलिखित अभिक्रिया के लिए उत्पाद लिखिए एवं इसके बनने की क्रियाविधि बताइए कि किस प्रकार का योग c= ०( आबंध पर होगा ।।

(d) एक रेजियो विशिष्ट (रेजियो स्पेसिफिक) अभिक्रिया की परिभाषा दीजिए। आप किस प्रकार से ऐनिलीन को p-फेनिलीन डाइऐमीन में परिवर्तित करेंगे ?
(e) निम्नलिखित यौगिकों के युगलों को IR स्पेक्ट्रमिकी के उपयोग से आप कैसे विभेदित कर सकते हैं ?

(i) सैलिसिलिक अम्ल एवं p-हाइड्रॉक्सी बेन्ज़ोइक अम्ल
(ii) प्रोपिऑन-ऐल्डिहाइड एवं ऐसीटोन

Q6. (a) निम्नलिखित अभिक्रियाओं के उत्पादों का पूर्वानुमान कीजिए ।

(b) (i) पेन्टाडाइ-ईनिल ऋणायन, तथा
(ii) पेन्टाडाइ-ईनिल धनायन के तापीय चक्रीकरण का त्रिविम-रसायनी मार्ग क्या होगा ?

(c) निम्नलिखित अभिक्रियाओं के उत्पादों को लिखिए ।

(d) यौगिक A तथा B के प्रकाश-विकार्बनीकरण (फोटोडिकार्बोनिलेशन) के परिणामस्वरूप I तथा II (A से) और III तथा IV (B से) बनते हैं। इनकी संरचनाओं को बताइए ।

(e) न्यूक्लियोसाइडों एवं न्यूक्लियोटाइडों की संरचनाएँ दीजिए और साथ ही डी.एन.ए. और आर.एन.ए. की प्राथमिक (मौलिक) संरचनाओं की विवेचना कीजिए ।

Q7. (a) (i) निम्नलिखित प्रकाश-रसायनिक अभिक्रिया के लिए मध्यवर्ती तथा संभावित उत्पादों को लिखिए ।

(ii) 1-ब्रोमोप्रोपेन तथा 2-ब्रोमोप्रोपेन के लिए आप कितने एच. एन.एम.आर. सिग्नलों की अपेक्षा करते हैं ? उनके विपाटन प्रतिरूप का विवरण दीजिए।
(iii) IR स्पेक्ट्रमिकी का उपयोग करके निम्नलिखित यौगिकों में आप कैसे भेद करेंगे ? इनमें से कौन cm-1 में अधिक तरंग संख्या (वेव नंबर) का अवशोषण करेगा, और
क्यों ?

(b) यू.वी. स्पेक्ट्रमी अध्ययन का उपयोग करके स्टिलबीनों के सिस एवं ट्रान्स समावयवों (आइसोमरों) के बीच आप कैसे भेद करेंगे ? व्याख्या कीजिए।
(c) प्राकृतिक रबर, पॉलिस्टाइरीन और टेफ्लॉन की पुनरावर्ती इकाइयों की संरचनाएँ लिखिए । टैरोलीन तथा पी.वी.सी. (PVC) को आप कैसे बनाएँगे ? ।

Q8. (a) निम्नलिखित विषमचक्रीय यौगिकों के संश्लेषण के लिए उपयुक्त आरंभिक यौगिकों और संरचनाओं का सुझाव दीजिए ।


(b) निम्नलिखित यौगिकों के लिए M+ के शिखरों तथा द्रव्यमान स्पेक्ट्रमी खंडन का पूर्वानुमान कीजिए ।

(c) निम्नलिखित अभिक्रिया में उत्पाद को पहचानिए और उत्पाद के निर्माण की क्रियाविधि का वर्णन कीजिए ।

(d) एक अज्ञात कार्बनिक यौगिक जिसका आण्विक सूत्र CH,00, है, निम्नलिखित स्पेक्ट्रमी आँकड़े दर्शाता है.
UV : 270 nm; IR : 1680 cm-1
1
H NMR : 67:6 (2H, d, J = 8 Hz), 6-9 (2H, d, J = 8 Hz), 3-9 (3H, s), 2-0 (3H, s).
यौगिक की संरचना को निगमित कीजिए।

(e) निम्नलिखित यौगिकों को आप कैसे बनाएँगे ?

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Printed Study Material for IAS Mains General Studies

UPSC सामान्य अध्ययन प्रारंभिक एवं मुख्य परीक्षा (Combo) Study Kit

सामान्य अध्ययन सिविल सेवा मुख्य परीक्षा अध्ययन सामग्री (GS Mains Study Kit)

(Download) संघ लोक सेवा आयोग सिविल सेवा - मुख्य परीक्षा रसायन-विज्ञान (Paper - 1) - 2017


संघ लोक सेवा आयोग सिविल सेवा - मुख्य परीक्षा
(Download) UPSC IAS Mains Exam Paper - 2017 : रसायन विज्ञान (Paper - 1)


रसायन विज्ञान
(प्रश्न पत्र - I)

निर्धारित समय : तीन घंटे

अधिकतम अंक : 250

प्रश्न-पत्र सम्बन्धी विशेष अनुदेश

कृपया प्रश्नों के उत्तर देने से पूर्व निम्नलिखित प्रत्येक अनुदेश को ध्यानपूर्वक पढ़े :

इसमें आठ (8) प्रश्न हैं जो दो खण्डों में विभाजित हैं तथा हिन्दी और अंग्रेज़ी दोनों में छपे हैं ।

परीक्षार्थी को कुल पाँच प्रश्नों के उत्तर देने हैं।

प्रश्न संख्या 1 और 5 अनिवार्य हैं तथा बाकी में प्रत्येक खण्ड से कम-से-कम एक प्रश्न चुनकर किन्हीं तीन प्रश्नों के उत्तर दीजिए । प्रत्येक प्रश्न/भाग के अंक उसके सामने दिए गए हैं ।

प्रश्नों के उत्तर उसी प्राधिकृत माध्यम में लिखे जाने चाहिए जिसका उल्लेख आपके प्रवेश-पत्र में किया गया है, और इस माध्यम का स्पष्ट उल्लेख प्रश्न-सह-उत्तर (क्यू.सी.ए.) पुस्तिका के मुख-पृष्ठ पर निर्दिष्ट स्थान पर किया जाना चाहिए । प्राधिकृत माध्यम के अतिरिक्त अन्य किसी माध्यम में लिखे गए उत्तर पर कोई अंक नहीं मिलेंगे।

प्रश्नों में शब्द सीमा, जहाँ विनिर्दिष्ट है, का अनुसरण किया जाना चाहिए ।

जहाँ आवश्यक हो, आरेख / चित्र उत्तर के लिए दिए गए स्थान में ही दर्शाइए ।

प्रश्नों के उत्तरों की गणना क्रमानुसार की जाएगी । यदि काटा नहीं हो, तो प्रश्न के उत्तर की गणना की जाएगी चाहे वह उत्तर अंशतः दिया गया हो । प्रश्न-सह-उत्तर पुस्तिका में खाली छोड़ा हुआ पृष्ठ या उसके अंश को स्पष्ट रूप से काटा जाना चाहिए ।

खण्ड A

1. (a) अनुनाद ऊर्जा क्या है ? वे कौन सी दशायें हैं संरचनाओं के अनुनाद को जो अनुमत करती हैं ? CO2-3 आयन के उदाहरण से अनुनाद पर चर्चा कीजिए।
(b) एक आदर्श गैस के लिए, अणु की चाल का वितरण नियम है,

जहाँ,
dNc = चाल रेन्ज c से (c+ dc) में अणुओं की संख्या है ।
N = अणुओं की कुल संख्या है ।
m = आण्विक संहति है ।
T = केल्विन स्केल में ताप है ।
इस गैसीय निकाय की प्रायिकतम चाल के लिए व्यंजक को व्युत्पन्न कीजिए।

(c) जूल टामसन गुणांक (mJT) की परिभाषा दीजिए । SI पद्धति में इसकी इकाई क्या है ? दर्शाइए कि

(d) (i) चार प्रावस्था का सल्फर निकाय (साम्य अवस्था में) असंभव है । व्याख्या कीजिए।
(ii) ठोस सल्फर खुले पात्र में गर्म करने पर पिघलती है परन्तु ठोस आयोडीन का ऊर्ध्वपातन होता है । व्याख्या कीजिए।

(e) डेबाई हुकेल सीमान्त समीकरण को उसके प्रतीकों की सार्थकताओं तथा इकाइयों के साथ लिखिए । 0.1 M NaCl (जलीय) विलयन के लिए 25°C पर माध्य आयनिक सक्रियता गुणांक का परिकलन कीजिए । डेबाई हुकेल नियतांक (A) है, 0.51 mol-1/2 L1/2

2. (a) (i) श्यानता गुणांक के घात क्या होते हैं ? इसकी SI मात्रक प्रणाली में इकाई क्या है ? आदर्श गैस के श्यानता गुणांक पर ताप का प्रभाव सकारात्मक होता है । व्याख्या कीजिए ।
(ii) गैर-आदर्श गैस के लिए, बायल ताप की परिभाषा दीजिए । वान्डरवाल्स गैस के लिए इसका व्यंजक निकालिए ।

(b) 2 मि.मि. व्यास के दो सर्वसम मरकरी बिन्दुकों का एक बिन्दुक में समतापीय विलय करने पर सतह क्षेत्र तथा ऊर्जा में परिवर्तन ज्ञात कीजिए । दिया है; प्रयोग के ताप पर मरकरी का पृष्ठ तनाव 490 dyne cm-1 है ।

(c)

3. (a) (i) एक कप में गर्म चाय की नियत मात्रा का, स्थिर-दाब पर, ताप स्वतः घट कर कमरे के ताप पर आ जाता है । इस प्रक्रम में (I) DH तथा (II) DG के चिह्न क्या होंगे ? अपने उत्तर के समर्थन में कारण दीजिए ।
(ii) एक विद्युत् रासायनिक अभिक्रिया के लिए DG (J mol-1) का ताप T (K) के साथ सम्बन्ध है, DG = a + bT+ cT2 जहाँ a, b तथा c स्थिरांक हैं और T से स्वतंत्र हैं।

(I) a, b तथा c की इकाइयां क्या हैं ?
(II) DS तथा DH के लिए, T के फलन के रूप में, व्यंजक ज्ञात कीजिए।

(b) आंशिक मोलर गिब्स मुक्त ऊर्जा की परिभाषा दीजिए । इसकी SI मात्रक प्रणाली में इकाई क्या है ? क्या यह एक मात्रा स्वतंत्र गुणधर्म है ? तर्कसंगत उत्तर दीजिए। इसके मान को प्रभावित करने वाले कारक कौन से हैं ?
(c) पोलोनियम का घनीय समुदाय में क्रिस्टलीकरण होता है । 0.154 nm तरंग दैर्ध्य की X-किरणों का प्रथम कोटि का बैग परावर्तन sinq के मानों 0.225, 0.316 तथा 0.388 पर, (100), (110) तथा (111) तलों से क्रमशः होता है । घनीय क्रिस्टल का वर्ग (SC or BCC or FCC) तथा एकक सेल की धार लम्बाई का निर्धारण कीजिए।

4. (a) (i) लम्बाई 4 के एक विमीय बाक्स में एक कण के लिए शून्य तथा a/2 के मध्य स्थित होने की। प्रायिकता का परिकलन कीजिए।
(ii) 1s आर्बिटल के लिए पूर्ण तरंग फलन लिखिए और इसकी आकृति व्युत्पन्न कीजिए ।

(b) NO के अनुचुम्बकत्व की, इसके आण्विक आर्बिटल आरेख के साथ, व्याख्या कीजिए।
(c) संयोजकता आबन्ध सिद्धान्त का उपयोग करते हुए XeF4 में दो एकाकी इलेक्ट्रान युग्मों को सही ठहराइए ।

खण्ड 'B'

5.(a) शून्य कोटि की अभिक्रिया के लिए, आरेनिअस समीकरण, उसके प्रतीकों के नाम तथा SI मात्रक प्रणाली में उनकी इकाइयाँ लिखिए । दर नियतांक का उच्च ताप पर सीमांत मान क्या होता है ?
(b) अणु की उत्तेजित एकक अवस्था के लिए ISC (अन्तः निकाय क्रासिंग) क्या है ? जैबलोन्सकी आरेख का उपयोग कर उत्तर दीजिए।
(c) स्थिर दाब तथा ताप पर एक गैस का ठोस सतह पर अधिशोषण स्वतः हो जाता है । इस प्राकृतिक प्रक्रम के लिए (i) DG, (ii) DS तथा (iii) DH के चिन्ह क्या होंगे ? अपने उत्तर के समर्थन के लिए कारण प्रस्तुत कीजिए।
(d) फेरोसीन के निम्नलिखित गुणों की व्याख्या कीजिए :

(i) Cp वलय का सरलता से इलेक्ट्रानस्नेही प्रतिस्थापन ।
(ii) इसका कोबाल्टोसीन की तुलना में कठिन आक्सीकरण ।

(e) "लैन्थेनाइड (III) आयनों का चुम्बकीय आघूर्ण प्रायः स्पिन अवस्थाओं के आधार पर प्रागुक्त मान से भिन्न होता है"। व्याख्या कीजिए।

6. (a) (i) उत्प्रेरण होने के लिए तथा सतह उत्प्रेरण के विशेष संदर्भ में अनिवार्य अभिलक्षण क्या हैं ?
(ii) रासायनिक अभिक्रिया की सक्रियण ऊर्जा, E, की परिभाषा दीजिए। एक गैसीय प्रावस्था अभिक्रिया 27°C पर 30 मिनट में 25% पूर्ण होती है और 37°C पर इतनी ही 10 मिनट में होती है । Ea का मान SI मात्रक प्रणाली में ज्ञात कीजिए ।

(b) किसी एक तरंग दैर्घ्य के प्रकाश का उपयोग करने पर एक पदार्थ (मोलर संहति 294 g mol-1) का विलयन आपतित प्रकाश के 80% का पारगमन कर देता है । विलयन की mol L-1 में सान्द्रता ज्ञात. कीजए । दिया है, स्पेक्ट्रोफोटोमीटर ट्यूब की प्रकाशीय पथ लम्बाई 1.0 cm है और पदार्थ की अवशोषकता 2.0 L g-1 cm है ।
(c) जलीय विलयन में NH आयन की 298 K पर गतिशीलता 7.62 x 10-8m2s-1V-1 है । परिकलन कीजिए इसकी (i) मोलर चालकता (ii) 25.0 cm दूरी पर स्थित इलेक्ट्रोडों के मध्य गति यदि इन पर 15-0 V का विभव लगा दिया जाय । CH3COONH, (जलीय) में आयनों के अभिगमनांकों का परिकलन कीजिए यदि इसी अवस्था में CH3COO आयनों की गतिशीलता 4-24 x 10-8m2s-1V-1 है ।

7. (a) (i) वासका के उत्प्रेरक को संरचना सहित लिखिए और इसके HCI तथा आक्सीजन के साथ उपचायी संकलन को दर्शाइए ।
(ii) K4[Fe(CN)6] को सोडियम नाइट्रोपुसाइड में कैसे परिवर्तित करते हैं ? S2- के साथ सोडियम नाइट्रोनुसाइड की अभिक्रिया लिखिए ।

(b) साइटोक्रोमों में प्रॉस्थेटिक समूह की परिभाषा कीजिए । ये हीमोग्लोबिन से कैसे भिन्न होते हैं ? इनके मुख्य प्रकार्य क्या हैं ?
(c) सिलिकोन क्या है ? इनको कैसे प्राप्त किया जाता है ? कार्बसिलिकन बहुलकों के महत्वपूर्ण गुणधर्मों तथा अनुप्रयोगों का वर्णन कीजिए।

8. (a) (i) संकुलों में प्रयुक्त EAN नियम का अर्थ क्या है ? निम्नलिखित दो संकुलों [Fe(CN)6]4- तथा [Fe(CN)6]3- पर EAN नियम की संकल्पना को लागू कीजिए और इस नियम की बैधता के संदर्भ में अपना निष्कर्ष निकालिए ।
(ii) क्रिस्टल क्षेत्र सिद्धान्त की व्याख्या कीजिए । यह संयोजकता आबन्ध सिद्धान्त से कैसे भिन्न है ? [CoF6]3- अनुचुम्बकीय है और [Co(NH3)6]3+ प्रतिचुम्बकीय जबकि दोनों अष्टफलकीय हैं, इस तथ्य को यह सिद्धान्त कैसे स्पष्ट करता है ?

(b) लैन्थेनाइडों की अपेक्षा प्रारम्भिक ऐक्टिनाइडों में उच्च आक्सीकरण अवस्थायें आम होती हैं परन्तु अन्य एक्टिनाइडों की अपेक्षा ऐमेरिशियम तथा नोबेलियम की +2 आक्सीकरण अवस्था अधिक स्थिर होती है। व्याख्या कीजिए।
(c) वलय तथा श्रृंखला प्रकारों के सूत्रों के साथ फ़ॉस्फैज़ीन की प्ररिभाषा दीजिए । साइक्लो फ़ॉस्फैज़ीन के लिए दो प्रतिस्थापन अभिक्रियाओं के उदाहरण लिखिए ।

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